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8 May 2026

बिहार में TRE-4 का नोटिफिकेशन तुरन्त जारी करो !


आंदोलित छात्रों पर लाठीचार्ज करने वाले दोषी पुलिस अधिकारियों को तत्काल बर्खास्त करो!!

     आज पटना के जेपी गोलंबर पर BPSC (Bihar public service commission) के छात्र TRE-4 (Teacher Recruitment Examination) का नोटिफिकेशन तुरंत जारी करने की मांग कर रहे थे। वह पिछले दो साल से भर्ती का इंतजार कर रहे हैं। अभ्यर्थियों पर पुलिस द्वारा किया गया बर्बर लाठीचार्ज भाजपा की सम्राट चौधरी सरकार के युवा-विरोधी चरित्र को बेनकाब करता है। भाजपा गठबंधन वाली ये सरकार नरेंद्र मोदी के फासीवादी शासन की राह पर है। यहां बेरोजगारी की भयावहता और छात्रों का सिर फोड़ने के बाद भी "सब चंगा सी" का शोर करती है। दूसरी तरफ मंत्रिमंडल विस्तार कर नई-नई कुर्सियां बांट नए-नए पड़ बांटती है।

29 December 2025

एंजेल चकमा के हत्यारों को सजा दो!

9 दिसंबर की शाम देहरादून के सेलाकुई इलाके में एक साधारण खरीददारी का सफर मौत का पैगाम बन गया। 24 वर्षीय त्रिपुरा निवासी आदिवासी छात्र एंजेल चकमा, जो जिज्ञासा यूनिवर्सिटी में एमबीए अंतिम सेमेस्टर का छात्र था, अपने छोटे भाई माइकल के साथ बाजार गया था। नशे में धुत कुछ स्थानीय युवकों ने उन्हें नस्लीय गालियां दीं।

27 November 2025

VIT भोपाल के छात्रों से मारपीट के दोषी मैनेजमेंट पर कार्यवाही करो!


छात्रों का दमन बंद करो!

मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में स्थित वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (VIT) के भोपाल कैंपस में 25 नवंबर की रात के लगभग 10 बजे कुछ छात्र मेस के खराब खाने और गंदे पानी की शिकायत लेकर अपने असिस्टेंट प्रोफेसर प्रशांत कुमार पांडे के पास पहुंचे थे. उन्हें उम्मीद थी कि उनकी समस्या सुनी जाएगी. लेकिन जो हुआ वह किसी ने सोचा भी नहीं था. प्रोफेसर ने छात्रों की शिकायत सुनने के बजाय आपा खो दिया और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी. छात्रों के बालों को पकड़कर घसीटा गया, उन्हें थप्पड़ मारे गए और जलील किया गया. यही रात में छात्रों के आक्रोश का कारण बना.

28 September 2025

लद्दाख में जनता के आंदोलन का दमन बंद करो!


    बीते दिन उत्तराखंड से लेकर लद्दाख तक छात्र-युवाओं के संघर्ष के नाम रहे हैं। लद्दाख की जनता अपने जनवादी अधिकारों के लिए, युवाओं को सम्मानजनक रोजगार दिलाने के लिए संघर्ष कर रही है।

19 March 2025

छात्र आंदोलन का गला घोटने चला उस्मानिया विश्वविद्यालय।



     तेलंगाना के उस्मानिया विश्वविद्यालय प्रशासन ने आदेश जारी कर विश्वविद्यालय और उससे जुड़े कैम्पसों में धरना प्रदर्शन, नारेबाजी, आंदोलन के सभी रूपों पर रोक लगा दी। इसका विरोध होने पर वि.वि. प्रशासन ने कहा कि यह 'पूर्ण प्रतिबंध' नहीं है। विवि प्रशासन के कामों के सुचारू संचालन में बाधा के नाम पर इन प्रतिबंधों को लागू किया जा रहा है।

5 January 2025

BHU में BSM के गिरफ्तार साथियों को तत्काल रिहा करो!



बीते 25 दिसंबर को BHU में मनुस्मृति दहन दिवस पर एक चर्चा का आयोजन भगत सिंह स्टूडेंट्स मोर्चा (BSM) द्वारा किया जाता है। लेकिन जैसे ही यूनिवर्सिटी प्रशासन को इसकी खबर लगती है, वो छात्रों पर हमलावर हो जाता है। उनके साथ जबरदस्ती मारपीट कर के इस कार्यक्रम को करने से रोकता है।

24 August 2024

जनवाद की हत्या बंद करो!


