24 December 2018

पूंजीवादी व्यवस्था के खिलाफ संघर्ष ही महिला हिंसा से रोकथाम करेगा


          महिला हिंसा की दो वीभत्स और क्रूर घटनायें पिछले दिनों घटी। एक घटना उत्तराखण्ड के पौड़ी जिले कि थी तो दूसरी घटना उत्तर प्रदेश के आगरा की। आगरा की छात्रा संजलि जहां 10वीं की छात्रा थी वहीं पौड़ी की छात्रा बी.एस.सी. द्वितीय वर्ष में पढ़ाई कर रही थी। दोनों ही घटनाओं में आरोपियों ने पीड़िता को जिन्दा जला दिया।जिन्दगी की जंग लड़ते हुए आगरा की छात्रा ने 20 दिसम्बर को तो पौड़ी की छात्रा ने 23 दिसम्बर को अंतिम सांस ली।

          10वीं की छात्रा की हत्या के कारणों का, आरोपियों का पता नहीं है परन्तु संदेह के घेरे में आये उसके चचेरे भाई ने आत्महत्या कर ली। वहीं पौड़ी की घटना में वहशी लम्पट, छात्रा से छेड़छाड़ कर रहा था और छात्रा के द्वारा विरोध करने पर उसने छात्रा को जिन्दा जला दिया।

12 December 2018

सरकार नहीं पूँजीवादी व्यवस्था को बदलने के लिए एकजुट हों!



              5 राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणाम

              मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, मिजोरम में हुए विधानसभा चुनाव के परिणाम आ गये। तीन बड़े राज्यों (मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़) में जहाँ कांग्रेस बहुमत या गठबंधन से सरकार बनाने जा रही हैं। वही मिजोरम में कांग्रेस की हार हुई और तेलंगाना में टी.आर.एस. (तेलगांना राष्ट्र समिति) दुबारा सत्ता में आ गई।
          मोदी-शाह-योगी की धुंआधार रैलियों के बावजूद मोदी-शाह की जोड़ी यहाँ जीत हासिल ना कर सकी। जैसा की हर बार ही होता है। जीत का शेहरा मोदी-शाह के सर बंधता हैं और हार का ठीकरा अन्य के। इस बार भी यही हुआ हार के बाद रमन सिंह, शिवराज सिंह आदि हार की जिम्मेदारी ले रहे हैं। भाजपा-संघ के नेता लगातार कह रहे है कि चुनावी परिणामों को मोदी के काम से जोड़कर ना देखा जाए। कुल मिलाकर इन विधान सभा चुनाव से भाजपा खेमे में खासी निराशा हैं। और 2019 के आम चुनावों के लिए उनकी चिंताए काफी बढ़ गयी हैं। 
          कांग्रेस पार्टी इस जीत को राहुल गाँधी के कुशल नेतृत्व के रूप में प्रचारित कर रही है। साथ ही मोदी के विरोध के रूप में भी दर्ज करवा रही है। कांग्रेस पार्टी चुनाव परिणाम को मोदी की विफल नीतियों का परिणाम साबित कर रही है।

4 December 2018

संघर्षरत इंटार्क मजूदरों के समर्थन में.....

        

 इंटार्क रूद्रपुर (उत्तराखण्ड) के मजदूर अपनी जायज मांगों के लेकर पिछले 4 माह से संघर्षरत हैं। उत्तराखण्ड सरकार उनकी जायज मांगों को मानने के बजाए पूंजीपतियों के साथ खड़ी है और हर तरह से आंदोलन का दमन करने में लगी है परिवर्तनकामी छात्र संगठन, इंटार्क के संघर्षरत मजदूरों के साथ अपनी एकजुटता जाहिर करते हुए उत्तराखण्ड सरकार से मांग करता है कि वो अपनी दमनकारी नीतियों को छोड़ते हुए मजदूरों की मांगों को जल्द से जल्द पूरा करें।


        पिछले चार माह से मजदूर कम्पनी द्वारा की जा रही अवैध कटौती और निलम्बन के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं। श्रम आयुक्त के मुताबिक वार्ता के दौरान यह वैध नहीं माना गया। फिर भी सरकार मालिक पर कोई कार्यवाही करने के बजाए मजदूरों का ही दमन करने पर उतारू है। 23 नवंबर से मजदूर अपने माता-पिता, पत्नी और दुधमुंहे बच्चों के साथ कंपनी के रूद्रपुर और किच्छा गेट पर धरना दिये बैठे हैं। 28 नवंबर से आमरण अनशन शुरू हो गया है। अनशनकारी श्रीमती अखिलेश, निहारिका और जरीना बेगम ने पूरे देश की जनता के नाम पर एक मार्मिक अपील की है कि "उनके आखिरी समय पर उन्हें स्थानीय भाजपा विधायक राजकुमार ठुकराल के आवास पर मरने के लिए छोड़ दिया जाये। उसके बाद उनकी मृत देह को पूरे हल्द्वानी शहर में घुमा कर भूतपूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान भाजपा सांसद भगत सिंह कोश्यारी के आवास पर जलाया जाए। 30 नवंबर को यह पत्र मोदी जी को भी भेजा गया है।" इसी में जिक्र किया गया है कि कंपनी के मैंनेजर मनोज रोहिल्ला और वर्मा कहते हैं कि उनके सीधे अरूण जेटली और भाजपा से संबंध हैं।