6 November 2011

हरिद्वार गायत्री महाकुंभ में भगदड़ की घटना

6 नवंबर 2011/ हरिद्वार: 6 नवंबर से यहां शांतिकुंज ट्रस्ट की तरफ से श्री राम शर्मा की जन्मशताब्दी के मौके पर गायत्री महाकुंभ का आयोजन चल रहा था। इस आयोजन के दौरान कल भगदड़ मच गई जिसमें अखबारों के अनुसार बीस लोग मारे गए और सैकड़ों लोग घायल हो गए। परिवर्तनकामी छात्र संगठन इस दुखद परिघटना पर अपनी शोक संवेदना प्रकट करता है और साथ ही मृतकों के परिजनों के साथ अपनी एकजुटता व्यक्त करता है।
धार्मिक आयोजन के दौरान इस तरह की दुर्घटना कोई पहली नहीं है। इससे पहले भी पिछले कुछ सालों में सैकड़ों लोगों की जानें ऐसी दुर्घटनाओं के दौरान जा चुकी हैं। 2010 के महाकुंभ में मची भगदड़ में भी सैकड़ों लोग मारे गए थे। हालांकि सरकार ने मृतकों की संख्या को काफी कम करके बताया। हमारा मानना है कि कल की दुर्घटना के लिए आयोजकों तथा स्थानीय अधिकारियों पर गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया जाए। साथ ही में मृतकों और घायलों को तुरंत उचित मुआवजा प्रदान किया जाए।
गौरतलब हो कि जिस समय यह घटना हुई उस समय आयोजन में शिरकत करने के लिए राज्य के मुख्यमंत्री समेत की मंत्री और बड़े अधिकारी वहां मौजूद थे। यहां तक कि भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी भी वहां पर मौजूद थे। गडकरी ने पत्रकारों द्वारा उच्च स्तरीय जांच की बात कहने पर, उन्हें झिड़क दिया।
भाजपा, आरएसएस के अलावा सभी पार्टियों के नेता अपने वोट बैंक की खातिर पांड्या जैसे बाबा महात्माओं के साथ चिपके रहते हैं। उनकी गलत कारगुजारियों में उनकी मदद करते हैं। इस मामले में शासन-प्रशासन की लापरवाही का इससे बड़ा नमूना क्या होगा कि इतने बड़े आयोजन की, जिसमें लाखों लोग शामिल थे, सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी पुलिस के बजाय संस्था के स्वयंसेवकों के हाथ में थी। ये स्वयंसेवक ऐसे किसी आयोजन में आने वाली दिक्कतों के लिए प्रशिक्षित नहीं थे। अब इस लापरवाही के लिए सरकार के अलावा और कौन दोषी है ?
परिवर्तनकामी छात्र संगठन बाबा महात्माओं के बीच ज्यादा से ज्यादा भीड़ जुटाने की प्रतियोगिता की भी सख्त आलोचना करता है। सरकार द्वारा इस पोंगापंथी को बढ़ावा दिए जाने का भी हम विरोध करते हैं। हम सभी प्रगतिशील क्रांतिकारी विचारों के लोगों से अपील करते हैं कि वे इस तरह की पोंगापंथी विचारों के प्रचार-प्रसार का खुलकर विरोध करें और साथ ही इस बात को बी समझें की साल दर साल ऐसे आयोजन में मरने वालों की मौत के लिए भी ये ही लोग जिम्मेदार हैं।
इंकलाब जिंदाबाद!
द्वारा-
अध्यक्ष
परिवर्तनकामी छात्र संगठन
                                                                                                 

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