21 October 2015

पछास का 9वां सम्मेलन जिन्दाबाद

परिवर्तनकामी छात्र संगठन का 9वां सम्मेलन 31 अक्टूबर व 1 नवम्बर 2015 को दिल्ली में आयोजित होने जा रहा है। 31 अक्टूबर से 1 नवम्बर की दोपहर तक बंद सत्र चलाया जायेगा। इस सत्र के दौरान अंतराष्ट्र्रीय, राष्ट्र्रीय व छात्र जगत तीन हिस्सों में बटी राजनीतिक रिपोर्ट पर चर्चा की जायेगी। उसके उपरांत देश-दुनिया के राजनीतिक हालातों का जायजा लेकर संगठन की समस्याओं और चुनौतियों पर चर्चा की जायेगी।
        1 नवम्बर की दोपहर 3 बजे से खुला सत्र आयोजित किया जायेगा। जिसमें टीमों द्वारा तैयार किये गये सांस्कृतिक कार्यक्रम, जुलूस व सभा का आयोजन होगा।
  दोस्तों, हम ऐसे समय में अपना 9वां सम्मेलन करने जा रहे हैं जब देश-दुनिया गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रही है। वैसे तो पूंजीवाद में मजदूर-मेहनतकशों का जीवन बद से बदतर होता जाता है किन्तु आर्थिक संकट ने हालात और भी बदतर कर दिये हैं। बेरोजगारी, कंगालीकरण, महंगाई, ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। छंटनी, सामाजिक सुरक्षा की मदों में कटौती पूरी दुनिया के शासकों की नीति बन गयी हैं। जिसके खिलाफ दुनिया के मजूदर, मेहनतकश, छात्र-नौजवान तीखे संघर्ष भी कर रहे हैं। और पूंजीवादी शासक दमन के नित नये अध्याय रच रहे हैं। 
  देश के भीतर भी दक्षिणपंथी राजनीति का बोलबाला बढ़ा है। कारपोरेट घरानों व संघ का गठजोड़, नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के रूप में सामने आया है। इस गठजोड़ ने देश की मेहनतकश जनता व छात्र समुदाय के सामने बेहद चुनौती पूर्ण परिस्थितियों को खड़ा कर दिया है। मजदूरों, किसानों, महिलाओं, अल्पसंख्यकों, दलित-वंचितों, जनवादी लोगों पर हमले तेज हुए हैं। शिक्षा में मौजूद बेहद सीमित वैज्ञानिक मूल्यों को भी खत्म करने की मुहिम तेजी से जारी है। शिक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पदों पर छांट-छांट कर संघी सोच के व्यक्तियों को बैठाया जा रहा है।
  इस प्रतिकूल समय में छात्रों-नौजवनों के कई प्रेरणादायी संघर्ष भी देश के भीतर हुए हैं। जाधवपुर यूनिर्विसटी से लेकर दिल्ली विश्वविद्यालय में छात्रों के संघर्ष पिछले वर्षों में हुए हैं। FTII पुणे के छात्रों का लम्बा संघर्ष तो अभी तक जारी है। इसके अतिरिक्त देश में मजदूरों, किसानों, महिलाओं के संघर्षो की संख्या बड़ी है। इन संघर्षो के तेवर भी पहले से अधिक तल्ख हुए हैं।
  पूंजीवादी शासकों को जवाब, यही संघर्ष और इससे अधिक तीखे संघर्ष ही दे सकते हैं। क्रांतिकारी विचारों से प्रेरित संघर्ष पूंजीवादी व्यवस्था को निर्णाक तौर पर खत्म कर समाजवाद का निर्माण करेगें। आज इसकी सख्त आवश्यकता समाज को है। परिवर्तनकामी छात्र संगठन इस दिशा में जी-जान से प्रयास करने को लेकर संकल्पबद्ध है।
  सम्मेलन के माध्यम से एक बार पुनः पछास अपनी संकल्पबद्धता को दोहराता है। इन्हीं संकल्पों को और अधिक मजबूत करने के लिए पछास अपना 9वां सम्मेलन करने जा रहा है। आप सभी साथियों से अपील हैं कि 1 नवम्बर दोपहर 3 बजे से आयोजित सम्मेलन के खुले सत्र में भागीदारी कर पछास को सहयोग व समर्थन दें।

खुला सत्र
दिनांक- 1 नवम्बर, रविवार
सम्मेलन का स्थान- विजय नगर सिंगल स्टोरी, MCD हाॅल, निकट GTB नगर मैट्रो स्टेशन गेट-4
खुले सत्र का समय- दोपहर 3 बजे से




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