PSF पर लगाया बैन वापस लो!

बीते 19 अगस्त को महाराष्ट्र के टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS) ने अपना एक तुगलकी फरमान जारी करते हुए। PSF नाम के एक वामपंथी छात्र संगठन को प्रतिबंधित कर दिया।

28 September 2023

बेलसोनिका यूनियन पर बोले गए हमले का पुरजोर विरोध करो!

 

       आखिर जिस बात की आशंका जताई जा रही थी वह घटित हो ही गई। हरियाणा के ट्रेड यूनियन रजिस्ट्रार ने एक संघर्षशील यूनियन का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया है। इस संघर्षशील तथा किसानों, छात्रों और सामाजिक मामलों में मुखर होकर भाग लेने वाली यूनियन का नाम बेलसोनिका यूनियन है। इस यूनियन का रजिस्ट्रेशन रद्द करने के लिए 23 सितंबर को अवकाश के दिन अपना कार्यालय खोला गया।

5 September 2023

बीएचयू में छात्रों व यूपी में राजनैतिक-सामाजिक कार्यकर्ताओं पर दमन का पुरजोर विरोध करें!



       NIA (नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी) मंगलवार की सुबह से भगतसिंह स्टूडेंट्स मोर्चा (BSM), BHU के कार्यालय पर छापा मार रही है। मीडिया से मिली खबरों के अनुसार कार्यालय में मौजूद BSM की अध्यक्ष आकांक्षा आज़ाद और सहसचिव सिद्धि को डिटेन कर के रखा हुआ है। उनके फोन भी एनआईए ने जब्त कर लिया है, और किसी को भी अंदर नहीं आने दे रहे हैं। उन्होंने BSM कार्यालय को पुलिस की छावनी में बदल दिया है। जब संगठन के साथी कार्यालय पहुंचे तो एनआईए व पुलिस उनके फोन छीनकर उनके साथ गुंडागर्दी और मारपीट कर की।

27 March 2023

दिल्ली विश्वविद्यालय में छात्रों को परीक्षा देने से रोके जाने के फैसले का विरोध करो!



       दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र एक बार फिर विश्वविद्यालय प्रशासन व सरकार के दमन का शिकार हुए हैं। इस बार 2 छात्रों को 1 वर्ष तक किसी भी परीक्षा में शामिल न करने की सजा दी गई है और कई अन्य छात्रों को 'हल्की सजाएं' विश्वविद्यालय प्रशासन ने दी है। दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन ने इन छात्रों को यह सजा बीबीसी की गुजरात दंगों पर आधारित डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग करने के 'अपराध' में सुनाई है।

24 February 2023

आइये! देहरादून में बेरोजगार छात्र-नौजवानों पर लाठीचार्ज और भर्ती घोटालों के विरोध में आवाज उठायें


1. आंदोलनरत बेरोजगार नौजवानों को तत्काल रिहा करो, फर्जी मुकदमे वापस लो।
2. बेरोजगार नौजवानों पर लाठीचार्ज का आदेश देने वाले पुलिस अधिकारियों को तत्काल बर्खास्त करो।
3. भर्ती घोटालों की निष्पक्ष जांच कराओ।
4. जांच में भ्रष्ट पाये गये अफसरों-कर्मचारियों को बर्खास्त करो।
5. उत्तराखण्ड में विभिन्न विभागों में खाली पड़े 56,944 पदों को तत्काल भरो।
6. सबको योग्यतानुसार रोजगार दो, रोजगार नहीं देने तक प्रतिमाह न्यूनतम 10,000 रुपये बेरोजगारी भत्ता दो।

9 February 2023

देहरादून में भर्ती घोटालों के विरोध में प्रदर्शनरत छात्र-नौजवानों पर लाठीचार्ज की परिवर्तनकामी छात्र संगठन (पछास) घोर निंदा करता है!


