विगत 1 जुलाई को बांग्लादेश के ढाका उच्च न्यायालय के आदेश पर आरक्षण की पुरानी व्यवस्था बहाल करने के विरोध में छात्रों के प्रदर्शन शुरू हुए। 2018 में आरक्षण विरोधी प्रदर्शनों के दबाव में प्रधानमंत्री शेख हसीना ने आरक्षण समाप्त कर दिया था। अदालत के रास्ते आरक्षण के पक्ष में फैसला आने से छात्र सड़कों पर उतरने को मजबूर हुए। प्रदर्शनों का पुलिस ने आंसू गैस, लाठीचार्ज, गोली मारकर दमन किया। पुलिस के अलावा सेना का भी इस्तमाल किया गया है। देशव्यापी इंटरनेट सेवाएं बन्द की गई हैं। छात्रों के इस जुझारू संघर्ष में अब तक 115 लोगों के मारे जाने की खबर है। 21 जुलाई को सर्वोच्च अदालत ने आरक्षण को सीमित करने का फैसला दिया। साथ ही छात्रों से विश्वविद्यालयों में जाकर पढ़ने की अपील की है।
22 July 2024
21 June 2024
मोदी सरकार का नया कीर्तिमान NEET पेपर लीक के बाद अब UGC NET की परीक्षा रद्द!
लगातार हो रहे पेपर लीक के खिलाफ आवाज बुलंद करो।
मोदी सरकार और UGC की सबसे प्रिय एजेंसी "NTA" नित नए कीर्तिमान स्थापित करती जा रही है। NEET एग्जाम में पेपर लीक और धांधलियों को सरकार अब तक झुठला ही रही थी कि इधर UCG NET की परीक्षा रद्द कर दी गई है।
8 June 2024
NEET (UG) 2024 के परिणामों के बाद, एक बार फिर मेडिकल छात्रों की आत्महत्याओं की खबरें आ रही हैं!
इस बार NEET के परिणाम घोषित करने के लिए NTA ने 14 जून की तारीख घोषित की थी, लेकिन अचानक से इन्हें 4 जून को (लोकसभा चुनाव परिणामों की चर्चा के बीच) घोषित कर दिया गया। NTA द्वारा आयोजित कराए जाने वाली तमाम परीक्षाओं पर सवाल उठते रहे हैं, लेकिन इस बार के परिणामों में NTA ने खुलेआम धांधली की सारी हदें तक पार कर दी हैं।
26 April 2024
अमेरिकी विश्वविद्यालयों के छात्रों को सलाम!
पिछले कई दिनों से अमेरिका में एक के बाद एक विश्वविद्यालयों में छात्रों के प्रदर्शन हो रहे हैं। लगभग 25 विश्वविद्यालय के छात्र अपने कैंपस में प्रदर्शन कर रहे हैं। यह प्रदर्शन फिलिस्तीन पर जारी नरसंहार के खिलाफ हैं। छात्रों की मांग है कि यह नरसंहार तुरंत रोका जाय।
8 April 2024
लोकसभा चुनाव के मौके पर छात्रों-नौजवानों का मांग पत्र
साथियो,
पूरे देश में चुनावी माहौल गर्म हो चुका है। नेतागण वायदों-जुमलों-गारंटियों की घोषणायें कर जनता को लुभाने में मगन हैं।
इन चुनावों में हमारे सामने एक ओर पिछले 10 वर्षों से सत्ता में बैठी भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए गठबंधन सरकार है। जो तमाम सारे वायदे कर सत्ता में आई थी। लेकिन सत्ता में आने के बाद इस सरकार ने इसके एकदम उलट ही काम किया है। हम देख सकते हैं देश भर में छात्र-नौजवान, मजदूर-किसान, महिलाएं, छोटे व्यापारी, कर्मचारी आदि सभी वर्ग-तबके इस सरकार की नीतियों का दंश झेल रहे हैं। बढ़ती बेरोजगारी ने हम छात्र-युवाओं का भविष्य अंधकारमय बना दिया है। वहीं श्रम कानूनों पर हुये हमले ने मज़दूरों के काम के हालात और कठिन बना दिये हैं। इसी सरकार के कार्यकाल में किसानों के ऊपर काले कानून लाद दिए गए। किसानों के लंबे संघर्ष और 700 से अधिक बलिदानों के बाद यह सरकार कानून वापस करने को मजबूर हुई। एक ओर मोदी सरकार 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' का नारा देती है तो दूसरी ओर आईआईटी बीएचयू में छात्रा के साथ बलात्कार में भाजपा आईटी सेल के कार्यकर्ता संलिप्त होते है। इनका नारी विरोधी चरित्र महिला कुश्ती पहलवानों के यौन उत्पीड़न के आरोपी भाजपा सांसद ब्रजभूषण सिंह को बचाने व पुलिस द्वारा महिला पहलवानों के साथ किये दुर्व्यवहार के रूप में दिखा। महंगाई, गरीबी से आमजन के हालत बेहाल है। दलितों, आदिवासियों, अल्पसंख्यकों पर इस सरकार में हमले बढ़ें हैं।
16 March 2024
आइये! शहीदों की क्रांतिकारी विरासत को आगे बढ़ायें।
शहीद भगतसिंह
23 मार्च, शहीदे आजम भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरू का शहादत दिवस है। भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरू करोड़ों-करोड़ भारतीय मेहनतकश जनता के क्रांतिकारी नायकों के रूप में शहीद हुए। यही वजह है कि आज इन क्रांतिकारियों को सम्मान के साथ याद किया जाता है। 23-24 साल के यह शहीद युवा क्रांतिकारी सबसे ज्यादा नौजवानों में लोकप्रिय हैं। वह अपने दौर में लुटेरे ब्रिटिश साम्राज्यवादी शासकों से क्यों लड़े? आज इन शहीदों की शहादत दिवस हम ऐसे समय में मना रहे हैं। जब लोकसभा चुनाव होने जा रहे हैं। जिसमें पूंजीवादी राजनीतिक पार्टियां सत्ता पाने के लिए हर तरह से जोड़-तोड़ में लगी हुई हैं। एक तरफ सभी चुनावी राजनीतिक पार्टियां बड़े-बड़े चुनावी दावे कर रही हैं। पिछले दावों का हिसाब नहीं दिया जा रहा है। चुनावी जुमले जनता के सामने बोले जा रहे हैं। तो वहीं दूसरी तरफ चुनाव जीतने के लिए संघ-भाजपा साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण तेज कर रही है। तो दूसरी चुनावबाज पार्टियां नरम हिंदुत्व का सहारा ले रही हैं। ऐसे समय में इन शहीदों की राह कैसे आगे बढ़ें यह हमें तय करना है।
13 March 2024
नागरिकता संशोधन कानून के नाम पर सांप्रदायिकता का जहर घोलने की कोशिशों का विरोध करो!
