9 February 2023

देहरादून में भर्ती घोटालों के विरोध में प्रदर्शनरत छात्र-नौजवानों पर लाठीचार्ज की परिवर्तनकामी छात्र संगठन (पछास) घोर निंदा करता है!


          उत्तराखंड में आए दिन भर्ती घोटाले खुलते ही जा रहे हैं। भर्ती घोटालों की सीबीआई जांच, नकल विरोधी कानून बनाने, पारदर्शी तरीके से परीक्षा कराने की मांग सहित अन्य मांगों को लेकर देहरादून के गांधी पार्क में प्रदर्शन (सत्याग्रह) कर रहे नौजवानों के ऊपर 8 फरवरी की आधी रात में उत्तराखंड पुलिस ने लाठीचार्ज किया। नौजवानों ने बताया कि पुलिसकर्मी बिना नेम प्लेट के नौजवानों के ऊपर टूट पड़े। छात्राओं का भी पुरुष पुलिसकर्मियों द्वारा दमन किया।

     ज्ञात रहे UKSSSC (उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग) द्वारा करायी गयी पिछली कई परीक्षाओं में धांधलियां, घोटालों की परतें खुल चुकी हैं। अब UKPSC (उत्तराखंड लोक सेवा आयोग) द्वारा कराए गए परीक्षाओं में भी यह घोटाले सामने आ रहे हैं। इनमें पुलिस, पटवारी, वन क्षेत्राधिकारी, लोअर पीसीएस, आरओ, एआरओ, पीसीएस जे, प्रवक्ता एई, जेई आदि तमाम परीक्षाओं में भ्रष्टाचार की बात सामने आ चुकी है। साथ ही इन भ्रष्टाचारियों के संबंध भाजपा नेताओं, मंत्रियों व अधिकारियों से जगजाहिर हैं।


       आधी रात में पुलिसिया दमन और भर्ती घोटालों के विरोध में आज देहरादून में बेरोजगारों ने प्रदर्शन की कॉल दी। जिसमें हजारों छात्र-नौजवानों ने गांधी पार्क में एकत्र होकर घंटाघर तक जुलूस निकाला। आज पुनः उत्तराखंड पुलिस ने बर्बर लाठीचार्ज नौजवानों पर किया। हल्द्वानी में भी युवाओं ने भर्ती घोटालों के खिलाफ व देहरादून में छात्रों के पुलिसिया दमन के विरोध में प्रदर्शन कर देहरादून के प्रदर्शन से अपनी एकजुटता जाहिर की।


       उत्तराखंड में 'डबल इंजन' की भाजपा सरकार कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध 'जीरो टॉलरेंस' की नीति भर्ती घोटाले के अपराधियों को संरक्षण और इनकी जांच की मांग करने वाले छात्र-नौजवानों पर दमन, लाठीचार्ज की हैं।

       उत्तराखंड में युवाओं की मांग है कि भर्ती घोटालों की सीबीआई से निष्पक्ष जांच करा कर अपराधियों को सलाखों के पीछे डाला जाए। 'पहले जांच, फिर परीक्षा' के साथ ही नकल विरोधी कानून की मांग जोर पकड़ रही है। परीक्षाओं में घोटालों के बीच ही पटवारी की परीक्षा 12 फरवरी को तय है। इन घोटालों के बीच पटवारी परीक्षा का हाल क्या होगा यह सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।

       परिवर्तनकामी छात्र संगठन छात्र-नौजवानों, बेरोजगारों पर पुलिसिया दमन की घोर निंदा करता है। साथ ही मांग करता है कि लाठीचार्ज का आदेश करने वाले पुलिस अधिकारियों को तत्काल बर्खास्त किया जाए। भर्ती घोटालों की निष्पक्ष जांच कराकर अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजा जाए।

क्रांतिकारी अभिवादन के साथ
परिवर्तनकामी छात्र संगठन (पछास)

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