          उत्तराखंड में आए दिन भर्ती घोटाले खुलते ही जा रहे हैं। भर्ती घोटालों की सीबीआई जांच, नकल विरोधी कानून बनाने, पारदर्शी तरीके से परीक्षा कराने की मांग सहित अन्य मांगों को लेकर देहरादून के गांधी पार्क में प्रदर्शन (सत्याग्रह) कर रहे नौजवानों के ऊपर 8 फरवरी की आधी रात में उत्तराखंड पुलिस ने लाठीचार्ज किया। नौजवानों ने बताया कि पुलिसकर्मी बिना नेम प्लेट के नौजवानों के ऊपर टूट पड़े। छात्राओं का भी पुरुष पुलिसकर्मियों द्वारा दमन किया।

25 April 2020

पछास के साथी महेश पर लगाया फर्जी मुकदमा वापस लो


लॉकडाउन की मार झेल रहे गरीब मजदूरों - छात्रों के लिए घर पर रहकर भूख हड़ताल करने पर दर्ज किया मुकदमा

परिवर्तनकामी में छात्र संगठन के लालकुआं इकाई सचिव महेश पर पुलिस ने फर्जी मुकदमा दर्ज किया है। अखबार के हवाले से यह मुकदमा पुलिस ने सोशल मीडिया पर उकसाने के आरोप में दर्ज किया है। पुलिस ने यह मुकदमा धारा 188, 269, 270 और आपदा प्रबंधन एक्ट 51 के तहत दर्ज किया है। 

10 April 2020

लाॅकडाउन के बहाने मजदूरों व मजदूर नेताओं का दमन-उत्पीड़न बंद करो!

मजदूर नेता अभिलाख के बाद अब इमके अध्यक्ष कैलाश भटट का उत्पीड़न!


उत्तराखंड राज्य के उधम सिंह नगर पुलिस द्वारा इंकलाबी मजदूर केन्द्र के अध्यक्ष कैलाश भटट को दिनांक 9/04/2020 को फोन कर रूद्रपुर कोतवाली बुलाया गया। कोतवाली में पुलिस ने उनके द्वारा एक व्हाट्सएप ग्रुप में डाले गये फोटो पर देशद्रोह का मुकदमा लगाने की धमकी दी है। आश्चर्य की बात यह है कि देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने की बात उस फोटो पर की गयी है जो कि पिछले दिनों सोशल मीडिया में लगभग पूरे ही देश में घूम रहे थे। यह फोटो लाॅकडाउन के दौरान पुलिस द्वारा मजदूरों को मुर्गा बनाकर पीटने का है। जाहिर सी बात है कि लाॅकडाउन की सबसे ज्यादा मार मजदूरों-मेहनतकशों पर पड़ी है। और जब लगभग पूरे देश में ही ये मजदूर अपने घरों की तरफ पैदल ही मार्च करने को मजबूर हुए तो पुलिस द्वारा उनके साथ मारपीट की गयी। जो पूरी तरह अमानवीय व्यवहार है। 

3 April 2020

मजदूर नेता अभिलाख पर लगाया गया फर्जी राजद्रोह का मुकदमा वापस लो !

लाॅकडाउन में पुलिस द्वारा मजदूरों के किए जा रहे दमन को सोशल मीडिया में उठाने पर पुलिस ने दर्ज किया फर्जी मुकदमा !!


उत्तराखण्ड शासन-प्रशासन शर्म करो !!!
छात्र-मजदूर एकता जिंदाबाद !!!!

अभिलाख सिंह पंडित गोविंद बल्लभ पंत कृषि विश्वविद्यालय पंतनगर, जिला उधम सिंह नगर (उत्तराखंड) में विगत लगभग 2 दशकों से एक मजदूर के रूप में काम कर रहे हैं। 1 अप्रैल की सुबह पंतनगर पुलिस द्वारा उन पर राजद्रोह के तहत मुकदमा दर्ज कर दिया गया है।

26 February 2020

संघर्षरत गुजरात अंबुजा के मजदूरों के समर्थन में....


गुजरात अंबुजा सिडकुल मजदूर अपनी जायज मांगों को लेकर पिछले माह 28 जनवरी से संघर्षरत हैं। यह कंपनी उत्तराखंड राज्य के ऊधम सिंह नगर जिले के एक औद्योगिक क्षेत्र सिडकुल सितारगंज में स्थित है। कंपनी मक्के से स्टार्च का निर्माण करती है और उसे अन्य कंपनियों को सप्लाई करती है। इसी से शहद, होरलिक्स, आदि खाद्य पदार्थों का निर्माण होता है। कंपनी मालिक के साथ उत्तराखंड सरकार मजदूरों की मांगों को नहीं सुन रही है। उत्तराखंड सरकार भी पूजीपतियों के साथ खड़ी है और हर संभव तरीके से आंदोलन का दमन करने में लगी है। परिवर्तनकामी छात्र संगठन गुजरात अंबुजा के मजदूरों के साथ अपनी एकजुटता जाहिर करते हुए उत्तराखंड सरकार से मांग करता है कि वह अपनी मजदूर विरोधी दमनकारी नीतियों को छोड़ते हुए मजदूरों की मांगों को जल्द से जल्द पूरा करे।

