.“.......निकट भविष्य में यह युद्ध अन्तिम रूप से लड़ा जाएगा और तब यह निर्णायक युद्ध होगा। साम्राज्यवाद एवं पूंजीवाद कुछ समय के मेहमान हैं। यही वह युद्ध है जिसमें हमने प्रत्यक्ष रूप में भाग लिया है। हम इसके लिए अपने पर गर्व करते हैं कि इस युद्ध को न तो हमने प्रारम्भ ही किया है न यह हमारे जीवन के साथ समाप्त ही होगा....”
(फांसी से 3 दिन पूर्व पंजाब के गवर्नर को लिखे पत्र का अंश)
(फांसी से 3 दिन पूर्व पंजाब के गवर्नर को लिखे पत्र का अंश)
