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28 September 2023

बेलसोनिका यूनियन पर बोले गए हमले का पुरजोर विरोध करो!

 

       आखिर जिस बात की आशंका जताई जा रही थी वह घटित हो ही गई। हरियाणा के ट्रेड यूनियन रजिस्ट्रार ने एक संघर्षशील यूनियन का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया है। इस संघर्षशील तथा किसानों, छात्रों और सामाजिक मामलों में मुखर होकर भाग लेने वाली यूनियन का नाम बेलसोनिका यूनियन है। इस यूनियन का रजिस्ट्रेशन रद्द करने के लिए 23 सितंबर को अवकाश के दिन अपना कार्यालय खोला गया।

10 April 2020

लाॅकडाउन के बहाने मजदूरों व मजदूर नेताओं का दमन-उत्पीड़न बंद करो!

मजदूर नेता अभिलाख के बाद अब इमके अध्यक्ष कैलाश भटट का उत्पीड़न!


उत्तराखंड राज्य के उधम सिंह नगर पुलिस द्वारा इंकलाबी मजदूर केन्द्र के अध्यक्ष कैलाश भटट को दिनांक 9/04/2020 को फोन कर रूद्रपुर कोतवाली बुलाया गया। कोतवाली में पुलिस ने उनके द्वारा एक व्हाट्सएप ग्रुप में डाले गये फोटो पर देशद्रोह का मुकदमा लगाने की धमकी दी है। आश्चर्य की बात यह है कि देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने की बात उस फोटो पर की गयी है जो कि पिछले दिनों सोशल मीडिया में लगभग पूरे ही देश में घूम रहे थे। यह फोटो लाॅकडाउन के दौरान पुलिस द्वारा मजदूरों को मुर्गा बनाकर पीटने का है। जाहिर सी बात है कि लाॅकडाउन की सबसे ज्यादा मार मजदूरों-मेहनतकशों पर पड़ी है। और जब लगभग पूरे देश में ही ये मजदूर अपने घरों की तरफ पैदल ही मार्च करने को मजबूर हुए तो पुलिस द्वारा उनके साथ मारपीट की गयी। जो पूरी तरह अमानवीय व्यवहार है। 

3 April 2020

मजदूर नेता अभिलाख पर लगाया गया फर्जी राजद्रोह का मुकदमा वापस लो !

लाॅकडाउन में पुलिस द्वारा मजदूरों के किए जा रहे दमन को सोशल मीडिया में उठाने पर पुलिस ने दर्ज किया फर्जी मुकदमा !!


उत्तराखण्ड शासन-प्रशासन शर्म करो !!!
छात्र-मजदूर एकता जिंदाबाद !!!!

अभिलाख सिंह पंडित गोविंद बल्लभ पंत कृषि विश्वविद्यालय पंतनगर, जिला उधम सिंह नगर (उत्तराखंड) में विगत लगभग 2 दशकों से एक मजदूर के रूप में काम कर रहे हैं। 1 अप्रैल की सुबह पंतनगर पुलिस द्वारा उन पर राजद्रोह के तहत मुकदमा दर्ज कर दिया गया है।

26 February 2020

संघर्षरत गुजरात अंबुजा के मजदूरों के समर्थन में....


गुजरात अंबुजा सिडकुल मजदूर अपनी जायज मांगों को लेकर पिछले माह 28 जनवरी से संघर्षरत हैं। यह कंपनी उत्तराखंड राज्य के ऊधम सिंह नगर जिले के एक औद्योगिक क्षेत्र सिडकुल सितारगंज में स्थित है। कंपनी मक्के से स्टार्च का निर्माण करती है और उसे अन्य कंपनियों को सप्लाई करती है। इसी से शहद, होरलिक्स, आदि खाद्य पदार्थों का निर्माण होता है। कंपनी मालिक के साथ उत्तराखंड सरकार मजदूरों की मांगों को नहीं सुन रही है। उत्तराखंड सरकार भी पूजीपतियों के साथ खड़ी है और हर संभव तरीके से आंदोलन का दमन करने में लगी है। परिवर्तनकामी छात्र संगठन गुजरात अंबुजा के मजदूरों के साथ अपनी एकजुटता जाहिर करते हुए उत्तराखंड सरकार से मांग करता है कि वह अपनी मजदूर विरोधी दमनकारी नीतियों को छोड़ते हुए मजदूरों की मांगों को जल्द से जल्द पूरा करे।

27 January 2019

इंकलाबी मजदूर केन्द्र के अध्यक्ष कैलाश भट्ट की गिरफ्तारी का विरोध करो !


        26 जनवरी जिस दिन भारतीय शासक वर्ग अपने महान गणतंत्र का जश्न मनाता है और आजादी, समानता का ढोल पीटता है। उसी दिन भारतीय शासक वर्ग और भारतीय पूंजीपति अपने गणतंत्र, जनवादी अधिकारों की महानता का बखान करते नहीं थकता। ठीक उसी दिन 26 जनवरी को उधम सिंह नगर (उत्तराखण्ड) की पुलिस कायराना तरीके से इंकलाबी मजदूर केन्द्र के अध्यक्ष कैलाश भट्ट को गिरफ्तार कर लेती है। 

4 December 2018

संघर्षरत इंटार्क मजूदरों के समर्थन में.....

