“मी टू'' अभियान में इन दिन कई भारतीय हस्तियां बेनकाब हो रही है। फ़िल्मी कलाकारों से लेकर राजनेता आदि कई चर्चित नामो का खुलासा बीते दिनों में हुए। समाज ने एक बहस “मी टू" को लेकर चल रही है। इस पूरे मामले को छात्र-नौजवानों को कैसे देखना चाहिए इसे समझने के लिए नागरिक समाचार पत्र में छपा यह लेख बहुत उपयोगी है।
सड़ते-गलते पूंजीवादी समाज की एक ऐसी सच्चाई जिसे हर सामान्य, हर मजदूर-मेहनतकश स्त्री अपने रोज के अनुभव से जानती है, वह है उसके साथ होने वाला यौन दुर्व्यवहार। यह यौन दुर्व्यवहार सामान्य छेड़छाड़, फब्तियां कसने से लेकर वीभत्स गैंग रेप से आगे हत्या तक जाता है।


