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10 June 2026

केतन के हत्यारों को सजा दो!

जातिवाद का विरोध करो!

     उत्तराखंड के टिहरी में जातीय दंभ के कारण 18 वर्षीय बारहवीं के छात्र केतन की हत्या कर दी गयी। देवल गांव निवासी केतन लाल का कुछ माह पहले पड़ोसी लम्बगांव निवासी लड़की से परिचय हुआ। फोन पर बातचीत करते हुए, दोनों का प्रेम प्रसंग चला। लड़की के परिवार वालों ने ऊंची जाति के दम्भ में केतन की हत्या की साजिश रची। लड़की से फोन करवा 8 जून की रात पहले लड़के को गांव में बुलाया और वहां केतन और उसके दोस्त की बुरी तरह पिटाई की। सुबह केतन के परिजनों को फोन पर "अपने लड़के को यहां से ले जाओ" कहा। अस्पताल में केतन की मौत हो गई जबकि उसका दोस्त गम्भीर रूप से घायल है।

18 March 2026

उत्तराखंड में सरकारी स्कूलों का बंद होना: घोर नीतिगत लापरवाही का उदाहरण


     उत्तराखंड आज शिक्षा के क्षेत्र में एक गंभीर संकट का शिकार है। जो राज्य सरकार की नीतिगत असफलता और दूरदर्शिता की पूर्ण कमी को उजागर करता है। पिछले पांच वर्षों (2020-25) में 826 सरकारी प्राथमिक स्कूल बंद हो चुके हैं। टिहरी गढ़वाल में 262, पौड़ी गढ़वाल में 120, पिथौरागढ़ में 104 और अल्मोड़ा में 83 स्कूलों पर ताले लग चुके हैं। यही हालात राज्य के अन्य जिलों में है। यह जानकारी उत्तराखंड सरकार ने एक सवाल के जबाव में गैरसैंण में विधानसभा सत्र में दी।

29 December 2025

एंजेल चकमा के हत्यारों को सजा दो!

9 दिसंबर की शाम देहरादून के सेलाकुई इलाके में एक साधारण खरीददारी का सफर मौत का पैगाम बन गया। 24 वर्षीय त्रिपुरा निवासी आदिवासी छात्र एंजेल चकमा, जो जिज्ञासा यूनिवर्सिटी में एमबीए अंतिम सेमेस्टर का छात्र था, अपने छोटे भाई माइकल के साथ बाजार गया था। नशे में धुत कुछ स्थानीय युवकों ने उन्हें नस्लीय गालियां दीं।

1 November 2025

उत्तराखण्ड UKSSSC पेपर लीक


छात्रों के संघर्ष से सरकार के होश ठिकाने पर 

       विगत 21 सितम्बर 2025 को उत्तराखण्ड में समूह ‘ग’ की भर्ती के लिए आयोजित परीक्षा का पेपर लीक हो गया था। परीक्षा शुरू होने के आधे घण्टे के अंदर पेपर लीक की खबर सार्वजनिक हो गयी थी। इस पर छात्रों का रोष उमड़ पड़ा। देहरादून का परेड ग्राउण्ड छात्रों के धरने प्रदर्शन का केन्द्र बन गया। 

21 September 2025

फिर पेपर लीक.....


    21 सितम्बर 2025, रविवार को उत्तराखंड में ग्रुप- सी के 416 पदों के लिए परीक्षा हुई। जिसके तहत पटवारी, लेखपाल, ग्राम विकास अधिकारी, आदि पदों के लिए सुबह 11 बजे परीक्षा शुरू हुई। परीक्षा शुरू होने के आधे घंटे बाद पेपर के स्क्रीन शॉट और उसके जवाब सोशल मीडिया में घूमने लगे।

1 May 2025

नैनीताल में सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने की कोशिशों पर रोक लगाओ।


   नैनीताल में एक नाबालिग बच्ची से बलात्कार की घटना हुई थी। घटना सामने आने के बाद पुलिस ने उस आरोपी उस्मान को गिरफ्तार कर लिया और उसे 1 मई को कोर्ट में पेश कर दिया गया। घटना में कानून ने अपना काम किया, लेकिन आरोपी का धर्म देखकर साम्प्रदायिक ताकतों को उत्पात मचाने का अवसर मिल गया।

8 March 2024

अंकिता भंडारी के अपराधियों को सख्त सजा दो!


