22 March 2014
23 मार्चः शहादत दिवस
6 March 2014
महिलाओं के मुक्ति-संघर्ष का आह्वान करने वाला दिन
08 मार्च मेहनतकश महिलाओं के न्यायसंगत विद्रोहों का प्रतीक दिवस है। इसकी शुरूआत 1910 में यूरोप की समाजवादी क्रांतिकारी महिलाओं ने की थी। इन क्रांतिकारी महिलाओं के नेतृत्व में उस समय मेहनतकश महिलायें ‘घरेलू दासता से मुक्ति’, ‘समान काम का समान वेतन’, ‘10 घंटे का कार्य दिवस’, ‘यूनियन बनाने का अधिकार’, ‘सार्विक मताधिकार’ जैसे न्यायपूर्ण मांगों के लिए लड़ रही थीं।
17 November 2013
पछास के 8वें सम्मेलन में भागीदारी करें
साथी,
आपको जानकर हर्ष होगा कि परिवर्तनकामी
छात्र संगठन (पछास) 23-24 नवम्बर 2013 को बरेली(यूपी) में अपना 8वां सम्मेलन करने जा रहा है।
आज अमेरिका के नेतत्व में
साम्राज्यवादी ताकतें पूरी दुनिया की मेहनतकश जनता पर हमला बोले हुए हैं। 2007 में अमेरिका में आयी आर्थिक मंदी का
फायदा साम्राज्यवादी, गरीब मुल्कों पर अपनी नीतियां थोपकर
उठा रहे हैं। जिसका खामियाजा इन देशों की मेहनतकश जनता को मंहगाई, बेरोजगारी, सामाजिक संसाधनों में कटौती के रूप में
चुकाना पड़ रहा है।
9 September 2013
साम्प्रदायिक उन्माद फैलाने की साजिश नाकाम करने हेतू आगे आओ
इस समय पश्चिमी उत्तर प्रदेश का मुजफ्फरनगर जिला साम्प्रदायिक उन्माद की आग में जल रहा है। 9 सितम्बर के अखबारों में 21 से 28 तक मृतकों की संख्या बताई गई है। कई लोग लापता भी बताये जा रहे हैं। उम्मीद है कि मृतकों की वास्तविक संख्या घोषित आंकड़ों से दुगनी-तिगुनी होगी।
6 August 2013
दिल्ली विश्वविघालय : शिक्षा की मास प्रोडक्शन फैक्टरी
उदारीकरण-वैश्वीकरण के इस दौर के भारत में बहुत सारे अमेरिका प्रेमी लोग हैं। इनमें मनमोहन सिंह, पी.चिदंबरम और मोंटेक सिंह आहलूवालिया के नाम प्रमुख हैं। अब इन्हीं में एक नाम शिक्षा के क्षेत्र से भी जुड़ गया। यह नाम है दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति दिनेश सिंह का।
दिनेश सिंह ने एक दिन बहुत भावभीने स्वर में यह कहा कि भारत के छात्र जब तीन साल का स्नातक कोर्स कर अमेरिका जाते हैं तो उन्हें स्नातकोत्तर पाठयक्रम में प्रवेश के लिए एक साल का अतिरिक्त पाठ्यक्रम करना होता है, इससे उन्हें कठिनाई होती है। दिल्ली विश्वविघालय में स्नातक का पाठ्यक्रम चार साल का कर देने से यह कठिनाई दूर हो जायेगी।
17 July 2013
आपदा प्रभावित क्षेत्र पर रिपोर्ट (जिला- रुद्रप्रयाग, उत्तराखण्ड)
16,17 जून, 2013 को उत्तराखण्ड के विभिन्न जिलों में बादल फटने, अतिवृष्टि, बाढ़ और भूस्खलन से भारी पैमाने पर जान-माल की हानि हुई। इस आपदा का मुख्य प्रभावित क्षेत्र रुद्रप्रयाग जिला है। प्रस्तुत रिपोर्ट रुद्रप्रयाग जिले के ही विभिन्न क्षेत्रों के संदर्भ में है। रिपोर्ट का आधर प्रत्यक्ष सर्वेक्षण व लोगों से हुई बातचीत में उभरने वाली आम सच्चाइयां हैं। सर्वेक्षण टीम 30 जून से 04 जुलाई तक आपदा प्रभावित क्षेत्र में रही।
27 June 2013
आपदा पीडि़त उत्तराखण्ड की मेहनतकश जनता के साथ खड़े हो!
आपदा पीडि़त उत्तराखण्ड की मेहनतकश जनता के साथ खड़े हो!
हालात बदलने के लिए आगे आओ!
