8 September 2014

प्रेम करने का जनवादी अधिकार और तथाकथित ‘लवजेहाद’


    आजकल पूरी ही संघ मण्डली ने मिलकर एक नया प्रपंच खड़ा किया है। राम मंदिर, राम-सेतु के बाद ये नया प्रपंच ‘लवजेहाद’ का है। उनका कहना है कि मुस्लिम लड़कों द्वारा हिन्दू लड़कियों को बहला-फुसलाकर उनसे शादी कर जबरन उनका धर्म-परिवर्तन करवाया जा रहा है। मजेदार बात ये है कि खुद बीजेपी और संघ के कई नेताओं ने भी अंर्तधार्मिक विवाह किया है, पर बीजेपी की नजर में ये ‘लवजेहाद’ का हिस्सा नहीं है।

16 August 2014

सिविल सेवा परिक्षा और भाषा का सवाल

    पिछले दो माह से सिविल सेवा परीक्षा के ‘सीसैट’ के पेपर का हिन्दी भाषी क्षेत्र से आने वाले छात्र विरोध कर रहे थे। ये छात्र ‘सीसैट’ के पेपर में अपनाए जा रहे पैटर्न को गैरबराबरी पूर्ण मानते हुए इसे हटाने की मांग कर रहे हैं। लगातार ‘हिन्दी-हिन्दी’ चिल्लाने वाली बीजेपी सरकार निर्लज्जता के साथ छात्रों की इस समस्या का हल लाठी-डंडों से कर रही है।

6 April 2014

केवल सरकार बदलने से व्यवस्था नहीं बदलेगी

       पूरा देश इस समय लोकसभा चुनाव के रंग में रंगा हुआ है। सारी पार्टियां और नेता दावा कर रहे हैं कि वे ही देश की तस्वीर बदल सकते हैं। ऐसे में छात्र-नौजवानों को विचार करना है कि क्या इन पार्टियों और नेताओं के दावों में कोई सच्चाई है? कुछ ज्वलंत सवाल बनते हैं, जिन पर हमें गंभीरता से सोचना होगा।

22 March 2014

23 मार्चः शहादत दिवस

   छात्र-नौजवान देश का भविष्य होते हैं। बेहतर भविष्य के लिए उन्हें वर्तमान में संघर्ष करना होता है। किंतु इस संघर्ष को अधिकांश नौजवान अलग-थलग पड़कर और केवल अपने बेहतर भविष्य के लिए कर रहे होते हैं। समूह, देश और समाज की चिंता करना उन्हें नहीं सिखाया जाता। इसलिए वे राजनीति से भी दूर रहते हैं।

6 March 2014

महिलाओं के मुक्ति-संघर्ष का आह्वान करने वाला दिन


   08 मार्च मेहनतकश महिलाओं के न्यायसंगत विद्रोहों का प्रतीक दिवस है। इसकी शुरूआत 1910 में यूरोप की समाजवादी क्रांतिकारी महिलाओं ने की थी। इन क्रांतिकारी महिलाओं के नेतृत्व में उस समय मेहनतकश महिलायें ‘घरेलू दासता से मुक्ति’, ‘समान काम का समान वेतन’, ‘10 घंटे का कार्य दिवस’, ‘यूनियन बनाने का अधिकार’, ‘सार्विक मताधिकार’ जैसे न्यायपूर्ण मांगों के लिए लड़ रही थीं।

17 November 2013

पछास के 8वें सम्मेलन में भागीदारी करें


              
साथी,
      आपको जानकर हर्ष होगा कि परिवर्तनकामी छात्र संगठन (पछास) 23-24 नवम्बर 2013 को बरेली(यूपी) में अपना 8वां सम्मेलन करने जा रहा है।
            आज अमेरिका के नेतत्व में साम्राज्यवादी ताकतें पूरी दुनिया की मेहनतकश जनता पर हमला बोले हुए हैं। 2007 में अमेरिका में आयी आर्थिक मंदी का फायदा साम्राज्यवादी, गरीब मुल्कों पर अपनी नीतियां थोपकर उठा रहे हैं। जिसका खामियाजा इन देशों की मेहनतकश जनता को मंहगाई, बेरोजगारी, सामाजिक संसाधनों में कटौती के रूप में चुकाना पड़ रहा है।