पत्रकार आशुतोष नेगी को तुरंत रिहा करो!!

     उत्तराखंड में बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच की मांग को लेकर प्रदर्शनरत स्थानीय पत्रकार आशुतोष नेगी को पौड़ी गढ़वाल की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आशुतोष नेगी साप्ताहिक समाचार पत्र 'जागो उत्तराखंड' के संपादक, प्रकाशक थे। इसी नाम से वह वेब पोर्टल भी चलाते थे। वेबसाइट ब्लॉक कर दी गयी है। खबरों के मुताबिक उन पर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति रोकथाम अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसके अलावा कई और धाराओं पर भी उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए हैं। 5 मार्च को गिरफ्तारी के बाद 15 मार्च तक की न्यायिक हिरासत लेकर जेल में भेज दिया गया है। पत्रकार आशुतोष नेगी अनिश्चितकालीन धरने पर थे और वह आंदोलन में मुख्य नेतृत्वकारी भूमिका में थे।

19 May 2023

नगीना कालोनी को रेलवे, शासन-प्रशासन द्वारा उजाड़े जाने का विरोध करो!



नगीना कालोनीवासियों के साथ में खड़े हों!

       रेलवे प्रशासन और स्थानीय पुलिस-प्रशासन ने मिलकर 18 मई को लालकुआं (नैनीताल) उत्तराखंड की नगीना कालौनी को जमींदोज कर दिया। जहां रेलवे प्रशासन ने पूर्व में घोषित 200 मीटर से भी आगे बढ़कर 300 मीटर के आस-पास तक तोड़ दिया। इसमें लगभग 150 झोपड़ियां और कच्चे-पक्के मकान तोड़ दिए गए। घरों को तोड़ने की यह प्रक्रिया आज 19 मई को भी जारी रही। सैकड़ों घर आज भी जमींदोज किये गए।

14 January 2023

अब पटवारी लेखपाल भर्ती परीक्षा चढ़ी भ्रष्टाचार की भेंट


       उत्तराखंड में एक बार फिर बेरोजगार युवाओं के सपनों को चूर चूर किया गया है। इस बार पटवारी लेखपाल भर्ती परीक्षा का पेपर लीक हुआ है। इस परीक्षा के भी लीक होने ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि सिस्टम में भ्रटाचार कितना गहरा है। कि जैसे भ्रटाचार और सिस्टम एक दूसरे के पूरक है। कि एक के बिना दूसरे का अस्तित्व नहीं और दूसरे के बिना पहले का अस्तित्व नहीं।

22 December 2022

छात्र संघ को छात्र हितों के संघर्ष का मंच बनाने को आगे आयें!

दोस्तो,

       आखिरकार छात्र संघ चुनाव पुनः शुरु करवाने में छात्रों ने सफलता पायी है। कोरोना काल में लगी पाबंदियों के बाद सब कुछ शुरु होने के बावजूद छात्र संघ चुनाव के लिए काफी जद्दोजहद करनी पड़ी। अंततः 24 दिसम्बर को कुमाऊं विश्वविद्यालय के कॉलेजों में चुनाव सम्पन्न होने हैं।

9 September 2022

आइये! उत्तराखंड में भर्ती घोटाले के विरोध में आवाज उठायें।



        UKSSSC (उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग) उत्तराखण्ड में विभिन्न भर्तियों में पेपर लीक, भ्रष्टाचार की जांच STF (स्पेशल टास्क फोर्स) द्वारा की जा रही है। ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (2016), दरोगा भर्ती (2015), वन रक्षक भर्ती (2018), वन दरोगा भर्ती (2021), आदि भर्तियों की जांच चल रही है। इसके अलावा सचिवालय में विधानसभा अध्यक्ष द्वारा परिजनों, रिश्तेदारों की मनमानी नियुक्ति का मामला भी सामने आया है। अभी तक दर्जनों गिरफ्तारी होने के बावजूद भर्ती घोटाले में मुख्य आरोपी खुले घूम रहे हैं। सीबीआई जांच की मांग हो रही है।

