7 April 2015

माफियाराज के खिलाफ एकजुट हुए ग्रामवासी


सोहनसिंह ढिल्लन और उसके पुत्र डी.पी. सिंह द्वारा 31 मार्च को मुनीष कुमार और प्रभात ध्यानी पर कराये गये हमले के विरोध में माफियाराज के खिलाफ 6 अप्रैल को एक महापंचायत वीरपुर लच्छी गांव में आयोजित की गयी। महापंचायत में दूर-दूर से आये ग्रामिणों, संगठनों व सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवियों द्वारा हिस्सेदारी की गयी। महापंचायत में लगभग 700 लोगों द्वारा भागीदारी कर संघर्ष के साथ अपनी एकजुटता प्रदर्शित की। अस्वस्थ होने के बाबजूद प्रभात ध्यानी और मुनीष कुमार द्वारा महापंचायत में हिस्सेदारी की। अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद प्रभात ध्यानी आराम करने के बजाए महापंचायत में शामिल हुए। ग्रामवासियों द्वारा उनका जोरदार स्वागत किया गया। 


सभा को सम्बोधित करते नागरिक के सम्पादक मुनीष कुमार

 महापंचायत में वक्ताओं ने सरकार-माफिया-प्रशासन के गठजोड़ की तीखे शब्दों में आलोचना की। मुख्यमंत्री द्वारा सोहन सिंह के ऊपर लगे मुकदमें वापसी की प्रक्रिया को माफियाओं को सरंक्षण देना बताया गया। महापंचायत ने उत्तराखंड को माफियाराज से मुक्त कराने के लिए संघर्ष करने संकल्पबद्धता दिखायी इस आंदोलन को पूरे प्रदेश में फैलाने की आवश्यकता पर जोर दिया इसके लिए जी-जान से जुटने का आह्वान किया।
वीरपुर लच्छी, रामनगर (नैनीताल) में 6 अप्रैल को महापंचायत में पारित प्रस्ताव
1.    खनन माफिया सोहन सिंह, डी.पी.सिंह व हमले में शामिल अपराधियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए। मुकदमें में दफा 307 व 326 लगायी जाए।
2.    ग्राम वीरपुर लच्छी में बुक्सा जनजाति के किसानों के खेतों पर डम्परों/भारी वाहनों का संचालन बंद रहेगा। इसमें भारी वाहन चलाने वाले पर एस/एसटी एक्ट में मुकदमा कायम किया जाए।
3.    नदियों में खनन, रेता, बजरी इत्यादि उपखनिज के विपणन, उपखनिज का स्टोन क्रेशर में तुड़ान इत्यादि का कार्य निजी क्षेत्र से हटाकर सरकार अपने विभाग/निगम से कराये। ताकि ट्रांसपोर्टकर्मियों को साफ-सुथरा रोजगार मिल सके। और जनता को सस्ता उपखनिज मिल सके।
4.    स्टोन क्रेशरों को सरकार अधिग्रहित करे। स्टोन क्रेशर आबादी से दूर नदियों के पास खनन जोन बनाकर वहां पर स्थापित किये जायें।
5.    उपखनिज चोरी को गैर जमानती अपराध बनाया जाए।
6.    ढिल्लन स्टोन क्रेशर की जांच करवायी जाए। 1 मई 2013 को सोहन सिंह इत्यादि पर लगे मुकदमे वापस लेने की कार्यवाही बंद की जाए।
कार्यक्रम जो घोषित किये गये-
1.    13 अप्रैल को जलियांवाला बाग दिवस पर उक्त मांगों/प्रस्ताव को लेकर उत्तराखण्ड प्रदेश में तहसील व जिला मुख्यालयों पर धरना/प्रदर्शन किये जायेंगे।
2.    उत्तराखण्ड की सरकार 10, जनपथ दिल्ली से चलती है। अतः सोनिया आवास पर प्रदर्शन किया जायेगा। इसकी तिथि 13 अप्रैल को घोषित की जायेगी।

महापंचायत शामिल संगठन -उपपा, क्रालोस, पछास, प्रगतिशील महिला एकता केन्द्र, इंकलाबी मजदूर केन्द्र, आप, उ. राज्य आंदोलनकारी परिषद, ठेका मजदूर कल्याण समिति, ईको सेसिंटिव जोन विरोधी संघर्ष समिति, देव भूमि व्यापार मण्डल, आरडीएफ, भाकपा माले, अ.भा. किसान महासभा, बुक्सा जनजाति परिषद, श्रमजीवी पत्रकार यूनियन, उक्रांद, उ.बेरोजगार संगठन, महापंचायत में निम्न गांवों से ग्रामिणों द्वारा भागीदारी की गयी छोनपुरी, मल्लपुरी, वीरपुर तारा, राजपुर, लम्बरदारपुरी, पीपलसाना, ललितपुर, बेरिया, थारी, कन्दला, जुड़का, ढकिया, बन्नाखेड़ा, किला बनवारी, भीकमपुरी, बेरिया दौलत, खेमपुर, गांधीनगर, कल्याणपुरी, मालधन।
    महापंचयत का संचालन पछास के कमलेश द्वारा किया गया। महापंचायत में निम्न वक्ताओं द्वारा अपने विचार वक्त किये गये। चन्दोदेवी, इन्द्र सिंह मनराल (यूकेडी), बिन्दु गुप्ता (प्रगतिशील महिला एकता केन्द्र, ललित उप्रेती ( ईको सेसिंटिव जोन विरोधी संघर्ष समिति ), मनीष सुन्दरियाल, धूमाकोट (उ.बेरोजगार संगठन), पुरूषोत्तम शर्मा ( अ.भा. किसान महासभा), गणेश रावत, (अध्यक्ष, श्रमजीवी पत्रकार यूनियन), कैलाश भट्ट (अध्यक्ष, इमके), नवीन नैथानी (राज्य आंदोलनकारी परिषद), प्रेम अरोरा, पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता काशीपुर, पूरन चन्द्र, कफलटिया, चोरगलिया, कैलाश पाण्डे (सीपीआई एमएल), अमर सिंह, पीसी तिवारी अध्यक्ष उपपा, सुरेश डाला कोटी, यूकेडी, नवीन सुनेजा(छात्र नेता),अजय शर्मा, बाबू सिंह तोमर, चन्द्र शेखर करगेती एडवोकेट, सोमल सिंह, मनमोहन अग्रवाल, मा. प्रताप सिंह, कैलाश खुल्वे, पप्पू सिंह, राम चन्द्र कल्याणपुरी, नारायण सिंह, मोहन पाठक, पी.पी.आर्य (क्रालोस)







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