साथियों,
उत्तराखण्ड में भारी तबाही अपने सबसे कुरूप चेहरे के साथ उपस्थित हो चुकी है। 15 जून के बाद हुई भारी बारिश और भूस्खलन ने हजारों लोगों को अत्यंत खेद और क्षोभ पैदा करने वाली मौतें दी। जो लोग पानी में बहने या मलबे में दबने से बच गये वे किसी आश्रय के अभाव में भूख और ठंड का दोहरा कोप झेलने को विवश हुए। चार पट्टियों. रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड, ऋषिकेश -जोशीमठ-माणा, ऋषिकेश-धरासू-गंगोत्री और पिथौरागढ़-घाटी बगरा पर बर्बादी का मंजर छाया हुआ है।
4 May 2013
मारूति मजदूरों के आन्दोलन के समर्थन में
समर्थन पत्र
प्रति,
अध्यक्ष / सचिव
प्रोविजनल कमेटी, मारूति सुजुकी वर्कस यूनियन
मानेसर, हरियाणा
बहादुर साथियों,
आपके जुझारू संघर्ष को परिवर्तनकामी छात्र संगठन की ओर से क्रान्तिकारी सलाम। साथियों शासन - प्रशासन - प्रबंधन के कुत्सित प्रयासों व दमन के बावजूद अपनी जायज मांगो को लेकर आप लगातार संघर्ष के मैदान में डटे हुए हैं, और अपनी फौलादी एकता से शासन - प्रशासन - प्रबंधन को लगातार चुनौती दे रहे हैं। आंदोलन के दौरान स्थायी व ठेके के मजदूरों की एकता काबिले तारीफ हैं। संघर्ष के दौरान आप ने मारूति प्रबंधन के साथ पूरे पूंजीपति वर्ग को मजदूर वर्ग की ओर से चुनौती पेश की है जिससे पूरा पूजीवादी अमला बौखलाया हुया हैं। परिवर्तनकामी छात्र संगठन आपकी जायज मांगो का समर्थन करता हैं और इस संघर्ष में आपके साथ एकजुटता प्रदर्शित करता है।
प्रति,
अध्यक्ष / सचिव
प्रोविजनल कमेटी, मारूति सुजुकी वर्कस यूनियन
मानेसर, हरियाणा
बहादुर साथियों,
आपके जुझारू संघर्ष को परिवर्तनकामी छात्र संगठन की ओर से क्रान्तिकारी सलाम। साथियों शासन - प्रशासन - प्रबंधन के कुत्सित प्रयासों व दमन के बावजूद अपनी जायज मांगो को लेकर आप लगातार संघर्ष के मैदान में डटे हुए हैं, और अपनी फौलादी एकता से शासन - प्रशासन - प्रबंधन को लगातार चुनौती दे रहे हैं। आंदोलन के दौरान स्थायी व ठेके के मजदूरों की एकता काबिले तारीफ हैं। संघर्ष के दौरान आप ने मारूति प्रबंधन के साथ पूरे पूंजीपति वर्ग को मजदूर वर्ग की ओर से चुनौती पेश की है जिससे पूरा पूजीवादी अमला बौखलाया हुया हैं। परिवर्तनकामी छात्र संगठन आपकी जायज मांगो का समर्थन करता हैं और इस संघर्ष में आपके साथ एकजुटता प्रदर्शित करता है।
8 March 2013
8 मार्च अन्तर्राष्ट्रीय कामगार महिला दिवस के अवसर पर
इंकलाब ज़िन्दाबाद! समाजवाद ज़िन्दाबाद!!
8
मार्च अन्तर्राष्ट्रीय कामगार महिला दिवस के अवसर पर
पुरूष प्रधान मूल्य-मान्यताओं और नारी
विरोधी उपभोक्तावादी संस्कृति पर धावा बोलो!
अंतर्राष्ट्रीय कामगार महिला दिवस की
क्रांतिकारी विरासत को आगे बढ़ाओं!!
कामगार
बहिनों और भाइयों! भारत में महिलाओं को कितनी बेखौफ आज़ादी और सुरक्षा हासिल है,
राजधानी
दिल्ली में पैरामेडिकल की छात्रा दामिनी के साथ हुये सामूहिक बलात्कार की दर्दनाक
घटना इसका प्रतीक उदाहरण है। कार्यस्थलों से लेकर घर के भीतर तक महिलायें
असुरक्षित हैं। यहां तक कि कोख में भी बच्चियां असुरक्षित हैं।
22 February 2013
आम हड़ताल के समर्थन में छात्र-नौजवान भी आगे आयंे!
आम हड़ताल के समर्थन में छात्र-नौजवान भी आगे आयंे!
आज और कल (20 व 21 फरवरी) देष की 11 टेड यूनियन केंद्रों ने आम हड़ताल का आह्वान किया है। परिवर्तनकामी छात्र संगठन इस आम हड़ताल का पूरा समर्थन करता है। साथ ही हम विभिन्न छात्र संगठनों व छात्र समुदाय से अपील करते हैं कि वह इस हड़ताल में मजदूरों-कर्मचारियों के समर्थन में छात्र हड़ताल का आयोजन करें।
आज और कल (20 व 21 फरवरी) देष की 11 टेड यूनियन केंद्रों ने आम हड़ताल का आह्वान किया है। परिवर्तनकामी छात्र संगठन इस आम हड़ताल का पूरा समर्थन करता है। साथ ही हम विभिन्न छात्र संगठनों व छात्र समुदाय से अपील करते हैं कि वह इस हड़ताल में मजदूरों-कर्मचारियों के समर्थन में छात्र हड़ताल का आयोजन करें।
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