समर्थन पत्र
प्रति,
अध्यक्ष / सचिव
प्रोविजनल कमेटी, मारूति सुजुकी वर्कस यूनियन
मानेसर, हरियाणा
बहादुर साथियों,
आपके जुझारू संघर्ष को परिवर्तनकामी छात्र संगठन की ओर से क्रान्तिकारी सलाम। साथियों शासन - प्रशासन - प्रबंधन के कुत्सित प्रयासों व दमन के बावजूद अपनी जायज मांगो को लेकर आप लगातार संघर्ष के मैदान में डटे हुए हैं, और अपनी फौलादी एकता से शासन - प्रशासन - प्रबंधन को लगातार चुनौती दे रहे हैं। आंदोलन के दौरान स्थायी व ठेके के मजदूरों की एकता काबिले तारीफ हैं। संघर्ष के दौरान आप ने मारूति प्रबंधन के साथ पूरे पूंजीपति वर्ग को मजदूर वर्ग की ओर से चुनौती पेश की है जिससे पूरा पूजीवादी अमला बौखलाया हुया हैं। परिवर्तनकामी छात्र संगठन आपकी जायज मांगो का समर्थन करता हैं और इस संघर्ष में आपके साथ एकजुटता प्रदर्शित करता है।
प्रति,
अध्यक्ष / सचिव
प्रोविजनल कमेटी, मारूति सुजुकी वर्कस यूनियन
मानेसर, हरियाणा
बहादुर साथियों,
आपके जुझारू संघर्ष को परिवर्तनकामी छात्र संगठन की ओर से क्रान्तिकारी सलाम। साथियों शासन - प्रशासन - प्रबंधन के कुत्सित प्रयासों व दमन के बावजूद अपनी जायज मांगो को लेकर आप लगातार संघर्ष के मैदान में डटे हुए हैं, और अपनी फौलादी एकता से शासन - प्रशासन - प्रबंधन को लगातार चुनौती दे रहे हैं। आंदोलन के दौरान स्थायी व ठेके के मजदूरों की एकता काबिले तारीफ हैं। संघर्ष के दौरान आप ने मारूति प्रबंधन के साथ पूरे पूंजीपति वर्ग को मजदूर वर्ग की ओर से चुनौती पेश की है जिससे पूरा पूजीवादी अमला बौखलाया हुया हैं। परिवर्तनकामी छात्र संगठन आपकी जायज मांगो का समर्थन करता हैं और इस संघर्ष में आपके साथ एकजुटता प्रदर्शित करता है।
साथियों जिन हालातों का आप सामना कर रहे है यह आज की वस्तुगत सच्चाई है। 1991 में लागू नई आर्थिक नीतियों व द्वितीय श्रम आयोग की रिर्पोट के बाद मजदूर वर्ग अत्यंत कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहा है। श्रम कानूनों को लागू करना, यूनियन बनाने के अधिकार को व्यवहार में मानना लगभग बंद कर दिया गया है। यह सब अधिकार महज कानूनी किताबों की शोभा बढ़ा रहे है। अपनी न्यायपूर्ण मांगो को लेकर चल रहे मजदूर - मेहनतकश जनता के संघर्षो का निर्ममतापूर्वक दमन किया जा रहा है। अपने संघर्ष के दौरान आप लोग देख ही चुके है कि शासन - प्रशासन - न्यायलय किस निर्लज्जता के साथ मालिकों - प्रबंधको के पक्ष में खड़े है। अपने संघर्षो के दम पर मजदूर - मेहनतकश जनता द्वारा हासिल अधिकारों को एक - एक करके छीना जा रहा है। हमारा स्पष्ट मानना है कि आज मजदूर वर्ग के छिनते अधिकार छात्रों के भविष्य पर हमला है। क्योंकि आज के छात्र ही भविष्य के मजदूर भी है। ऐसे में मजदूरों के छिनते अधिकारों व दमन के खिलाफ संघर्ष छात्रों का एक महती कार्यभार बन जाता है।
साथियों देश सहित दुनिया का पूंजीपति वर्ग आज मजदूर वर्ग पर हमलावर है। अपने मुनाफे के खातिर वह मजदूरों के खून की एक - एक बूंद निचोड़ लेना चाहता है। पूंजीपति वर्ग के मुनाफे की इस हवस पर मजदूरों की फौलादी एकता ही रोक लगा सकती है। अन्तिम तौर पर इस हवस का अन्त पूंजीपति के खात्मे व मजदूरों के राज समाजवाद की स्थापना से ही होगा। आज देश - दुनिया के मजदूर - मेहनतकशों व छात्रों - नौजवानों को अपने संघर्ष इस दिशा में लक्षित करने की जरूरत है। हमें पूरी उम्मीद हैं कि आप लोंगो का संघर्ष भी तात्कालिक तौर पर अपनी मांगो के साथ अन्तिम तौर पर मजदूर राज समाजवाद की ओर लक्षित होगा। इस संघर्ष में पछास अपनी क्षमताभर भूमिका निभाने को संकल्प बद्ध है।
क्रान्तिकारी अभिवादन के साथ
अध्यक्ष,
नितिन
परिवर्तनकामी छात्र संगठन (पछास)

No comments:
Post a Comment