21 March 2025

अमर शहीदों का अधूरा सपना मिलकर हमें है पूरा करना…


अमर शहीदों के 94वें शहादत दिवस पर छात्रों-नौजवानों को हमारा आह्वान।

साथियो,
          यह साल भारत की आजादी के आंदोलन में महत्वपूर्ण घटनाक्रम काकोरी ट्रेन एक्शन का सौवां साल है। इस घटना ने लुटेरे अंग्रेजी साम्राज्य को सीधी चुनौती दी। देश की आजादी के लिए ही 27 फरवरी 1931 को चंद्रशेखर आज़ाद और 23 मार्च 1931 को भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु शहीद हो गए थे। आज उनकी शहादत को लगभग 100 साल पूरे होने को हैं, उन्हें याद करते हुए आज हमारे मन में कुछ सवाल उभरते हैं; कौन थे वे लोग जिन्होंने एक आदर्श के लिए अपने को कुर्बान कर दिया? कैसा देश बनाना चाहते थे वो और क्या उनके सपनों का भारत हम बना पाए हैं? आइए, इन सवालों पर विचार करें:

19 March 2025

छात्र आंदोलन का गला घोटने चला उस्मानिया विश्वविद्यालय।



     तेलंगाना के उस्मानिया विश्वविद्यालय प्रशासन ने आदेश जारी कर विश्वविद्यालय और उससे जुड़े कैम्पसों में धरना प्रदर्शन, नारेबाजी, आंदोलन के सभी रूपों पर रोक लगा दी। इसका विरोध होने पर वि.वि. प्रशासन ने कहा कि यह 'पूर्ण प्रतिबंध' नहीं है। विवि प्रशासन के कामों के सुचारू संचालन में बाधा के नाम पर इन प्रतिबंधों को लागू किया जा रहा है।

18 March 2025

यूं, बेमौत मरना बहुत बुरा है।




     आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में 37 वर्षीय वी. चंद्रशेखर ने अपने छह और सात साल के बच्चों की हत्या कर दी। खुद भी आत्महत्या कर ली। सुसाइड नोट में हत्या का कारण बच्चों का पढ़ाई में कमजोर होना बताया। हर समय गलाकाटू प्रतियोगिता के लिए तैयार होने की बातें होती हैं। प्रतियोगिता के साये में बच्चों, नौजवानों से लेकर माता-पिता तक सब रहते हैं। बाजार में मालों की होड़ से लेकर, अपने को बाजार के लायक बनाने की इंसानी होड़ ही पूंजीवाद की सच्चाई है। क्या समाज ऐसा ही हो सकता है?

27 February 2025

Democracy | Rights | Barriers


                 लड़ो जामिया। ✊

     जामिया प्रशासन ने जामिया के आम छात्रों के मुद्दों को उठाने वाले स्टूडेंट एक्टिविस्ट्स को पहले कारण बताओ नोटिस दिया। फिर कैंपस में पुलिस बुलाकर उन छात्रों को पिटवाया, उन्हें थानों में बंद कराया और जब इससे भी प्रशासन का मन नहीं भरा तो लगभग 20 छात्रों को सस्पेंड कर उनकी निजी जानकारी सार्वजनिक कर दी गई। VC इन छात्रों को खुले मंच से "दुश्मन" कहते हैं।

5 January 2025

BHU में BSM के गिरफ्तार साथियों को तत्काल रिहा करो!



बीते 25 दिसंबर को BHU में मनुस्मृति दहन दिवस पर एक चर्चा का आयोजन भगत सिंह स्टूडेंट्स मोर्चा (BSM) द्वारा किया जाता है। लेकिन जैसे ही यूनिवर्सिटी प्रशासन को इसकी खबर लगती है, वो छात्रों पर हमलावर हो जाता है। उनके साथ जबरदस्ती मारपीट कर के इस कार्यक्रम को करने से रोकता है।

25 December 2024

भगतसिंह पर हमले का विरोध करें!