9 September 2013

साम्प्रदायिक उन्माद फैलाने की साजिश नाकाम करने हेतू आगे आओ


    इस समय पश्चिमी उत्तर प्रदेश का मुजफ्फरनगर जिला साम्प्रदायिक उन्माद की आग में जल रहा है। 9 सितम्बर के अखबारों में 21 से 28 तक मृतकों की संख्या बताई गई है। कई लोग लापता भी बताये जा रहे हैं। उम्मीद है कि मृतकों की वास्तविक संख्या घोषित आंकड़ों से दुगनी-तिगुनी होगी।

6 August 2013

दिल्ली विश्वविघालय : शिक्षा की मास प्रोडक्शन फैक्टरी


    उदारीकरण-वैश्वीकरण के इस दौर के भारत में बहुत सारे अमेरिका प्रेमी लोग हैं। इनमें मनमोहन सिंह, पी.चिदंबरम और मोंटेक सिंह आहलूवालिया के नाम प्रमुख हैं। अब इन्हीं में एक नाम शिक्षा के क्षेत्र से भी जुड़ गया। यह नाम है दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति दिनेश सिंह का।
    दिनेश सिंह ने एक दिन बहुत भावभीने स्वर में यह कहा कि भारत के छात्र जब तीन साल का स्नातक कोर्स कर अमेरिका जाते हैं तो उन्हें स्नातकोत्तर पाठयक्रम में प्रवेश के लिए एक साल का अतिरिक्त पाठ्यक्रम करना होता है, इससे उन्हें कठिनाई होती है। दिल्ली विश्वविघालय में स्नातक का पाठ्यक्रम चार साल का कर देने से यह कठिनाई दूर हो जायेगी।

17 July 2013

आपदा प्रभावित क्षेत्र पर रिपोर्ट (जिला- रुद्रप्रयाग, उत्तराखण्ड)

      

             16,17 जून, 2013 को उत्तराखण्ड के विभिन्न जिलों में बादल फटने, अतिवृष्टि, बाढ़ और भूस्खलन से भारी पैमाने पर जान-माल की हानि हुई। इस आपदा का मुख्य प्रभावित क्षेत्र रुद्रप्रयाग जिला है। प्रस्तुत रिपोर्ट रुद्रप्रयाग जिले के ही विभिन्न क्षेत्रों के संदर्भ में है। रिपोर्ट का आधर प्रत्यक्ष सर्वेक्षण व लोगों से हुई बातचीत में उभरने वाली आम सच्चाइयां हैं। सर्वेक्षण टीम 30 जून से 04 जुलाई तक आपदा प्रभावित क्षेत्र में रही। 

27 June 2013

आपदा पीडि़त उत्तराखण्ड की मेहनतकश जनता के साथ खड़े हो!

            आपदा पीडि़त उत्तराखण्ड की मेहनतकश जनता के साथ खड़े हो!

                         हालात बदलने के लिए आगे आओ!

साथियों,
             उत्तराखण्ड में भारी तबाही अपने सबसे कुरूप चेहरे के साथ उपस्थित हो चुकी है। 15 जून के बाद हुई भारी बारिश और भूस्खलन ने हजारों लोगों को अत्यंत खेद और क्षोभ पैदा करने वाली मौतें दी। जो लोग पानी में बहने या मलबे में दबने से बच गये वे किसी आश्रय के अभाव में भूख और ठंड का दोहरा कोप झेलने को विवश हुए। चार पट्टियों. रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड, ऋषिकेश -जोशीमठ-माणा, ऋषिकेश-धरासू-गंगोत्री और पिथौरागढ़-घाटी बगरा पर बर्बादी का मंजर छाया हुआ है।