पिछली 10 मई से इस्राइली शासकों द्वारा फिलीस्तीनियों पर हमले जारी हैं। अब तक इन हमलों में 200 से भी अधिक लोगों की हत्या की जा चुकी है। इन हमलों में मासूम बच्चों को भी मिसाइली हमले का शिकार बनाया गया है। भारी संख्या में इस्राइली मिसाइलों ने फिलीस्तीन के अस्पतालों, स्कूलों व घरों को निशाना बनाया है। फिलीस्तीन की तरफ से कट्टरपंथी संगठन हमास भी इस्राइली हमले का जवाब दे रहा है। लेकिन हमास के हमले इस्राइली हमलों के आगे कहीं नहीं ठहरते। इस्राइल हमास के ज्यादातर मिसाइलों को हवा में नष्ट कर दे रहा है। अमेरिकी और यूरोपीय साम्राज्यवादियों की मदद से अपना सैन्यकरण करने वाले इस्राइल के पास जनसंहारक हथियार हैं। वह इन हथियारों का इस्तेमाल फिलीस्तीन पर कर रहा है। जिसकी कीमत फिलीस्तीन के मासूम बच्चों, महिलाओं और आम नागरिकों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ रही है।
19 May 2021
17 May 2021
प्रो. लाल बहादुर वर्मा को विनम्र श्रद्धांजलि
प्रसिद्ध इतिहासकार व वामपंथी बुद्धिजीवी प्रो. लाल बहादुर वर्मा जी का 17 मई को देहरादून में निधन हो गया। वह 5 मई को कोरोना से संक्रमित पाये गये थे। लम्बे इलाज के दौरान ह्रदय गति रुकने से उनकी मृत्यु हो गयी।
ये मौतें नहीं नरसंहार है!
इस समय हमारा देश और हम एक ऐसा दर्द सह रहे हैं जिससे बचा जा सकता था। इस समय हमारा देश एक ऐसा देश बना दिया गया है जहां अपने प्रिय परिजनों को अस्पताल में भर्ती कराने के लिए रोते-गिड़गिड़ाते लोगों और ऑक्सीजन न मिल पाने के कारण तड़प-तड़प कर मर जाने वाले लोगों का मंजर, आम मंजर बन गया है। इस वक्त हमारा देश ऐसा देश बना दिया गया है जहां पर लोग अपने प्रियजनों की लाशों को अपने ही कंधों पर ढोने को मजबूर कर दिये गये हैं। हमने ऐसा पहले कभी नहीं देखा कि मृृतकों के लिए शमशान, लकड़ी और कब्रें भी कम पड़ गयी हों और सैकड़ों की संख्या में लाशें नदी में तैर रही हैं। इन तैरती लाशों को कुत्ते नोंच रहे हैं। कई परिवार तो ऐसे हैं जहां एक की मौत का मातम भी पूरा नहीं हुआ था कि दूसरी, तीसरी,.... मौतें हो गयीं। लोग अपने एक प्रिय की मौत पर सही से रो भी नहीं पाए थे कि अन्य प्रियजनों को बीमारी ने आ घेरा। कई परिवार तो ऐसे हो गये हैं जहां सिर्फ दुधमुहें बच्चे ही बचे हैं, जिनके सिर पर अब किसी का भी आसरा नहीं बचा।
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