सरकार द्वारा गठित सुब्रमण्यम कमेटी ने अपनी रिर्पोट सरकार को सौंप दी है। कमेटी ने कालेजों में छात्रों की राजनीतिक गतिविधियों, पहलकदमियों को रोकने के सुझाव पेश किए हैं। इसके लिए कमेटी ने सख्त तौर पर कहा है कि कालेजों में राजनीतिक गतिविधियां बंद होनी चाहिए। अधिक उम्र के छात्रों को हाॅस्टलों-कैम्पसों से बाहर करना चाहिए। कालेज में धर्म, जाति के आधार पर बने संगठनों पर पूर्ण पाबंदी होनी चाहिए। सुब्रमण्यम कमेटी की यह रिर्पोट सरकार की मंशा को साफ जाहिर कर देती है या ज्यादा सही कहे तो कमेटी ने वही सिफारिशें प्रस्तावित की हैं जो सरकार चाहती है तथा कई अर्थो में सरकार यह सब कह भी रही है।
2 July 2016
30 June 2016
शहीद शिक्षकों का खून रंग लाएगा
मैक्सिको के बर्बर शासकों ने किया 9 शिक्षकों का कत्ल
19 जून को मैक्सिको सरकार ने ओक्साका प्रांत में 500 हड़ताली शिक्षकों व उनके समर्थकों पर अंधाधुंध गोलियां चलाकर 9 शिक्षकों की हत्या कर दी तथा दर्जनों को घायल कर दिया। ये शिक्षक लंबे समय से जनविरोधी ‘शैक्षिक सुधारों’ के खिलाफ संघर्षरत थे और विरोध की इसी कड़ी में उन्होने सड़क जाम कर दी थी। जिसका खूनी दमन मैक्सिको पुलिस द्वारा बिना किसी चेतावनी के अंधाधुंध गोलीबारी कर के किया गया। मरने वालों व घायलों में ज्यादातर युवा हैं। परिवर्तनकामी छात्र संगठन शिक्षकों की नृशंस हत्या का विरोध करते हुए शहीद शिक्षकों को श्रृद्धांजली अर्पित करता है।
13 June 2016
अब शिक्षकों पर मोदी सरकार का हमला
यू.जी.सी. ने 4 मई को शिक्षकों के वर्कलोड व प्रमोशन से संबंधित अपने 2010 के रेगुलेशन में कई संशोधन करते हुए एक अधिसूचना जारी की है। अधिसूचना के बाद से ही तमाम विश्वविद्यालयों के शिक्षक यू.जी.सी. द्वारा किये गये इन संशोधनों के खिलाफ एकजुट हो रहे हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय टीचर्स ऐशोसियेशन(डूटा) ने संघर्ष की शरूआत करते हुए डीयू में परीक्षा कापियों की जांच प्रक्रिया का बहिष्कार कर दिया हे। जामिया, जे.एन.यू.व देशभर के तमाम शिक्षक संगठनों ने डूटा का समर्थन करते हुए संघर्ष के लिए कमरकश ली है। शिक्षकों की इस लड़ाई में तमाम छात्र संगठन (ए.बी.वी.पी. को छोड़कर) भी शिक्षकों के साथ एकजुट हुए हैं।
3 June 2016
नीट: न्यायालय के पैबंद पर सरकार का अध्यादेश
पिछले दिनों चिकित्सा प्रवेश परीक्षा NEET (नेशनल एलिजिबिलिटी कम इंट्रेन्स टेस्ट) पर सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के विरुद्ध मोदी सरकार अध्यादेश लेकर आयी जिस पर राष्ट्रपति ने हस्ताक्षर कर दिये। अब राज्य एम.बी.बी.एस. व दंत चिकित्सा के लिए अपनी अलग से परीक्षा करा सकते हैं। फिलहाल ये छूट इस वर्ष प्रवेश परीक्षा कराने को लेकर है। हालांकि निजी चिकित्सा संस्थानों को अपने यहां प्रवेश ‘नीट’ के द्वारा ही लेने होंगे। इसमें भी उन सीटों पर प्रवेश ‘नीट’ के द्वारा नहीं होंगे जिन सीटों को इन निजी मेडिकल काॅलेजों में राज्य के कोटे से भरा जाता है।
23 May 2016
राजस्थान में शिक्षा के भगवाकरण की बड़ी छलांग
राजस्थान सरकार ने पाठ्य पुस्तकों को पूरी तरह बदलकर उन्हें संघी एजेण्डे के अनुरूप ढाल दिया है। ये बदली हुयी पाठ्य पुस्तकें अगले सत्र से लागू कर दी जाएगीं। पुस्तकें लिखने के लिए बनायी गयी 8 सदस्यी टीम के सामने वसुंधरा राजे सरकार ने स्पष्ट कर दिया था कि वे किताबें इस तरह से बनाए जिससे शिक्षा को भगवा रंग चढ़ाया जा सके। इससे पूर्व भी राजस्थान सरकार बड़े पैमाने पर शिक्षा के भगवाकरण की मुहिम में लगी हुयी थी। सूर्य नमस्कार से लेकर भगवद् गीता को स्कूलों में अनिवार्य किया जा चुका है। मोदी भक्ति में डूबी वसुंधरा सरकार ने मोदी को ही पाठ्यक्रम में शामिल कर दिया था। चैतरफा विरोध के बाद ही सरकार को अपने कदम पीछे खींचने पड़े।
