रोहित वेमुला की ‘हत्या’ के बाद एक बार फिर हैदराबाद विश्वविद्यालय में पुलीसिया कहर बरपा हुआ है। 24 छात्र, 2 शिक्षक व 1 पत्रकार जेल की सलाखों के पीछे हैं। वि.वि. के हाॅस्टल की लाइट, मेस बंद कर दिए गए हैं। छात्रों के एटीएम काम नही कर रहे हैं। हाॅस्टल में मेस बंद होने पर खुले में खाना बनाने के ‘अपराध’ में एक छात्र उदय भानू को पुलिस द्वारा इतनी बेरहमी से पीटा गया कि वो आई.सी.यू. में एडमिट है। वकील, समाजिक कार्यकर्ताओं आदि लोगों को वि.वि. में घुसने से रोक लगा दी गयी है तथा वि.वि. को अघोषित समय के लिए बंद कर दिया गया है।
25 March 2016
23 March 2016
भगत सिंह और गणेश शंकर विद्यार्थी की विरासत को आगे बढ़ाओ!
साथियो,
23 मार्च भगत सिंह, सुखदेव व राजगुरू की शहादत का दिन है और 25 मार्च गणेश शंकर विद्याथीं का। 23 मार्च 1931 को जहां भगत सिंह, सुखदेव व राजगुरू ब्रिटिश साम्राज्यवादियों से लोहा लेते हुए एवं समाजवादी भारत बनाने के लिए संघर्ष करते हुए अमर हो गये। वहीं 25 मार्च 1931 को कानपुर में सांप्रदायिक दंगा रोकने में गणेश शंकर विद्यार्थी शहीद हुए।
14 March 2016
फासीवाद या क्रांति? तय करो किस ओर हो तुम !
जेएनयू प्रकरण ने इस बात को बहुत अच्छी तरह से स्थापित किया है कि देश में फासीवादी खतरा हमारे समाने मुंह बांए खड़ा है। इसी प्रकरण ने ये भी स्थापित किया कि ये संघी सरकार अपने घृणित मंसूबों को पूरा करने के लिए किसी भी हद तक जाकर छल-कपट कर सकती है। मीडिया के जरिए फर्जी वीडियो को प्रचारित कर जनता के बीच अंधराष्ट्रवादी माहौल तैयार किया गया। पुलिस का इस्तेमाल कर जेएनयू को छावनी में तबदील कर दिया गया। व्यवस्था का एक-एक पुर्जा तथाकथित देशभक्ति की आड़ में तथाकथित देशद्रोहियों को कुचलने को तैयार हो गया। तमाम तरह के अस्त्र-शस्त्रों से सुसज्जित संघी सरकार के सामने देश के छात्र-नौजवानों का चुनौती प्रस्तुत करना निश्चित ही काबिले तारीफ है। सटीक क्रांतिकारी समझ और क्रांतिकारी जुझारूपन इस संघर्ष को नयी उंचाईयां देगा, संघी फासीवाद की कब्र को और गहरा करेगा।
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