पिछले एक सप्ताह से गुजरात जल रहा है। हालात यहां तक पहुंच चुके हैं कि सरकार को सेना लगानी पड़ रही है। आगजनी और उपद्रव में अब तक 10 से अधिक लोग मारे जा चुके है। गुजरात में दबंग माने जाने वाले पटिदारों (पटेलों) की अपने लिए आरक्षण की मांग के लिए चलाए जा रहे आंदोलन के चलते ये परिस्थितियां पैदा हुयी है।
28 August 2015
20 August 2015
FTII के संघर्षरत छात्रों की गिरफ्तारी का विरोध करो!
अभी कुछ ही दिन बीते हैं जब लाल किले के प्राचीर से हमें आजादी के हसीन
ख्वाब दिखाए जा रहे थे। ये आजादी कितनी अधूरी है, इसे 1947 के बाद से ही आम
मेहनतकश जनता रोज-बा-रोज के अपनी जिंदगी के कटु अनुभवों से देखती आ रही
है। इन्हीं उदाहरणों में एक और इजाफा हुआ है। भारतीय फिल्म एण्ड टेलीविजन
संस्थान (FTII) पुणे, के 5 छात्रों को 18 अगस्त को आधी रात में पुलिस ने
गैर जमानती धाराओं में गिरफ्तार कर लिया। ये छात्र पिछले 68 दिनों से
संस्थान में गजेन्द्र चैहान समेत 5 अयोग्य
व्यक्तियों की नियुक्ति का विरोध कर रहे थे। इन पांचों को संघ व भाजपा से
जुड़े होने व संघी विचारधारा पर चलने के चलते इनाम स्वरूप ये पद दिए गए थे।
23 July 2015
शिक्षा के साम्प्रदायिकरण का विरोध करो! FTII के छात्रों का साथ दो!!
FTII ( भारतीय फिल्म एण्ड टेलीविजन संस्थान) पुणे, के छात्र पिछली 12 जून से हड़ताल पर हैं। उन्होंने ये कदम सरकार द्वारा गजेन्द्र चैहान को संस्थान का चेयरमैन बनाए जाने के विरोध में उठाया है। यही नहीं छात्र गवर्निंग बाॅॅडी में चुने गए 4 अन्य सदस्यों की नियुक्ति का भी विरोध कर रहे हैं। कला के नाम पर इन पांचों व्यक्तियों के पास संस्थान को देने के लिए कुछ भी नहीं है।
27 June 2015
मुजमिल फारूख को रिहा करो!
मुजमिल फारूख दार कश्मीरी विश्वविधालय के अंग्रेजी विभाग का तीसरे सेमेस्टर का छात्र है। जिसे 22 जून को क्लास समाप्त होने के बाद विश्वविधालय के गेट से पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस द्वारा मुजमिल की ये गिरफ्तारी 21 जून को विश्वविधालय में मनाए जा रहे ‘योग दिवस’ के विरोध में किए गए प्रदर्शन के ठीक एक दिन बाद की गयी।
14 June 2015
FTII के छात्रों का साथ दो!
फिल्म एण्ड टेजीविजन संस्थान(FTII), पुणे के छात्र पिछले शुक्रवार 11 जून से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। उन्होनें ये कदम सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा गजेन्द्र चैहान को FTII का चैयरमैन नियुक्त किए जाने की घोषणा के बाद से उठाया है। छात्र, गजेन्द्र चैहान की नियुक्ति का विरोध कर रहे हैं।
30 May 2015
IIT मद्रास में स्टूडेंट ग्रुप पर लगे बैन का विरोध करो।
IIT मद्रास(IITM) के अम्बेडकर-पेरियार स्टडी सर्किल(APSC) को डीन आफ स्टूडेंट(DoS) ने 22 मई को एक आदेश द्वारा डी-रिकोनाइज्ड(नामंजूर) कर दिया है। DoS ने अपने आदेश में कहा है कि यह ग्रुप IITM द्वारा दिए जा रहे अधिकारों का दुरूपयोग कर रहा था। DoS द्वारा यह कदम MHRD द्वारा 15 मई को IITM को भेजे गए एक पत्र के संदर्भ में उठाया गया। जिसमें APSC द्वारा बांटे गए पर्चे-पोस्टरों पर नफरत फैलाने का आरोप लगाते हुए जांच के आदेश दिए गए थे। और खुद MHRD द्वारा यह पत्र एक अनाम व्यक्ति की शिकायत को संज्ञान में लेते हुए भेजा गया था। जिसमें इस ग्रुप पर मोदी और हिन्दुओं के खिलाफ नफरत फैलाने का आरोप लगाते हुए इस पर कार्यवाही करने की मांग की गयी थी।
2 May 2015
भूकंप पीड़ित नेपाली मेहनतकशों की सहायता के लिए आगे आयें !
