अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश से 3 जनवरी 2026 को वेनेजुएला पर हमला कर उसके राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को अगवा कर लिया गया। अमेरिकी सैनिक मादुरो व उनकी पत्नी को अगवा कर अमेरिका ले आये। जहां उन पर ड्रग माफियाओं से सम्बन्ध के तथाकथित आरोप में मुकदमा चलाया जाएगा। वेनेजुएला में हुई इस अस्थिरता को सामान्य करने के लिए सैनिक रखने तक कि बात डोनाल्ड ट्रंप ने कही।
एक संप्रभु देश पर किसी भी देश का हमला 'युद्ध की कार्यवाही' माना जाता है। अमेरिकी शासक इसके लिए कुख्यात हैं। कहीं वे इजरायल-फिलिस्तीन के युद्ध में पीछे से मुख्य ताकत थे तो अब वेनेजुएला पर सामने से हमला कर दिया है।
यह जगजाहिर है कि हमला किसी "लोकतांत्रिक" उद्देश्य या ड्रग माफिया को नुकसान पहुंचाने के लिए नहीं बल्कि अमेरिकी शासकों की दादागिरी है। अपने कमजोर होते प्रभुत्व को बनाए रखने की कोशिश है। अमेरिकी साम्राज्यवादी वेनेजुएला के प्राकृतिक संसाधनों पर कब्जा जमाना चाहते हैं। एक समय वह यहां के संसाधनों का दोहन करते भी थे। लेकिन ह्यूगो शावेज़ व निकोलस मादुरो के शासन काल में तेल व्यवसाय का राष्ट्रीयकरण कर दिया गया और अमेरिकी साम्राज्यवादी कंपनियां यहां से बाहर हो गई।
इनकी करतूतों के चलते आम जनता में इनके प्रति नफरत का इस्तेमाल कर भी वेनेजुएला के शासक अमेरिकी साम्राज्यवादियों के खिलाफ कदम उठाते रहे हैं। तभी से वेनेजुएला के शासक अमेरिकी साम्राज्यवादियों की आंखों में खटकते रहे हैं। अब इस तख्तापलट के जरिए अमेरिकी साम्राज्यवादी वेनेजुएला में अपनी पसंदीदा सरकार बैठाकर वहां के तेल, खनिज आदि भंडारों पर प्रभुत्व जमाना चाहते हैं।
दुनियाभर के शासकों ने शांति की अपील करते हुए अमेरिका के कदम को गलत या आपराधिक माना है। लेकिन दुनियाभर में लोकतंत्र का ढोल पीटने वाले अमेरिकी शासकों की आक्रामकता में कोई फर्क नहीं आया है। राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने से पहले वहां किये गए हवाई हमले में कई बेगुनाह आम जन मारे गए। जिनकी हत्या के जिम्मेदार अमेरिकी शासक और उनका सरगना डोनाल्ड ट्रम्प है।
परिवर्तनकामी छात्र संगठन संप्रभुता सम्पन्न देश वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले की निंदा करता है। मांग करता है वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को तत्काल रिहा किया जाए। हम छात्रों-नौजवानों सहित इंसाफपसंद लोगों से अपील करते हैं कि वेनेजुएला पर अमेरिकी साम्राज्यवादियों के हमले का हरसंभव विरोध करें।
क्रांतिकारी अभिवादन के बाद
परिवर्तनकामी छात्र संगठन (पछास)



.jpeg)