8 February 2022

राजनैतिक पार्टियों, विधायक प्रत्याशियों के नाम छात्रों का खुला पत्र



साथियों
          आजकल उत्तराखंड में विधानसभा चुनावों का शोर जोरों पर है। चुनाव लड़ने वाले सभी दल सभाओं में, घरों में आकर वोट मांग रहे हैं। बड़ी-बड़ी घोषणाएं कर रहे हैं। यह सारे दल जनता को भरमाने के लिए एक के बाद एक चुनावी घोषणाएं कर रहे हैं। भाजपा पिछले 5 साल से सत्ता में थी। वह इन 5 सालों का हिसाब नहीं दे रही है। वह 'डबल इंजन' के नाम पर बनाई सरकार के कुकर्मों को खुद याद नहीं करना चाहती है। आज भाजपा फिर नई घोषणाएं कर रही है।

25 January 2022

सत्ता परिवर्तन नहीं, व्यवस्था परिवर्तन हेतु संघर्ष के लिये आगे आयें!

भगत सिंह ने यह बात अंग्रेजों की संसद के बारे में कही थी लेकिन यह आज भी 100 फीसदी सच है।भगत सिंह ने कहा था-
**....... बहुत कुछ सोचने के बाद भी एक ऐसी संस्था के अस्तित्व का औचित्य हमारी समझ में नहीं आ सका जो, बावजूद उस तमाम शानो-शौकत के, जिसका आधार भारत के करोड़ों मेहनतकशों की गाढ़ी कमाई है, केवल मात्र दिल को बहलाने वाली, थोथी, दिखावटी और शरारतों से भरी हुई एक संस्था है। हम सार्वजनिक नेताओं की मनोवृत्ति को समझ पाने में भी असमर्थ हैं। हमारी समझ में नहीं आता कि हमारे नेतागण भारत की असहाय परतंत्रता की खिल्ली उड़ाने वाले इतने स्पष्ट एवं पूर्वनियोजित प्रदर्शनों पर सार्वजनिक सम्पत्ति एवं समय बर्बाद करने में सहायक क्यों बनते हैं।**

11 September 2020

नशे के खिलाफ जुझारू आंदोलन और पूंजीवादी व्यवस्था

कच्ची शराब व अवैध नशों के खिलाफ आंदोलन


लालकुआं (नैनीताल) उत्तराखंड के बिन्दुखत्ता गांव में पिछले माह के 1 अगस्त से ग्रामीण व जनसंगठन कच्ची शराब, चरस, स्मैक, अफीम, ड्रग आदि अवैध नशों के खिलाफ संघर्षरत हैं। यह आंदोलन एक गांव की सफलता के बाद दूसरे, तीसरे गांव में फैलता चला जा रहा है। 

1 April 2016

सड़ती-बजबजाती पूंजीवादी राजनीति से नाता तोड़ें- इंकलाब से नाता जोड़ें।।

 उत्तराखण्ड में सत्ता संघर्ष
साथियो, 
        पिछले दिनों हमारे राज्य उत्तराखण्ड में जिस तरह पार्टियों के बीच सत्ता-सुख के लिए आपस में तू-तू ,मैं-मैं से लेकर खरीद फरोख्त चली, उससे हम सभी वाकिफ हैं। पिछले दो हफ्तों में भाजपा कांग्रेस में यह साबित करने की मानो होड़ मची थी कि कौन कितना धूर्त, चालाक, शातिर व षड्यंत्रकारी है। कौन किसके कितने विधायकों को तोड़, खरीद सकता है। कांग्रेसी सरकार और विपक्षी भाजपा का यह बेशर्म खेल अभी चल ही रहा था कि केन्द्र की मोदी सरकार ने राष्ट्रपति शासन की घोषणा कर दिखा दिया कि भारतीय लोकतंत्र में केन्द्र के आगे राज्यों की कोई औकात नहीं है जो भी राज्य मोदी सरकार की इच्छानुसार नहीं चलेंगे, उन्हें अरुणाचल, उत्तराखण्ड की तरह केन्द्र धारा 356 का इस्तेमाल कर राष्ट्रपति शासन लगा सबक सिखायेगा। मोदी सरकार की यह फासीवादी तानाशाही बेहद घृणित है। हालांकि न्यायालय ने इसी दौरान सुनवाई कर सत्ता संघर्ष के खेल को दोबारा चालू करा केन्द्र की योजना पर पानी डाल दिया है।