कोई हारा-कोई जीता, हम वहीं के वहीं
5 राज्यों में विधान सभा चुनाव
5 राज्यों में विधान सभा चुनाव के परिणाम आ चुके हैं। इन परिणामों ने एक बार फिर से पूंजीवादी लोकतंत्र की हकीकत उजागर की। तमिलनाडु में तो भारी पैमाने में पैसे-शराब के बंटने को देख चुनाव आयोग को भी सख्त किन्तु र्निजीव टिप्पणी करनी पड़ गयी। कम ज्यादा यही स्थिति अन्य राज्यों में भी रही। विकल्प हीनता की स्थिति में खड़ी जनता एक के बाद दूसरे, दूसरे के बाद फिर पहले को चुनकर इसे उजागर कर रही है।
16 May 2016
जेएनयू से जादवपुर तक छात्र संघर्षरत
शिक्षण संस्थानों को अपने फासीवादी हमले का निशाना बनाने की सरकारी मुहिम बदस्तूर जारी है। मोदी सरकार देश के उच्च शिक्षण संस्थानों को संघ की पाठशाला में तब्दील करने पर उतारू है। इसके लिए वह शिक्षण संस्थानों में छात्रों के जनवाद का गला घोंटने के साथ-साथ हर तरह की प्रगतिशीलता,वैज्ञानिकता,तर्कपरकता का कत्ल कर कूपमंडूकता का राज कायम करना चाहती है। इसकी शुरूआत उसने स्मृति ईरानी को मानव संसाधन विकास मंत्री बनाकर की। स्मृति ईरानी सत्ता में बैठने के बाद से ही एक-एक कर छात्रों पर संघी हमले बोलने का काम कर रही हैं।
13 May 2016
कोटा आत्महत्याएंः पूंजीवादी प्रतियोगिता की भेंट चढ़ते छात्र
8 मई को दो और छात्रों ने कोटा, राजस्थान में आत्महत्या कर ली। इससे 10 दिन पूर्व भी एक 17 वर्षीय छात्रा ने आई.आई.टी. में नम्बर कम आने की वजह से आत्महत्या कर ली थी। इस वर्ष विभिन्न समयों पर लगभग 8 छात्र पहले ही आत्महत्या कर चुके हैं। पिछले वर्ष यह आंकड़ा 30 तक पहुंच चुका था। नौजवानों का इस तरह मौत को गले लगा लेना बेहद चिंता का विषय है। आम तौर पर आत्महत्या के लिए छात्र को ही एक मात्र दोषी समझ कर, उसके व्यक्तित्व की कमजोरी कहकर संतुष्ट हो लिया जाता है। किन्तु यदि हम उन हालातों की गहराई में जाये जिन वजहों से कोई छात्र आत्महत्या के लिए मजबूर हो रहा है तो कई कोचिंग संस्थान यहां तक की यह पूंजीवादी व्यवस्था ही कटघरे में खड़ी नजर आयेगी।
3 May 2016
JNU के छात्रों का संघर्ष जिन्दाबाद!
JNU लम्बे समय से चल रहे छात्र संघर्षो के कारण चर्चा में है। 9 फरवरी से शुरू हुआ संघर्ष आज भी जारी है। JNU के बहादुर छात्र साथियों द्वारा जो संघर्ष चलाया जा रहा है उसे देश-दुनिया के सभी इंसाफ पसंद छात्र अपना समर्थन दे रहे हैं।
1 April 2016
सड़ती-बजबजाती पूंजीवादी राजनीति से नाता तोड़ें- इंकलाब से नाता जोड़ें।।
उत्तराखण्ड में सत्ता संघर्ष
साथियो,
पिछले दिनों हमारे राज्य उत्तराखण्ड में जिस तरह पार्टियों के बीच सत्ता-सुख के लिए आपस में तू-तू ,मैं-मैं से लेकर खरीद फरोख्त चली, उससे हम सभी वाकिफ हैं। पिछले दो हफ्तों में भाजपा कांग्रेस में यह साबित करने की मानो होड़ मची थी कि कौन कितना धूर्त, चालाक, शातिर व षड्यंत्रकारी है। कौन किसके कितने विधायकों को तोड़, खरीद सकता है। कांग्रेसी सरकार और विपक्षी भाजपा का यह बेशर्म खेल अभी चल ही रहा था कि केन्द्र की मोदी सरकार ने राष्ट्रपति शासन की घोषणा कर दिखा दिया कि भारतीय लोकतंत्र में केन्द्र के आगे राज्यों की कोई औकात नहीं है जो भी राज्य मोदी सरकार की इच्छानुसार नहीं चलेंगे, उन्हें अरुणाचल, उत्तराखण्ड की तरह केन्द्र धारा 356 का इस्तेमाल कर राष्ट्रपति शासन लगा सबक सिखायेगा। मोदी सरकार की यह फासीवादी तानाशाही बेहद घृणित है। हालांकि न्यायालय ने इसी दौरान सुनवाई कर सत्ता संघर्ष के खेल को दोबारा चालू करा केन्द्र की योजना पर पानी डाल दिया है।
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