‘नागरिकता संशोधन विधेयक’ (सीएबी) लोक सभा और राज्य सभा दोनों में पास हो गया है। इस विधेयक के जरिये भाजपा ने अपने घोर सांप्रदायिक चरित्र को एक बार फिर उजागर कर दिया है। इस विधेयक में धर्म को आधार मानकर नागरिकता देने का प्रबंध भाजपा की सरकार ने कर दिया है। इसके जरिये भाजपा ‘हिन्दू राष्ट्र’ के अपने फासीवादी एजेण्डे को लागू कर रही है। लंबे समय से संघ और भाजपा अपने हिन्दू राष्ट्र का सपना पाले हुए थे। अब वे इसे तेजी से जमीन पर उतारने की ओर आगे बढ़ रहे हैं। यह विधेयक इसी उद्देश्य से प्रेरित है।
13 December 2019
यौन हिंसा एनकाउण्टर और हमारा समाज
27 नवम्बर हैदराबाद में 26 वर्षीय वेटनरी डॉक्टर की गैंग रेप कर नृशंस हत्या कर दी गयी। समाज में महिलाअें के खिलाफ हो रहे ऐसे नृशंस अपराधों में क्षुब्ध व आक्रोशित तमाम लोगों द्वारा हैदराबाद सहित पूरे देश में ढेरों प्रदर्शन किये गये। रोज ब रोज महिलाओं के साथ आपराधिक घटनायें हमारे समाज की एक कड़वी सच्चाई बन चुकी है। घृणित पूंजीवादी व्यवस्था महिलाओं को सुरक्षा व बराबरी देने में सर्वथा अक्षम रही है। या ज्यादा सही कहें तो यह पूंजीवादी व्यवस्था ही मुख्यतः, मूलतः ऐसे अपराधों के लिए जिम्मेदार है। यह व्यवस्था पुरुषप्रधानता की सोच को बनाये हुए है। अश्लील उपभोक्तावादी संस्कृति को पाल-पोस रही है और समाज में कुण्ठित-विकृत मानसिकता के लोगों को पैदा कर रही है।
Subscribe to:
Comments (Atom)