     कानपुर लिटरेचर फेस्टिवल में इतिहासकार अपर्णा वैदिक और कारवां नाम से इतिहास संबंधी विषयों पर एक प्लेटफार्म चलाने वाले ईशान शर्मा ने शहीद ए आज़म भगत सिंह को लेकर अपमानजनक शब्दों का चयन किया। दर्शकों ने इस पर कठोर आपत्ति जताई, जिसके बाद इन्होंने "शब्दों के गलत चयन" की गलती मानी और माफी मांगी। आयोजक अतुल तिवारी ने भी इसके लिए माफी मांगी। परिवर्तनकामी छात्र संगठन शहीद भगत सिंह व अन्य क्रांतिकारियों के अपमान की निंदा करता है, साथ ही ऐसी गलती का दोहराव न करने की अपील करता है।

27 November 2024

काकोरी ट्रेन एक्शन के सौ साल

"खूं से ही हम शहीदों के, फौज बना देंगे!”


   11 जून, 1897 को शाहजहांपुर में जन्मे रामप्रसाद को 19 दिसंबर, 1927 को गोरखपुर जेल में फांसी दी गई। आप उम्दा शायर भी थे। औपनिवेशिक शासन से आहत होकर 'बिस्मिल' उपनाम अपनाया। "हम अमन चाहते हैं जुल्म के खिलाफ/फैसला गर जंग से होगा तो जंग ही सही।"


   22 अक्टूबर, 1900 को शाहजहांपुर में जन्मे अशफाक उल्ला खान को 19 दिसंबर, 1927 को फैजाबाद जेल में फांसी दी गई। रामप्रसाद से मित्रता-प्रेमभाव ऐसा कि अशफाक-बिस्मिल का नाम एक साथ ही लिया जाता है। "दिलवाओ हमें फांसी ऐलान से कहते हैं/खूं से ही हम शहीदों के फौज बना देंगे।"

26 August 2024

15 दिन से भूख हड़ताल में बैठे JNU छात्र संघ के समर्थन में एकजुटता बयान!


2014 से देश की सत्ता पर काबिज मोदी सरकार और एकाधिकारी पूंजीपतियों का गठबंधन जनतांत्रिक मूल्यों पर लगातार हमलावर है। देश के सबसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में से एक जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय पर संघ-भाजपा की तीखी नजर रही है। इन्होंने JNU को, वहां की जनपक्षधर संस्कृति को बदनाम करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है। सरकार लगातार नियोजित तरीके से जेएनयू पर हमलावर है। उसे ध्वस्त करने के लिए सारी तरकीबें अपना रही है। वहीं इसके खिलाफ छात्रों का संघर्ष भी जारी है।

24 August 2024

जनवाद की हत्या बंद करो!


PSF पर लगाया बैन वापस लो!

बीते 19 अगस्त को महाराष्ट्र के टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS) ने अपना एक तुगलकी फरमान जारी करते हुए। PSF नाम के एक वामपंथी छात्र संगठन को प्रतिबंधित कर दिया।

22 July 2024

बांग्लादेश के छात्रों का आरक्षण विरोधी संघर्ष


विगत 1 जुलाई को बांग्लादेश के ढाका उच्च न्यायालय के आदेश पर आरक्षण की पुरानी व्यवस्था बहाल करने के विरोध में छात्रों के प्रदर्शन शुरू हुए। 2018 में आरक्षण विरोधी प्रदर्शनों के दबाव में प्रधानमंत्री शेख हसीना ने आरक्षण समाप्त कर दिया था। अदालत के रास्ते आरक्षण के पक्ष में फैसला आने से छात्र सड़कों पर उतरने को मजबूर हुए। प्रदर्शनों का पुलिस ने आंसू गैस, लाठीचार्ज, गोली मारकर दमन किया। पुलिस के अलावा सेना का भी इस्तमाल किया गया है। देशव्यापी इंटरनेट सेवाएं बन्द की गई हैं। छात्रों के इस जुझारू संघर्ष में अब तक 115 लोगों के मारे जाने की खबर है। 21 जुलाई को सर्वोच्च अदालत ने आरक्षण को सीमित करने का फैसला दिया। साथ ही छात्रों से विश्वविद्यालयों में जाकर पढ़ने की अपील की है।