21 सितम्बर 2025, रविवार को उत्तराखंड में ग्रुप- सी के 416 पदों के लिए परीक्षा हुई। जिसके तहत पटवारी, लेखपाल, ग्राम विकास अधिकारी, आदि पदों के लिए सुबह 11 बजे परीक्षा शुरू हुई। परीक्षा शुरू होने के आधे घंटे बाद पेपर के स्क्रीन शॉट और उसके जवाब सोशल मीडिया में घूमने लगे।
खबर को सोशल मीडिया के जरिये उजागर करने वाले बॉबी पवार को गिरफ्तार किया गया। जन दबाव में रिहा करना पड़ा। इस मामले में हाकम सिंह व अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। यह वही हाकम सिंह है जो पूर्व में भी पेपर लीक मामले में गिरफ्तार हुआ था। तब तमाम विरोध के बावजूद हाकम सिंह को रिहा कर दिया गया। पिछली बार की तरह इस बार भी मामले की जांच एसआईटी को सौंप दी गई है।
पेपर लीक के खिलाफ छात्र 22 सितम्बर को राजधानी देहरादून में प्रदर्शन कर विरोध जताने और परीक्षा रद्द करने की मांग करेंगे।
उत्तराखंड में भाजपा की सरकार है। मुख्यमंत्री धामी भ्रष्टाचार के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' का फर्जी दावा करते हैं। पुष्कर धामी पेपर लीक पर असफलता नहीं स्वीकारते हैं, गिरफ्तारी पर खुद ही पीठ अपनी थपथपाते हैं। देश भर से बार-बार पेपर लीक की खबरें आ ही जाती हैं। इसी कड़ी में उत्तराखंड का uksssc पेपर लीक का मामला भी है। देखना होगा कि सरकार के कानों में छात्र संघर्ष से कुछ जूं रेंगती भी है या नहीं।
क्रांतिकारी अभिवादन के साथ
परिवर्तनकामी छात्र संगठन (पछास)
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