27 February 2025

Democracy | Rights | Barriers


                 लड़ो जामिया। ✊

     जामिया प्रशासन ने जामिया के आम छात्रों के मुद्दों को उठाने वाले स्टूडेंट एक्टिविस्ट्स को पहले कारण बताओ नोटिस दिया। फिर कैंपस में पुलिस बुलाकर उन छात्रों को पिटवाया, उन्हें थानों में बंद कराया और जब इससे भी प्रशासन का मन नहीं भरा तो लगभग 20 छात्रों को सस्पेंड कर उनकी निजी जानकारी सार्वजनिक कर दी गई। VC इन छात्रों को खुले मंच से "दुश्मन" कहते हैं।

     ये कैसी डेमोक्रेसी है जो यूनिवर्सिटी में अपने मुद्दों के लिए आवाज उठाने वाले छात्रों को दुश्मन बना देती है, उन्हें सस्पेंड कर देती है, उन्हें पुलिस से पिटवाती है?

     जामिया पिछले लंबे समय से संघ भाजपा की प्रमुख प्रयोगशाला बना हुआ है। खास तौर पर नए VC मजहर आसिफ के आने के बाद से छात्रों के जनवादी हकों पर लगातार हमले जारी हैं। समझा जा सकता है कि ऐसे संघ से जुड़े व्यक्ति को VC बनाने के पीछे सरकार की सोच क्या रही होगी। मजहर आसिफ का VC बनाया जाना उसी प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसके तहत देशभर के शिक्षण संस्थानों में संघ से जुड़े लोगों की घुसपैठ कराई जा रही है। और इस घुसपैठ से छात्रों के हकों पर डाका डाला जा रहा है। उनके न्यायपूर्ण स्वरों को कुचला जा रहा है। आज देश का कोई भी विश्वविद्यालय इस संघी घुसपैठ से बच नहीं पा रहा है। संघी घुसपैठ को छात्रों की व्यापक एकजुटता से ही रोका जा सकता है।



     परिवर्तनकामी छात्र संगठन जामिया में संघर्ष कर रहे तमाम छात्रों के साथ अपनी एकजुटता जाहिर करता है। हम ये मांग करते हैं कि सस्पेंड छात्रों का सस्पेंशन वापस हो और तमाम स्टूडेंट्स की विच हंटिंग पर तत्काल रोक लगे।


क्रांतिकारी अभिवादन के साथ
परिवर्तनकामी छात्र संगठन (पछास)

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