13 June 2025

छात्रों की स्कॉलरशिप पर हमला बंद करो!


हिसार के छात्रों के संघर्ष के साथ खड़े हों।

   चौधरी चरण सिंह कृषि विश्वविद्यालय (HAU) हिसार (हरियाणा) में स्कॉलरशिप बहाली के लिए वाइस चांसलर (डॉ बी आर कंबोज) को ज्ञापन देने गए छात्रों पर यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा किए गए बर्बर लाठी चार्ज की परिवर्तनकामी छात्र संगठन कड़ी निंदा करता है और हम छात्रों की जायज मांगों के समर्थन में उनके साथ खड़े हैं।

   स्कॉलरशिप पॉलिसी में बदलाव के विरोध में स्टूडेंट्स मंगलवार दोपहर को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपने के लिए वाइस चांसलर (VC) कार्यालय गए थे। स्टूडेंट्स VC को अपना ज्ञापन सौंपने चाहते थे। वहां मौजूद सिक्योरिटी गार्ड्स ने उन्हें बाहर ही रोक लिया। गुस्से में स्टूडेंट बाहर ही धरने पर बैठ गए। सिक्योरिटी गार्ड्स ने उन्हें उठाने के लिए खदेड़ना शुरू कर दिया और छात्रों पर बेरहमी से लाठीचार्ज कर दिया जिसके कारण कुछ छात्रों के सिर फट गए और 20 से ज्यादा छात्र इस लाठी चार्ज में घायल हुए हैं।


   कृषि विश्वविद्यालय के छात्र सड़कों पर हैं क्योंकि विश्वविद्यालय ने हाल ही में स्कॉलरशिप नियमों में संशोधन किया है। जहां पहले BSc, MSc और Phd करने वाले छात्र जिनके 70% या उससे अधिक अंक (OGPA 7.0) आते थे उनको यूनिवर्सिटी की तरफ से स्टाइपेंड मिलता था। अब वही स्टाइपेंड सिर्फ टॉप 25% छात्रों को मिलेगा और मेरिट स्टाइपेंड के लिए न्यूनतम योग्यता 70% से बढ़ाकर 75% (OGPA 7.5) कर दी गई है। इन बदलावों के खिलाफ छात्र जब वीसी को ज्ञापन देने गए तो बेशर्म यूनिवर्सिटी प्रशासन ने स्कॉलरशिप मांग रहे छात्रों पर लाठियों से हमला किया।

   विश्वविद्यालय में हुए लाठीचार्ज की घटना ने छात्रों के दिलों को झकझोर दिया है। इस घटना को तीन दिन बीत चुके हैं लेकिन छात्र अब भी पूरी मजबूती के साथ धरने पर डटे हुए हैं। हर दिन बीतने के साथ उनका गुस्सा और हौसला दोनों बढ़ता जा रहा है।

   छात्रों की मांगें साफ हैं कि जिन पुलिसकर्मियों ने छात्रों पर लाठियां बरसाईं उन्हें गिरफ्तार किया जाए और विश्वविद्यालय के कुलपति (VC) तत्काल इस्तीफा दें। छात्रों का कहना है कि उन पर लाठियां बरसाई गईं। जिससे कई छात्रों को गंभीर चोटें भी आईं। उन्होंने कहा कि हम केवल अपने अधिकार और न्याय की मांग कर रहे थे न कि किसी हिंसा के लिए इकट्ठा हुए थे। धरने पर बैठे छात्रों को अब सामाजिक और राजनीतिक संगठनों का भी साथ मिलने लगा है। इस बीच आंदोलन को लेकर सीनियर छात्रों ने आज से भूख हड़ताल भी शुरू कर दी है। उनका कहना है कि जब तक हमारी आवाज नहीं सुनी जाती हम पीछे नहीं हटेंगे। समर्थन की इस लहर ने आंदोलन को और मजबूती दी है।


   ये सिर्फ हिसार या हरियाणा का मामला नहीं है बल्कि सभी राज्य सरकारें और केन्द्र की मोदी सरकार द्वारा निरंतर ही छात्रों पर हमला बोला जा रहा है। वो चाहे महंगी शिक्षा का मामला हो, शिक्षा के भगवाकरण का मामला हो या फिर पहले से चली आ रही स्कॉलरशिप पर कैंची चलाने का। मोदी सरकार तो इस मामले में कांग्रेस से भी बीसियों कदम आगे निकलकर छात्रों पर नित नए हमले कर रही है। मौलाना आजाद स्कॉलरशिप, बेगम हजरत महल प्री मेट्रिक स्कॉलरशिप, पढ़ो परदेश जैसी कई स्कॉलरशिप को मोदी सरकार या तो खत्म कर चुकी है या फिर उनके बजट में बड़ी कटौती की है।

   हरियाणा की भाजपा सरकार का यह कदम भी मोदी सरकार की तर्ज पर शिक्षा में कटौती कर उसके निजीकरण को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया का ही हिस्सा है। पछास, हरियाणा सरकार और यूनिवर्सिटी प्रशासन के इस हमले के खिलाफ सभी छात्रों, इंसाफपसंद नागरिकों से अपील करता है कि वो छात्रों के इस संघर्ष में अपना सहयोग और समर्थन दें।

क्रांतिकारी अभिवादन के साथ
परिवर्तनकामी छात्र संगठन
(पछास)

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