10 January 2015

साथी दानवीर को श्रद्धांजली.....


     साथियो, हमें बेहद दुःख के साथ आप सभी को सूचित करना पड़ रहा है कि साथी दानवीर अब हमारे बीच नहीं रहे। 7 जनवरी की रात बरेली में उनकी असमय मृत्यु हो गयी। 1995 से ही अपने राजनीति जीवन के शुरुआती दिनों में वे परिवर्तनकामी छात्र संगठन (पछास) से जुड़कर क्रांतिकारी छात्र राजनीति में सक्रिय रहे।
     अपने पूरे छात्र जीवन के दौरान वे निरन्तर छात्र संघर्षों में लगे रहे। छात्र जीवन की समाप्ति के बाद भी उन्होंने क्रांतिकारी राजनीति को ही अपने जीवन का लक्ष्य बनाया। मजदूरों-मेहनतकशों की मुक्ति व एक नये समाज ‘समाजवाद’ के निर्माण के लक्ष्य के लिए संघर्ष को ही अपने जीवन का उद्देश्य बनाते हुए वे इंकलाबी मजदूर केन्द्र के कार्यकर्ता के रूप में मजदूरों के बीच सक्रिय रहे। रूद्रपुर (उत्तराखण्ड) में काम करने के दौरान शायद ही कोई ऐसा मजदूर आंदोलन रहा हो, जिसमें उनकी उपस्थिति न रही हो और आज वो हमारे बीच नहीं हैं। 
     उनका पूरा जीवन मजदूर वर्ग के लिए समर्पित रहा। उनका जज्बा, नया समाज बनाने की उनकी जीजीविषा, इंकलाब के लिए उनका अतुलनीय समर्पण हमें हमेशा प्रेरणा देगा। साथी आपका पूरा जीवन हमारे व इंकलाब के नये सिपाहियों के लिए एक प्रकाश स्तम्भ की तरह कार्य करेगा। 
     आज आप हमारे बीच नहीं हैं परन्तु आपका शोषण मुक्त समाज बनाने का सपना आज भी अधूरा है। और हम आपके साथी प्राण-प्रण से उसे पूरा करेंगे। यही हम छात्रों-नौजवानों की तरफ से आपको सच्ची श्रद्धांजली होगी। 
     तब तक मजदूर वर्ग के सच्चे सिपाही के रूप में साथी दानवीर आपको पछास के सभी साथियों की तरफ से भावभीनी श्रद्धांजली...  

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