7 April 2015

माफियाराज के खिलाफ एकजुट हुए ग्रामवासी


सोहनसिंह ढिल्लन और उसके पुत्र डी.पी. सिंह द्वारा 31 मार्च को मुनीष कुमार और प्रभात ध्यानी पर कराये गये हमले के विरोध में माफियाराज के खिलाफ 6 अप्रैल को एक महापंचायत वीरपुर लच्छी गांव में आयोजित की गयी। महापंचायत में दूर-दूर से आये ग्रामिणों, संगठनों व सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवियों द्वारा हिस्सेदारी की गयी। महापंचायत में लगभग 700 लोगों द्वारा भागीदारी कर संघर्ष के साथ अपनी एकजुटता प्रदर्शित की। अस्वस्थ होने के बाबजूद प्रभात ध्यानी और मुनीष कुमार द्वारा महापंचायत में हिस्सेदारी की। अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद प्रभात ध्यानी आराम करने के बजाए महापंचायत में शामिल हुए। ग्रामवासियों द्वारा उनका जोरदार स्वागत किया गया। 

1 April 2015

गुण्डों की गिरफतारी की मांग को लेकर रामनगर बाजार रहा बंद

दिनांक 31 मार्च को उत्तराखण्ड के रामनगर कस्बे की जनता का गुस्सा फूट पड़ा। इस गुस्से की वजह यहां सालों से मजदूर-मेहनतकश के हितों की आवाज उठाने वाले ‘नागरिक’ समाचार पत्र के सम्पादक मुनीष कुमार व उत्तराखण्ड परिवर्तन पार्टी के महासचिव प्रभात ध्यानी पर खनन माफियाओं द्वारा हमला करना था। यह हमला शासन-प्रशासन की शह पर किया गया था। इसलिए लोगों का गुस्सा शासन-प्रशासन के खिलाफ इतना ज्यादा कि उन्होंने मुनीष कुमार व प्रभात ध्यानी से मिलने आये एस.डी.एम. को बाहर से ही खदेड़ किया। अगले दिन 1 अप्रैल को रामनगर में मौजूद इंकलाबी मजदूर केन्द्र, परिवर्तनकामी छात्र संगठन और प्रगतिशील महिला एकता केन्द्र, आरडीएफ, उत्तराखण्ड परिवर्तन पार्टी, देव भूमि व्यापार मण्डल व अन्य तमाम जनसंगठनों ने बाजार बंद का आहवान किया। 1 अप्रैल को रामनगर में बाजार बंद रहा। एक विशाल जुलूस निकाला गया और खनन माफिया और प्रशासन के गठजोड़ के खिलाफ नारे लगाये गये।

17 July 2013

आपदा प्रभावित क्षेत्र पर रिपोर्ट (जिला- रुद्रप्रयाग, उत्तराखण्ड)

      

             16,17 जून, 2013 को उत्तराखण्ड के विभिन्न जिलों में बादल फटने, अतिवृष्टि, बाढ़ और भूस्खलन से भारी पैमाने पर जान-माल की हानि हुई। इस आपदा का मुख्य प्रभावित क्षेत्र रुद्रप्रयाग जिला है। प्रस्तुत रिपोर्ट रुद्रप्रयाग जिले के ही विभिन्न क्षेत्रों के संदर्भ में है। रिपोर्ट का आधर प्रत्यक्ष सर्वेक्षण व लोगों से हुई बातचीत में उभरने वाली आम सच्चाइयां हैं। सर्वेक्षण टीम 30 जून से 04 जुलाई तक आपदा प्रभावित क्षेत्र में रही। 

27 June 2013

आपदा पीडि़त उत्तराखण्ड की मेहनतकश जनता के साथ खड़े हो!

            आपदा पीडि़त उत्तराखण्ड की मेहनतकश जनता के साथ खड़े हो!

                         हालात बदलने के लिए आगे आओ!

साथियों,
             उत्तराखण्ड में भारी तबाही अपने सबसे कुरूप चेहरे के साथ उपस्थित हो चुकी है। 15 जून के बाद हुई भारी बारिश और भूस्खलन ने हजारों लोगों को अत्यंत खेद और क्षोभ पैदा करने वाली मौतें दी। जो लोग पानी में बहने या मलबे में दबने से बच गये वे किसी आश्रय के अभाव में भूख और ठंड का दोहरा कोप झेलने को विवश हुए। चार पट्टियों. रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड, ऋषिकेश -जोशीमठ-माणा, ऋषिकेश-धरासू-गंगोत्री और पिथौरागढ़-घाटी बगरा पर बर्बादी का मंजर छाया हुआ है।