साथियो,
पूरे देश में चुनावी माहौल गर्म हो चुका है। नेतागण वायदों-जुमलों-गारंटियों की घोषणायें कर जनता को लुभाने में मगन हैं।
इन चुनावों में हमारे सामने एक ओर पिछले 10 वर्षों से सत्ता में बैठी भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए गठबंधन सरकार है। जो तमाम सारे वायदे कर सत्ता में आई थी। लेकिन सत्ता में आने के बाद इस सरकार ने इसके एकदम उलट ही काम किया है। हम देख सकते हैं देश भर में छात्र-नौजवान, मजदूर-किसान, महिलाएं, छोटे व्यापारी, कर्मचारी आदि सभी वर्ग-तबके इस सरकार की नीतियों का दंश झेल रहे हैं। बढ़ती बेरोजगारी ने हम छात्र-युवाओं का भविष्य अंधकारमय बना दिया है। वहीं श्रम कानूनों पर हुये हमले ने मज़दूरों के काम के हालात और कठिन बना दिये हैं। इसी सरकार के कार्यकाल में किसानों के ऊपर काले कानून लाद दिए गए। किसानों के लंबे संघर्ष और 700 से अधिक बलिदानों के बाद यह सरकार कानून वापस करने को मजबूर हुई। एक ओर मोदी सरकार 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' का नारा देती है तो दूसरी ओर आईआईटी बीएचयू में छात्रा के साथ बलात्कार में भाजपा आईटी सेल के कार्यकर्ता संलिप्त होते है। इनका नारी विरोधी चरित्र महिला कुश्ती पहलवानों के यौन उत्पीड़न के आरोपी भाजपा सांसद ब्रजभूषण सिंह को बचाने व पुलिस द्वारा महिला पहलवानों के साथ किये दुर्व्यवहार के रूप में दिखा। महंगाई, गरीबी से आमजन के हालत बेहाल है। दलितों, आदिवासियों, अल्पसंख्यकों पर इस सरकार में हमले बढ़ें हैं।