उत्तर प्रदेश सहित पांच राज्यों में चुनाव जारी हैं। लेकिन इन चुनावों में धर्म- जाति व कथित गुंडाराज- कानून का राज के शोर में हम छात्र - नौजवान व हमारे मुद्दे कहाँ हैं? कोई भी पार्टी/प्रत्याशी प्रमुखता से युवाओं के मुद्दों को क्यों नहीं उठा रही है?
आइये, इन चुनावों में हम छात्र- नौजवान भी अपना मांगपत्र पेश करें! सभी प्रत्याशियों से इन मांगो / मुद्दों पर सवाल करें-
★ दोहरी शिक्षा प्रणाली ख़त्म कर सबको एक समान व निःशुल्क वैज्ञानिक शिक्षा उपलब्ध हो।
★ कोविड काल में छात्रों की फ़ीस माफ़ की जाये। छात्रों से ली गयी फ़ीस वापस हो।
★ छात्रों की पढ़ाई / तैयारी हेतु पुस्तकालयों/ वाचनालयों को खोला जाये। इनमें इंटरनेट की मुफ़्त व्यवस्था हो।
★ ऑनलाइन शिक्षा हेतु आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को मोबाइल/ टैबलेट उपलब्ध कराओ तथा इंटरनेट की भी व्यवस्था करो।
★ छात्र विरोधी राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) को वापस लो। शिक्षा का साम्प्रदायिकरण बंद करो।
★ काम करने योग्य सभी आबादी को रोजगार उपलब्ध कराओ। रोजगार न मिलने तक जीवन- निर्वाह लायक बेरोजगारी भत्ता दो।
★ सरकारी विभागों में रिक्त सभी पदों पर तत्काल स्थायी नियुक्तियां की जायें।
★ सरकारी/ सहकारी कंपनियों को बेचना बंद करो। निजीकरण- विनिवेशीकरण- मौद्रिकरण की जनविरोधी नीतियां वापस लो।
★ छात्रों को ठेका मज़दूर बनाने वाली F.T.E. , N.E.E.M. इत्यादि योजनायें वापस लो।
★ NTPC/ RRB भर्ती प्रक्रिया को बिना कोई बदलाव किये समयबद्ध तरीके से पूरा करो। भर्ती परीक्षाओं में लेट- लतीफी, भ्रष्टाचार बंद हो। समय पर भर्ती प्रक्रिया पूर्ण न करने व पेपर लीक करने वाली एजेन्सियों को ब्लैक लिस्ट कर दोषियों पर कार्यवाही करो।
★ सभी भर्ती परीक्षाओं के फॉर्म निःशुल्क हों एवं भर्ती परीक्षाओं में आने- जाने का खर्च सरकार वहन करे।
★ सभी के लिये निःशुल्क व बेहतर इलाज की व्यवस्था करो।
★बढ़ती महंगाई पर रोक लगाओ। सभी आवश्यक वस्तुओं के दाम रियायती मूल्य पर सरकार निर्धारित करे।

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