11 दिसंबर 2019 को संसद में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) पारित कर दिया गया। धर्म के आधार पर नागरिकता देने में भेदभाव करने वाले इस कानून का उस समय देशभर में तीखा विरोध हुआ था। भारी विरोध के कारण मोदी सरकार कानून को लागू करने के लिए बनने वाली नियमावली जारी करने से बचती रही। अब मोदी सरकार ने 11 मार्च को सीएए कानून की नियमावली जारी कर दी। जिस बिल को पढ़ते वक्त भारत के गृह मंत्री अमित शाह बोलते हैं कि इस बिल के द्वारा पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से मुस्लिमों को छोड़कर हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, ईसाई, पारसी सभी अल्पसंख्यकों (उक्त देशों के) को नागरिकता देने का रास्ता प्रशस्त होगा।
8 March 2024
अंकिता भंडारी के अपराधियों को सख्त सजा दो!
पत्रकार आशुतोष नेगी को तुरंत रिहा करो!!
उत्तराखंड में बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच की मांग को लेकर प्रदर्शनरत स्थानीय पत्रकार आशुतोष नेगी को पौड़ी गढ़वाल की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आशुतोष नेगी साप्ताहिक समाचार पत्र 'जागो उत्तराखंड' के संपादक, प्रकाशक थे। इसी नाम से वह वेब पोर्टल भी चलाते थे। वेबसाइट ब्लॉक कर दी गयी है। खबरों के मुताबिक उन पर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति रोकथाम अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसके अलावा कई और धाराओं पर भी उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए हैं। 5 मार्च को गिरफ्तारी के बाद 15 मार्च तक की न्यायिक हिरासत लेकर जेल में भेज दिया गया है। पत्रकार आशुतोष नेगी अनिश्चितकालीन धरने पर थे और वह आंदोलन में मुख्य नेतृत्वकारी भूमिका में थे।
12 December 2023
आओ! काकोरी शहीदों, क्रांतिकारियों की विरासत को आगे बढ़ाएं!
अशफाक़-बिस्मिल का संदेश..., हिन्दू-मुस्लिम सबका देश।
साथियो,
काकोरी कांड के शहीदों की शहादत की यह 96 वीं वर्षगांठ हैं। काकोरी कांड के शहीदों में राजेंद्र नाथ लाहिड़ी को 17 दिसंबर और राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान व रोशन सिंह को 19 दिसंबर 1927 को जालिम ब्रिटिश साम्राज्यवादियों ने फांसी के फंदे पर चढ़ा दिया था। आजादी के मतवाले यह नौजवान हमारे प्यारे देश भारत को ब्रिटिश साम्राज्यवादियों से आजाद कराना चाहते थे। इसी काम के लिए काकोरी के यह शहीद ब्रिटिश शासकों द्वारा भारतीय जनता के ऊपर लादे गये टैक्स से जमा सरकारी खजाने को लूटने निकले थे। यह शहीद भारत में शोषण-उत्पीड़न-भेदभाव-अन्याय-अत्याचार को खत्म कर बराबरी पर आधारित समाज बनाना चाहते थे। यही बात क्रूर ब्रिटिश शासकों को नागवार गुजरी थी। भगत सिंह और आगे इसी क्रांतिकारी धारा से निकले असंख्य क्रांतिकारियों को भी ब्रिटिश शासकों ने फाँसी पर चढ़ाया। क्या इन शहीदों के सपनों का भारत बन पाया?
2 November 2023
आईआईटी BHU में छात्रा के साथ यौन उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठायें!
वाराणसी में IIT BHU के हजारों छात्र कक्षाएं छोड़कर धरना दे रहे हैं। वजह है, बीती 1 नवंबर (बुधवार) की देर रात बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) कैंपस में एक छात्रा का यौन उत्पीड़न। छात्रा IIT BHU में सेकेंड ईयर में अध्ययनरत है, परिसर में ही यौन उत्पीड़न हुआ। मीडिया से मिली जानकारी के अनुसार मामले में दर्ज शिकायत के मुताबिक कुछ युवकों ने छात्रा के साथ मारपीट की, जबरन उसके कपड़े उतरवाए और तस्वीरें खींचीं। इस मामले में IPC की 354, 506 धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। इतनी गंभीर घटना होने के बावजूद अभी तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी व छात्रा की मेडिकल जांच नहीं की गई है। आईआईटी के निदेशक आंदोलित छात्रों से बात करने को तैयार नहीं हैं।
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