NIT श्रीनगर के छात्र अपनी न्यायपूर्ण मांगों के लिए बीते 4 अक्टूबर से आंदोलनरत है। आंदोलन की अगली कड़ी में मांगे न माने जाने तक सभी 950 छात्रों ने 24 अक्टूबर से कैम्पस को छोड़ने का निर्णय लिया है। इनमें से अधिकांश छात्र कैम्पस छोड़़ कर जा चुके हैं और बाकी जाने की तैयारी कर रहे हैं। छात्रों की न्यायपूर्ण मांगों को मानने के बजाए प्रशासन उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश कर रहा है। परिवर्तनकामी छात्र संगठन (पछास) संघर्षरत छात्रों के साथ अपनी एकजुटता प्रदर्शित करते हुए प्रशासन से यथाशीघ्र छात्रों की मांग मानने की अपील करता है।
25 October 2018
17 October 2018
'सड़ते -गलते समाज में ‘‘मी टू’’ अभियान'
“मी टू'' अभियान में इन दिन कई भारतीय हस्तियां बेनकाब हो रही है। फ़िल्मी कलाकारों से लेकर राजनेता आदि कई चर्चित नामो का खुलासा बीते दिनों में हुए। समाज ने एक बहस “मी टू" को लेकर चल रही है। इस पूरे मामले को छात्र-नौजवानों को कैसे देखना चाहिए इसे समझने के लिए नागरिक समाचार पत्र में छपा यह लेख बहुत उपयोगी है।
सड़ते-गलते पूंजीवादी समाज की एक ऐसी सच्चाई जिसे हर सामान्य, हर मजदूर-मेहनतकश स्त्री अपने रोज के अनुभव से जानती है, वह है उसके साथ होने वाला यौन दुर्व्यवहार। यह यौन दुर्व्यवहार सामान्य छेड़छाड़, फब्तियां कसने से लेकर वीभत्स गैंग रेप से आगे हत्या तक जाता है।
8 October 2018
Subscribe to:
Comments (Atom)


