आम हड़ताल के समर्थन में छात्र-नौजवान भी आगे आयंे!
आज और कल (20 व 21 फरवरी) देष की 11 टेड यूनियन केंद्रों ने आम हड़ताल का आह्वान किया है। परिवर्तनकामी छात्र संगठन इस आम हड़ताल का पूरा समर्थन करता है। साथ ही हम विभिन्न छात्र संगठनों व छात्र समुदाय से अपील करते हैं कि वह इस हड़ताल में मजदूरों-कर्मचारियों के समर्थन में छात्र हड़ताल का आयोजन करें।
यूनियनों द्वारा आयोजित इस हड़ताल की मुख्य मांगें महंगाई, बेरोजगारी, विनिवेषीकरण और श्रम कानूनों से सम्बंधित हैं। स्पश्ट है कि यह मांगंे हमारे भी वर्तमान और भविश्य से जुड़ी हैं। वर्तमान में यह बढ़ती महंगाई, सरकारी प्रतिश्ठानों के निजिकरण व श्रम कानूनों की अनदेखी से हमारे अभिभावकों का कार्य परिस्थितियां व रोजगार प्रभावित हो रही हैं। जो अपनी बारी में हमारे उपर भी अपना असर डाल रही हैं क्योंकि हम कम या ज्यादा उन्हीं पर आश्रित हैं। साथ ही सरकार की बेरोजगारी बढ़ाने वाली नीतियों व ठेकेदारी व्यवस्था को प्रश्रय से हमारे हमारे लिए भविश्य में रोजगार की संभावनाओं पर प्रष्न चिह्न लग जाता है। हम आने समय के मजदूर-कर्मचारी होंगे, इसलिए आज जो भी नीतियां सरकार बना रही है उनका गहरा सम्बंध हमसे बनता है।
छात्र-नौजवान साथियों! अपने वर्तमान और भविश्य दोनों की सुरक्षा के लिए जरूरी है कि हम दो दिन की इस आम हड़ताल में मजदूरों-कर्मचारियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर पूरी ताकत से षामिल हों। क्रांतिकारी अभिवादन के साथ
अध्यक्ष
परिवर्तनकामी छात्र संगठन (पछास)
आज और कल (20 व 21 फरवरी) देष की 11 टेड यूनियन केंद्रों ने आम हड़ताल का आह्वान किया है। परिवर्तनकामी छात्र संगठन इस आम हड़ताल का पूरा समर्थन करता है। साथ ही हम विभिन्न छात्र संगठनों व छात्र समुदाय से अपील करते हैं कि वह इस हड़ताल में मजदूरों-कर्मचारियों के समर्थन में छात्र हड़ताल का आयोजन करें।
यूनियनों द्वारा आयोजित इस हड़ताल की मुख्य मांगें महंगाई, बेरोजगारी, विनिवेषीकरण और श्रम कानूनों से सम्बंधित हैं। स्पश्ट है कि यह मांगंे हमारे भी वर्तमान और भविश्य से जुड़ी हैं। वर्तमान में यह बढ़ती महंगाई, सरकारी प्रतिश्ठानों के निजिकरण व श्रम कानूनों की अनदेखी से हमारे अभिभावकों का कार्य परिस्थितियां व रोजगार प्रभावित हो रही हैं। जो अपनी बारी में हमारे उपर भी अपना असर डाल रही हैं क्योंकि हम कम या ज्यादा उन्हीं पर आश्रित हैं। साथ ही सरकार की बेरोजगारी बढ़ाने वाली नीतियों व ठेकेदारी व्यवस्था को प्रश्रय से हमारे हमारे लिए भविश्य में रोजगार की संभावनाओं पर प्रष्न चिह्न लग जाता है। हम आने समय के मजदूर-कर्मचारी होंगे, इसलिए आज जो भी नीतियां सरकार बना रही है उनका गहरा सम्बंध हमसे बनता है।
छात्र-नौजवान साथियों! अपने वर्तमान और भविश्य दोनों की सुरक्षा के लिए जरूरी है कि हम दो दिन की इस आम हड़ताल में मजदूरों-कर्मचारियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर पूरी ताकत से षामिल हों। क्रांतिकारी अभिवादन के साथ
अध्यक्ष
परिवर्तनकामी छात्र संगठन (पछास)

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