16 March 2024

आइये! शहीदों की क्रांतिकारी विरासत को आगे बढ़ायें।

शहीद भगतसिंह

     23 मार्च, शहीदे आजम भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरू का शहादत दिवस है। भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरू करोड़ों-करोड़ भारतीय मेहनतकश जनता के क्रांतिकारी नायकों के रूप में शहीद हुए। यही वजह है कि आज इन क्रांतिकारियों को सम्मान के साथ याद किया जाता है। 23-24 साल के यह शहीद युवा क्रांतिकारी सबसे ज्यादा नौजवानों में लोकप्रिय हैं। वह अपने दौर में लुटेरे ब्रिटिश साम्राज्यवादी शासकों से क्यों लड़े? आज इन शहीदों की शहादत दिवस हम ऐसे समय में मना रहे हैं। जब लोकसभा चुनाव होने जा रहे हैं। जिसमें पूंजीवादी राजनीतिक पार्टियां सत्ता पाने के लिए हर तरह से जोड़-तोड़ में लगी हुई हैं। एक तरफ सभी चुनावी राजनीतिक पार्टियां बड़े-बड़े चुनावी दावे कर रही हैं। पिछले दावों का हिसाब नहीं दिया जा रहा है। चुनावी जुमले जनता के सामने बोले जा रहे हैं। तो वहीं दूसरी तरफ चुनाव जीतने के लिए संघ-भाजपा साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण तेज कर रही है। तो दूसरी चुनावबाज पार्टियां नरम हिंदुत्व का सहारा ले रही हैं। ऐसे समय में इन शहीदों की राह कैसे आगे बढ़ें यह हमें तय करना है।

13 March 2024

नागरिकता संशोधन कानून के नाम पर सांप्रदायिकता का जहर घोलने की कोशिशों का विरोध करो!


विश्वविद्यालय कैंपसों में छात्रों का दमन बंद करो।

      11 दिसंबर 2019 को संसद में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) पारित कर दिया गया। धर्म के आधार पर नागरिकता देने में भेदभाव करने वाले इस कानून का उस समय देशभर में तीखा विरोध हुआ था। भारी विरोध के कारण मोदी सरकार कानून को लागू करने के लिए बनने वाली नियमावली जारी करने से बचती रही। अब मोदी सरकार ने 11 मार्च को सीएए कानून की नियमावली जारी कर दी। जिस बिल को पढ़ते वक्त भारत के गृह मंत्री अमित शाह बोलते हैं कि इस बिल के द्वारा पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से मुस्लिमों को छोड़कर हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, ईसाई, पारसी सभी अल्पसंख्यकों (उक्त देशों के) को नागरिकता देने का रास्ता प्रशस्त होगा।

8 March 2024

अंकिता भंडारी के अपराधियों को सख्त सजा दो!


पत्रकार आशुतोष नेगी को तुरंत रिहा करो!!

     उत्तराखंड में बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच की मांग को लेकर प्रदर्शनरत स्थानीय पत्रकार आशुतोष नेगी को पौड़ी गढ़वाल की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आशुतोष नेगी साप्ताहिक समाचार पत्र 'जागो उत्तराखंड' के संपादक, प्रकाशक थे। इसी नाम से वह वेब पोर्टल भी चलाते थे। वेबसाइट ब्लॉक कर दी गयी है। खबरों के मुताबिक उन पर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति रोकथाम अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसके अलावा कई और धाराओं पर भी उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए हैं। 5 मार्च को गिरफ्तारी के बाद 15 मार्च तक की न्यायिक हिरासत लेकर जेल में भेज दिया गया है। पत्रकार आशुतोष नेगी अनिश्चितकालीन धरने पर थे और वह आंदोलन में मुख्य नेतृत्वकारी भूमिका में थे।