25 अप्रैल की दोपहर को नेपाल में आये भूकंप में व्यापक तबाही हुयी। हजारों लोग मारे गये और हजारों घायल हो गये। विस्थापितों की संख्या लाखों में है। संयुक्त राष्ट्र संघ के अनुसार ढाई करोड़ की आबादी वाले नेपाल में अस्सी लाख से ज्यादा लोग भूकंप की त्रासदी से प्रभावित हुए हैं।
28 April 2015
किसान आत्महत्याएंः आखिर रास्ता क्या है?
दिल्ली के जंतर-मंतर में आप पार्टी की रैली में एक किसान गजेन्द्र द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या करने की घटना ने पूरे देश का ध्यान इस समस्या की ओर मोड़ दिया। विभिन्न पूंजीवादी पार्टियां भाजपा-कांग्रेस-आप आदि घड़ियाली आंसू बहाते हुए पूरे मामले को परस्पर जूतम-पैजार तक सीमित कर देना चाहती हैं। वे दशकों से जारी किसानों की आत्महत्याओं के असली कारणों को छुपा लेना चाहती है।
8 April 2015
हाशिमपुरा हत्याकाण्डः 42 मुस्लिमों को किसी ने नहीं मारा
ये हमारा कहना नही। ये कहना है दिल्ली की निचली अदालत का। जिसने 1987 में मेरठ के मुस्लिम बहुल इलाके हाशिमपुरा में मारे गए 42 लोगों की हत्या के अभियुक्त बनाए गए सभी 16 PSC जवानों को बरी कर दिया है।
फैसले के बाद से न्याय की आस लगाए लोगों और मामले की हकीकत जानने वाले सभी लोगों की उम्मीदों को धक्का लगा है। तत्कालिन गाजीयाबाद के पुलिस अधिक्षक वी.एन.राय ने तो इस हत्याकाण्ड को उत्तर प्रदेश पुलिस के इतिहास में काला अध्याय कहा है।
फैसले के बाद से न्याय की आस लगाए लोगों और मामले की हकीकत जानने वाले सभी लोगों की उम्मीदों को धक्का लगा है। तत्कालिन गाजीयाबाद के पुलिस अधिक्षक वी.एन.राय ने तो इस हत्याकाण्ड को उत्तर प्रदेश पुलिस के इतिहास में काला अध्याय कहा है।
7 April 2015
माफियाराज के खिलाफ एकजुट हुए ग्रामवासी
सोहनसिंह ढिल्लन और उसके पुत्र डी.पी. सिंह द्वारा 31 मार्च को मुनीष कुमार और प्रभात ध्यानी पर कराये गये हमले के विरोध में माफियाराज के खिलाफ 6 अप्रैल को एक महापंचायत वीरपुर लच्छी गांव में आयोजित की गयी। महापंचायत में दूर-दूर से आये ग्रामिणों, संगठनों व सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवियों द्वारा हिस्सेदारी की गयी। महापंचायत में लगभग 700 लोगों द्वारा भागीदारी कर संघर्ष के साथ अपनी एकजुटता प्रदर्शित की। अस्वस्थ होने के बाबजूद प्रभात ध्यानी और मुनीष कुमार द्वारा महापंचायत में हिस्सेदारी की। अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद प्रभात ध्यानी आराम करने के बजाए महापंचायत में शामिल हुए। ग्रामवासियों द्वारा उनका जोरदार स्वागत किया गया।
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