प्रिय साथियों,
आशा है आप स्वस्थ होंगे।
'कोरोना' नामक महामारी के चलते हमारे संगठन की गतिविधियां बुरी तरह से बाधित हो गई हैं। हम अपने साथियों सहित जनता से कट गए हैं। यह स्थिती अभी कई दिन कायम रहनी है।
'कोरोना' नामक महामारी के चलते हमारे संगठन की गतिविधियां बुरी तरह से बाधित हो गई हैं। हम अपने साथियों सहित जनता से कट गए हैं। यह स्थिती अभी कई दिन कायम रहनी है।
देश के हालात जैसे हैं उसमें स्थितिया कोई बड़ा मोड ले सकती हैं। महामारी के साथ-साथ इस वक्त भारत की अर्थव्यवस्था बड़े संकट की मुहाने पर खड़ी है। बेरोजगारी, महंगाई लगातार बढ़ रही है। महामारी के और अधिक फैलने की शासकों की चेतावनी के बीच आम मज़दूर-मेहनतकशों के लिए रोजी रोटी का भीषण संकट खड़ा हो गया है। ऐसे मौके पर हम अपने सदस्यों-कार्यकर्ताओं और सर्मथकों से अपील करते हैं कि उनकी हर संभव तरीके से मदद करने के प्रयास करने होंगे। इसकी पहली शर्त है कि हम अपने साथियों और आम मेहनतकशों से अलग-थलग ना पड़े। हर संभव तरीके से उनसे संपर्क करें। और उनकी सहायता करने का हर संभव रास्ता ढूंढें।
इस सिलसिले में यदि हमें प्रशासन से अपील करनी पड़े तो हम करें। अपने आप को हम वालंटियर के रूप में पेश कर सकते हैं। इसके तहत जरुरी सामान पहुंचाने के काम से लेकर बीमारों की तिमारदारी तक कर सकते हैं। जिन स्थानों पर हमारा काम केंद्रित है वहां के कामों को हम प्राथमिकता दे सकते हैं। यानी यह भी एक जरिया हो सकता है कि हम आम मजदूर मेहनतकशों से अलग-थलग न पड़े।
उपरोक्त कार्य के अतिरिक्त इस स्थिति में हम सोशल मीडिया के द्वारा अपने विचारों का प्रचार-प्रसार करें। पूंजीवादी समाज की पोल खोलें और भगत सिंह सहित क्रांतिकारियों के विचारों का प्रचार करें।
यह समय अपने व्यक्तिगत अध्ययन सहित जहां पर भी जितना भी संभव हो सामूहिक अध्ययन के रास्ते ढूंढें। अध्ययन का काम हमारा अक्सर छूटता रहता है। यह मौका है कि हम अपने अध्ययन को दुरुस्त कर दें। अपने अध्ययन व लेखन आदि के लक्ष्यों को इस समय पूरा कर लें ताकि जब हालात सामान्य हो तब हम अपनी पूरी ऊर्जा और क्षमता से अपने काम में कूंद पड़े।
यह समय ऐसा नहीं बीतना चाहिए कि हम पर जंग लग जाए। बल्कि यह समय ऐसे बीतना चाहिए कि हम मजदूर-मेहनतकशों के साथ हर तरह से संपर्क साधें और भावी संघर्षों के लिए अपने को वैचारिक तौर पर मजबूत करें। भगत सिंह की बात याद रखें कि 'इंकलाब की तलवार विचारों की सान पर तेज होती है'। यह समय विचारों की सान को तेज करने व चमकाने का है।
क्रांतिकारी अभिवादन सहित
अध्यक्ष/महासचिव
परिवर्तनकामी छात्र संगठन

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