8 अप्रैल को 40 दिनों से ईरान पर अमेरिका, इजरायल द्वारा थोपे गए युद्ध पर विराम के लिए अमेरिकी-इजरायली शासक मजबूर हुए। 28 फरवरी को ईरान पर बिना उकसावे के अमेरिका-इजरायल ने अचानक हमला कर दिया। इस हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामनेई के साथ अन्य उच्च अधिकारियों को निशाना बनाया गया। स्कूल पर हुए हमले में मासूम स्कूली बच्चियां भी मारी गयीं। ईरान ने इन हमलों पर पलटवार किया। इजरायल के साथ ही खाड़ी के देशों में अमेरिकी सैन्य अड्डों और प्रमुख जगहों पर हमला किया। यह गौर करने लायक है कि ईरान पर अन्यायपूर्ण हमले के खिलाफ ईरानी जनता सहित दुनियाभर की मेहनतकश जनता खड़ी थी।