27 November 2025

VIT भोपाल के छात्रों से मारपीट के दोषी मैनेजमेंट पर कार्यवाही करो!


छात्रों का दमन बंद करो!

मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में स्थित वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (VIT) के भोपाल कैंपस में 25 नवंबर की रात के लगभग 10 बजे कुछ छात्र मेस के खराब खाने और गंदे पानी की शिकायत लेकर अपने असिस्टेंट प्रोफेसर प्रशांत कुमार पांडे के पास पहुंचे थे. उन्हें उम्मीद थी कि उनकी समस्या सुनी जाएगी. लेकिन जो हुआ वह किसी ने सोचा भी नहीं था. प्रोफेसर ने छात्रों की शिकायत सुनने के बजाय आपा खो दिया और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी. छात्रों के बालों को पकड़कर घसीटा गया, उन्हें थप्पड़ मारे गए और जलील किया गया. यही रात में छात्रों के आक्रोश का कारण बना.

पिछले डेढ़ महीने में 100 से ज़्यादा छात्र पीलिया (जॉन्डिस) की चपेट में आए. महीनों से छात्र चीख-चीखकर बता रहे थे—पानी में बदबू है, मेस में कीड़े हैं, RO खराब पड़ा है. VC ऑफिस से लेकर वार्डन तक 'किसी के कान में जूं तक नहीं रेंगी'. कहीं भी सुनवाई न होती और उल्टा शिकायतकर्ता छात्रों के साथ मारपीट और अभद्रता करने पर आखिरकार 25-26 नवंबर की रात क्षुब्ध छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा. लगभग चार हज़ार छात्र कैंपस में उतरे. VC की गाड़ी, बस में आगजनी, तोड़फोड़ की.

इस घटनाक्रम के बाद हास्टल में बिजली-पानी बंद कर दिया. दूर-दूर से आए 13 हज़ार से अधिक छात्रों को रातों रात घर जाने को कह दिया गया. जाने के लिए बिना यात्रा टिकिट आदि सुविधा किए कैंपस 8 दिसंबर तक बंद कर दिया है और इसको फिलहाल पुलिस छावनी बना दिया है.VIT लाखों रुपये की फीस लेकर छात्रों को सपने बेचता है और बदले में छात्रों को दूषित पानी और जहरीला खाना ही नहीं देता बल्कि छात्रों की जायज और बहुत छोटी मांगों का गुंडागर्दी से दमन करता है. मगर सवाल वही है—इतनी मोटी फीस लेने वाले संस्थान बुनियादी सुविधाएं क्यों नहीं दे पाते? क्या छात्रों की जान से बड़ी है संस्थान की इमेज?

VIT भोपाल की यह त्रासदी सिर्फ एक विश्वविद्यालय की नहीं, पूरे शिक्षा तंत्र की नाकामी है. सरकारें न सिर्फ मोटी फीस लेने वाले लुटेरे निजी विश्वविद्यालयों के साथ में खड़ी हैं बल्कि बची-खुची सार्वजनिक शिक्षा भी निजी संस्थानों को सौंपने पर आमादा हैं. इन निजी संस्थानों के लुटेरे मालिक एक तरफ छात्रों की जेब पर हाथ साफ करते हैं तो दूसरी तरफ आंदोलित छात्रों का तीखा दमन करते हैं. 


परिवर्तनकामी छात्र संगठन VIT के छात्रों की जायज मांगों के साथ में खड़ा है और मध्य प्रदेश सरकार से मांग करता है कि-

# VIT कैंपस भोपाल में स्वच्छ पानी, खाने की व्यवस्था की जाए. 
# छात्रों के साथ मारपीट करने वाले और छात्रों की बीमारी के लिए दोषी मैनेजमेंट पर कार्यवाही करे.

25 November 2025

शिक्षण संस्थाओं का साम्प्रदायिक विभाजन के लिए दुरुपयोग


    जम्मू-कश्मीर के 'श्री माता वैष्णो देवी इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस' में 2025-26 के सत्र में 90% कश्मीरी मुस्लिम छात्रों का चयन हुआ। यानी 50 सीटों में 42 पर कश्मीरी और 8 सीटों पर जम्मू के छात्रों का नाम आया। जम्मू कश्मीर बोर्ड ऑफ प्रोफेशनल एंट्रेंस एग्जामिनेशन (जेकेबीओपीईई) पर किसी तरह की अनियमितता का आरोप भी नहीं है। तब भाजपा ने वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड द्वारा मेडिकल इंस्टिट्यूट के संचालन का हवाला दे, प्रवेश रद्द करने की मांग की। केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा नियुक्त राज्यपाल मनोज सिन्हा ने ज्ञापन स्वीकार कर लिया।

22 November 2025

पंजाब विश्‍वविद्यालय में संघर्षरत छात्रों के समर्थन में

    केन्द्र सरकार ने पंजाब विश्‍वविद्यालय की सीनेट को भंग करने के इरादे से 28 अक्टूबर को एक 'नोटिफ़िकेशन' जारी किया था। इस नोटिफिकेशन में सीनेट-सिण्डिकेट में चुनाव की प्रक्रिया को रद्द करके इसे पूरी तरह नामांकित पदों वाली संस्था बना दिये जाने का प्रावधान था। यही नहीं इसके सदस्यों की संख्या को 91 से कम करके 31 कर दिया गया।

1 November 2025

उत्तराखण्ड UKSSSC पेपर लीक


छात्रों के संघर्ष से सरकार के होश ठिकाने पर 

       विगत 21 सितम्बर 2025 को उत्तराखण्ड में समूह ‘ग’ की भर्ती के लिए आयोजित परीक्षा का पेपर लीक हो गया था। परीक्षा शुरू होने के आधे घण्टे के अंदर पेपर लीक की खबर सार्वजनिक हो गयी थी। इस पर छात्रों का रोष उमड़ पड़ा। देहरादून का परेड ग्राउण्ड छात्रों के धरने प्रदर्शन का केन्द्र बन गया।