6 January 2020

जेएनयू छात्रों पर कायराना हमले के विरोध में

5 जनवरी की शाम 7 बजे के आस पास जेएनयू में कुछ गुंडे डंडे, लाठियों और चाकू को हाथ में लेकर कैंपस में घुस गए और हाॅस्टल में छात्रों के साथ मारपीट की और तोड़फोड़ की। छात्र संघ अध्यक्ष सहित कई छात्रों को बुरी तरह से घायल कर दिया। परिवर्तनकमी छात्र संगठन इस कायराना हमले की कठोर शब्दों में निंदा करता है और मांग करता है कि इस हमले के दोषियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाय।

13 December 2019

यौन हिंसा एनकाउण्टर और हमारा समाज

       27 नवम्बर हैदराबाद में 26 वर्षीय वेटनरी डॉक्टर की गैंग रेप कर नृशंस हत्या कर दी गयी। समाज में महिलाअें के खिलाफ हो रहे ऐसे नृशंस अपराधों में क्षुब्ध व आक्रोशित तमाम लोगों द्वारा हैदराबाद सहित पूरे देश में ढेरों प्रदर्शन किये गये। रोज ब रोज महिलाओं के साथ आपराधिक घटनायें हमारे समाज की एक कड़वी सच्चाई बन चुकी है। घृणित पूंजीवादी व्यवस्था महिलाओं को सुरक्षा व बराबरी देने में सर्वथा अक्षम रही है। या ज्यादा सही कहें तो यह पूंजीवादी व्यवस्था ही मुख्यतः, मूलतः ऐसे अपराधों के लिए जिम्मेदार है। यह व्यवस्था पुरुषप्रधानता की सोच को बनाये हुए है। अश्लील उपभोक्तावादी संस्कृति को पाल-पोस रही है और समाज में कुण्ठित-विकृत मानसिकता के लोगों को पैदा कर रही है। 

27 January 2019

इंकलाबी मजदूर केन्द्र के अध्यक्ष कैलाश भट्ट की गिरफ्तारी का विरोध करो !


        26 जनवरी जिस दिन भारतीय शासक वर्ग अपने महान गणतंत्र का जश्न मनाता है और आजादी, समानता का ढोल पीटता है। उसी दिन भारतीय शासक वर्ग और भारतीय पूंजीपति अपने गणतंत्र, जनवादी अधिकारों की महानता का बखान करते नहीं थकता। ठीक उसी दिन 26 जनवरी को उधम सिंह नगर (उत्तराखण्ड) की पुलिस कायराना तरीके से इंकलाबी मजदूर केन्द्र के अध्यक्ष कैलाश भट्ट को गिरफ्तार कर लेती है। 

18 April 2017

कश्मीरी छात्रों के दमन का विरोध करो !


        बीते सोमवार को हजारों की संख्या में कश्मीरी छात्रों ने सड़कों पर उतरकर भारतीय सेना द्वारा किए जा रहे दमन के विरोध में प्रदर्शन आयोजित किए। कश्मीर में रोज ही भारतीय राजसत्ता के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन आयोजित किए जा रहे हैं। सोमवार को हुए प्रदर्शनों की खास बात ये थी कि इसमें मुख्यतः कालेजों-स्कूलों के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। भारतीय सेना द्वारा इन प्रदर्शनों का व्यापक दमन किया गया। कालेजों में घुसकर आंसू गैस, पैलेट गन से छात्र-छात्राओं पर हमला किया गया। सेना द्वारा की गयी इस दमनात्मक कार्यवाही के बाद लगभग 60 से अधिक छात्र-छात्राएं गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घटना के बाद से घाटी में प्राथमिक स्कूलों को छोड़कर सभी तरह के शिक्षण संस्थानों को अनिश्चित काल के लिए बंद कर दिया गया है। कई कालेजों ने अपनी परिक्षाएं स्थगित कर दी हैं। तो एक बार फिर से घाटी में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गयी हैं।