24 November 2011

हम मिश्र में सैनिक तानाशाही के खिलाफ चल रहे आंदोलन का पुरजोर समर्थन करते हैं

मिश्र के नौजवान एक बार फिर तहरीर चौक पर एकत्रित हो चुके हैं। इस बार उनके निशाने पर सैनिक तानाशाही है। पिछले पांच दिनों से सैनिक सरकार और विरोधियों के बीच जबरदस्त संघर्ष चल रहा है। सैनिक सरकार का मुखिया तंतवई विरोधियों के दमन पर उतरा हुआ है। अब तक पुलिस की गोलीबारी में दो दर्जन से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। लेकिन विरोधी जनता इस दमन के बावजूद घबरा नहीं रही है। उनके इरादे काफी मजबूत हैं।
परिवर्तनकामी छात्र संगठन मिश्र के बहादुर नौजवानों के इस संघर्ष में उनके साथ पूरी तरह से खड़ा है। हम तंतवई सरकार के द्वारा जनता के दमन का घोर विरोध करते हैं। मुबारक सरकार के पतन के बाद से ही तंतवई सरकार की कोशिश है कि मिश्र पर सेना का शिकंजा कमज़ोर न पड़ने पाए। इस षड़यंत्र में उसे अमेरिकी साम्राज्यवादियों का भी समर्थन मिल रहा है। मिश्र की जनता आज किसी भी ढंग का सैनिक शासन नहीं चाहती है। उसे भरोसा नहीं है कि तंतवई सरकार आगामी चुनावों में कोई वास्तविक जनतांत्रिक सरकार बनने देगी, इसीलिए जनता चाहती है कि चुनाव से पहले तंतवई सरकार खुद को बर्खास्त करके सत्ता किसी जनवादी निकाय को सौंपे।
पछास मानता है कि मिश्र की जनता की यह मांग जायज़ है। हम इस मांग का समर्थन करते हैं। हमें भरोसा है कि इस बार मिश्र की जनता बिना ठोस नीजे के तहरीत चौक नहीं छोड़ेगी। हम भारत के सभी छात्रों-नौजवानों का आह्वान करते हैं कि वे मिश्र की जनता के साथ अपनी मजबूत एकजुटता दिखाएं।
इंकलाब जिंदाबाद!
द्वारा-
अध्यक्ष
परिवर्तनकामी छात्र संगठन

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