13 July 2019

रेलवे के निजीकरण का पुरजोर विरोध करें

                     दुबारा सत्ता संभालते ही मोदी सरकार ने जनविरोधी फैसलों की झड़ी लगा दी है। ऐसा ही फैसला रेलवे के निजीकरण की रफ्तार को बढ़ाना है। इसका रेलवे कर्मचारियों सहित कई लोगों ने विरोध किया है।

           रेलवे का निजीकरण टुकड़ों-टुकड़ों में पिछले तीन दशक से जारी है। इस प्रक्रिया को तेजी से आर्थिक सुधार लागू करने के अपने एजेण्डे के तहत मोदी सरकार ने अपने पिछले कार्यकाल में काफी तेजी ला दी। अब सत्ता संभालते ही इसकी गति और तेज कर दी गयी है।