24 August 2024

जनवाद की हत्या बंद करो!


PSF पर लगाया बैन वापस लो!

बीते 19 अगस्त को महाराष्ट्र के टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS) ने अपना एक तुगलकी फरमान जारी करते हुए। PSF नाम के एक वामपंथी छात्र संगठन को प्रतिबंधित कर दिया।

PSF 2012 से ही इस कैंपस में सक्रिय रूप से छात्र हितों की हिमायत करता रहा है। इस बार भी इस संगठन ने स्नातक के छात्रों के लिए हॉस्टल सुविधा की मांग की। जिसके बाद TISS प्रशासन ने PSF को अवैध और संस्थान का नाम खराब करने, छात्रों को भटकाने के आरोप में प्रतिबंधित कर दिया।

इससे पहले भी TISS ने अपने एक PhD छात्र रामदास प्रीति शिवनंदन को सिर्फ़ इसलिए निलंबित कर दिया कि वो राष्ट्रीय शिक्षा नीति के विरोध से जुड़े एक कार्यक्रम में शामिल हो गए थे।

इस प्रकार के तानाशाही भरे फ़रमान आज पूरे देश के विभिन्न विश्विद्यालयों में जारी किए जा रहे हैं और वहां मौजूद जनवादी आवाजों को दबाने के भरपूर प्रयास हो रहे हैं। छात्र और छात्र संगठन जब भी शिक्षा के निजीकरण, भगवाकरण और बुनियादी जरूरतों पर सवाल उठा रहे हैं, तब उन्हें राष्ट्र विरोधी घोषित कर दिया जा रहा है। आज हमारे देश में सरकार और सरकार की हां में हां मिलाने वाले ही 'देशभक्त' हैं।

TISS प्रशासन द्वारा उठाए गए इस फासिस्ट कदम का परिवर्तनकामी छात्र संगठन (पछास) पुरजोर विरोध करता है और PSF पर लगाए गए इस प्रतिबंध को हटाने की मांग करता है।

क्रांतिकारी अभिवादन के साथ
परिवर्तनकामी छात्र संगठन (पछास)

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