शिक्षा पर संघी गिरोह द्वारा किए जा रहे हमलों के खिलाफ एकजुट हो !!
डीयू में ‘दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टैंडिंग कमेटी आॅन अकैडमिक मैटर्स’ ने दलित चिंतक कांचा इलैया द्वारा लीखित ‘गाॅड ऐज पाॅलिटिकल फिलाॅसफर’, वाय आइ एम नाॅट हिंदू, ‘पोस्ट हिंदू इंडिया’, नंदिनी सुंदर द्वारा लिखित ‘बर्निंग बस्तर’ और क्रिस्टोफर जैफरलाॅट की ‘द मिलिशियाज आॅफ हिंदुत्व’ जैसी किताबों को एम.ए. राजनीतिक विज्ञान के पाठ्यक्रम से हटाने का सुझाव दिया है। यही नही डीयू के पाठ्यक्रम में कहीं भी ‘दलित’ शब्द का उपयोग करने पर भी आपत्ति जताते हुए ‘स्टेंडिंग कमेटी’ द्वारा इसे न प्रयोग करने का सुझाव दिया गया है। ये दोनों सुझाव एकेडमिक काउंसिल को भेजे गए हैं। वहां से फैसला आने के बाद ही इसे लागू किया जाएगा।