        

 इंटार्क रूद्रपुर (उत्तराखण्ड) के मजदूर अपनी जायज मांगों के लेकर पिछले 4 माह से संघर्षरत हैं। उत्तराखण्ड सरकार उनकी जायज मांगों को मानने के बजाए पूंजीपतियों के साथ खड़ी है और हर तरह से आंदोलन का दमन करने में लगी है परिवर्तनकामी छात्र संगठन, इंटार्क के संघर्षरत मजदूरों के साथ अपनी एकजुटता जाहिर करते हुए उत्तराखण्ड सरकार से मांग करता है कि वो अपनी दमनकारी नीतियों को छोड़ते हुए मजदूरों की मांगों को जल्द से जल्द पूरा करें।


        पिछले चार माह से मजदूर कम्पनी द्वारा की जा रही अवैध कटौती और निलम्बन के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं। श्रम आयुक्त के मुताबिक वार्ता के दौरान यह वैध नहीं माना गया। फिर भी सरकार मालिक पर कोई कार्यवाही करने के बजाए मजदूरों का ही दमन करने पर उतारू है। 23 नवंबर से मजदूर अपने माता-पिता, पत्नी और दुधमुंहे बच्चों के साथ कंपनी के रूद्रपुर और किच्छा गेट पर धरना दिये बैठे हैं। 28 नवंबर से आमरण अनशन शुरू हो गया है। अनशनकारी श्रीमती अखिलेश, निहारिका और जरीना बेगम ने पूरे देश की जनता के नाम पर एक मार्मिक अपील की है कि "उनके आखिरी समय पर उन्हें स्थानीय भाजपा विधायक राजकुमार ठुकराल के आवास पर मरने के लिए छोड़ दिया जाये। उसके बाद उनकी मृत देह को पूरे हल्द्वानी शहर में घुमा कर भूतपूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान भाजपा सांसद भगत सिंह कोश्यारी के आवास पर जलाया जाए। 30 नवंबर को यह पत्र मोदी जी को भी भेजा गया है।" इसी में जिक्र किया गया है कि कंपनी के मैंनेजर मनोज रोहिल्ला और वर्मा कहते हैं कि उनके सीधे अरूण जेटली और भाजपा से संबंध हैं।

4 May 2013

मारूति मजदूरों के आन्दोलन के समर्थन में

                  समर्थन पत्र
प्रति, 
    अध्यक्ष / सचिव
    प्रोविजनल कमेटी, मारूति सुजुकी वर्कस यूनियन
    मानेसर, हरियाणा
बहादुर साथियों,
            आपके जुझारू संघर्ष को परिवर्तनकामी छात्र संगठन की ओर से क्रान्तिकारी सलाम। साथियों शासन - प्रशासन - प्रबंधन के कुत्सित प्रयासों व दमन के बावजूद अपनी जायज मांगो को लेकर आप लगातार संघर्ष के मैदान में डटे हुए हैं, और अपनी फौलादी एकता से शासन - प्रशासन - प्रबंधन को लगातार चुनौती दे रहे हैं। आंदोलन के दौरान स्थायी व ठेके के मजदूरों की एकता काबिले तारीफ हैं। संघर्ष के दौरान आप ने मारूति प्रबंधन के साथ पूरे पूंजीपति वर्ग को मजदूर वर्ग की ओर से चुनौती पेश की है जिससे पूरा पूजीवादी अमला बौखलाया हुया हैं। परिवर्तनकामी छात्र संगठन आपकी जायज मांगो का समर्थन करता हैं और इस संघर्ष में आपके साथ एकजुटता प्रदर्शित करता है।

22 February 2013

आम हड़ताल के समर्थन में छात्र-नौजवान भी आगे आयंे!

आम हड़ताल के समर्थन में छात्र-नौजवान भी आगे आयंे!

आज और कल (20 व 21 फरवरी) देष की 11 टेड यूनियन केंद्रों ने आम हड़ताल का आह्वान किया है। परिवर्तनकामी छात्र संगठन इस आम हड़ताल का पूरा समर्थन करता है। साथ  ही हम विभिन्न छात्र संगठनों व छात्र समुदाय से अपील करते हैं कि वह इस हड़ताल में मजदूरों-कर्मचारियों के समर्थन में छात्र हड़ताल का आयोजन करें।

हड़ताल के दौरान हिंसा के लिए सरकार जिम्मेदार

हड़ताल के दौरान हिंसा के लिए सरकार जिम्मेदार
दो दिवसीय राष्टव्यापी हड़ताल के पहले दिन ही देश के कई शहरों में हिंसक झड़पों की घटनाएं हुई। अंबाला में रोडवेज यूनियन के एक नेता की इस दौरान हत्या भी कर दी गई। मेरठ में भी एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या किये जाने की सूचना आ रही है। इसके अलावा कई अन्य घटनाओं में भी बहुत से लोग ज़ख्मी हुए हैं। सरकार व उसका चाटूकार मीडिया इस हिंसा का सारा दोष यूनियन नेतृत्व व मजदूरों-कर्मचारियों पर डाल रहा है। जबकि यह सत्य नहीं है।