9 September 2022

आइये! उत्तराखंड में भर्ती घोटाले के विरोध में आवाज उठायें।



        UKSSSC (उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग) उत्तराखण्ड में विभिन्न भर्तियों में पेपर लीक, भ्रष्टाचार की जांच STF (स्पेशल टास्क फोर्स) द्वारा की जा रही है। ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (2016), दरोगा भर्ती (2015), वन रक्षक भर्ती (2018), वन दरोगा भर्ती (2021), आदि भर्तियों की जांच चल रही है। इसके अलावा सचिवालय में विधानसभा अध्यक्ष द्वारा परिजनों, रिश्तेदारों की मनमानी नियुक्ति का मामला भी सामने आया है। अभी तक दर्जनों गिरफ्तारी होने के बावजूद भर्ती घोटाले में मुख्य आरोपी खुले घूम रहे हैं। सीबीआई जांच की मांग हो रही है।

19 June 2022

छात्र-युवा विरोधी 'अग्निपथ' योजना को तत्काल वापस लो!

मोदी सरकार होश में आओ, नौजवानों से मत टकराओ।
अग्निपथ-अग्निवीर के नाम पर बेरोजगारों को ठगना बंद करो।
सेना में 4 साल के लिए ठेके पर भर्ती की योजना वापस लो।
सेना में रिक्त एक लाख पदों पर तत्काल स्थाई नियुक्तियां करो।
प्रदर्शनकारी नौजवानों पर लाठीचार्ज करना बन्द करो। और दर्ज मुकदमे वापस लो।
देशभर में खाली पड़े 60 लाख पदों पर भर्ती निकालकर पदों पर स्थाई नियुक्ति दो।
सरकारी संस्थानों को बेचना बंद करो। ठेकेदारी प्रथा खत्म कर सबको स्थाई रोजगार दो।

दोस्तो,
          केन्द्र की मोदी सरकार ने हम बेरोजगार नौजवानों पर एक बार फिर से हमला बोला है। इस बार ये हमला 'अग्निपथ' योजना के नाम पर बोला गया है। इस योजना के तहत भारतीय सेना में हर साल 40 से 50 हजार पदों पर भर्ती निकाल कर युवाओं को सिर्फ 4 साल के लिए सेना में भरती किया जायेगा। 4 साल बाद इनमें से 25% को रिटेन किया जायेगा बाकी 75% को अपने-अपने 'अग्निपथों' पर भटकने के लिए छोड़ दिया जायेगा।

12 March 2022

शिक्षण संस्थानों में लैटरल इंट्री का आरंभ।

ये कदम लाखों छात्रों का भविष्य खत्म करने वाला है ।


        यूजीसी द्वारा हाल ही में एक प्रस्ताव पर चर्चा हुई। इस प्रस्ताव द्वारा UPSC की तरह ही उच्च शिक्षण संस्थानों में किए जाने वाले शिक्षण कार्यों में भी लैटरल इंट्री को लागू किया जाएगा।

24 February 2022

वंचितों के हकों पर डकैती नहीं चलेगी।

ज्ञान पर पाबंदी नहीं चली है, नहीं चलेगी।


        केन्द्र की भाजपा सरकार ने सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण मंत्रालय द्वारा एक संशोधित गाइडलाइन जारी की है। इस गाइडलान के तहत नेशनल ओवरसीज स्कालरशिप (NOS) के तहत मिलने वाली स्कालरशिप अब ‘भारतीय संस्कृति’, ‘विरासत’, ‘इतिहास’ और ‘सामाजिक अध्ययन’ जैसे विषयों पर विदेशी विश्व विद्यालयों में शोध करने के लिए नहीं दी जायेगी। अभी तक इसमें छात्र अपनी इच्छानुसार किसी भी विषय पर शोध कर सकता था।

23 February 2022

हिजाब के बहाने साम्प्रदायिक धुर्वीकरण करते, संघ-भाजपा


        कर्नाटक से उपजा हिजाब विवाद अब पूरे देश में चर्चा में है। कर्नाटक के स्कूलों में हिजाब पहनने पर प्रतिबंध लगाने के बाद पहले वहां एक स्कूल की मुस्लिम छात्राओं ने इसका विरोध किया। मुस्लिम छात्राओं के विरोध के बाद हिन्दू छात्र-छात्राएं भी भगवा शाल व पगड़ी पहनकर स्कूल आने लगे। जिससे आमने-सामने टकराहटें होने लगीं और मसला पूरे कर्नाटक में सांप्रदायिक ध्रुवीकरण का जरिया बन गया। आज कर्नाटक सहित देश में हिजाब के समर्थन और विरोध में ध्रुवीकरण तेजी पर है और लगातार प्रदर्शन जारी हैं।

8 February 2022

राजनैतिक पार्टियों, विधायक प्रत्याशियों के नाम छात्रों का खुला पत्र



साथियों
          आजकल उत्तराखंड में विधानसभा चुनावों का शोर जोरों पर है। चुनाव लड़ने वाले सभी दल सभाओं में, घरों में आकर वोट मांग रहे हैं। बड़ी-बड़ी घोषणाएं कर रहे हैं। यह सारे दल जनता को भरमाने के लिए एक के बाद एक चुनावी घोषणाएं कर रहे हैं। भाजपा पिछले 5 साल से सत्ता में थी। वह इन 5 सालों का हिसाब नहीं दे रही है। वह 'डबल इंजन' के नाम पर बनाई सरकार के कुकर्मों को खुद याद नहीं करना चाहती है। आज भाजपा फिर नई घोषणाएं कर रही है।

आइये अपनी मांगो को प्रस्तुत करें! और संघर्ष के लिए आगे आएं।


दोस्तो,
          उत्तर प्रदेश सहित पांच राज्यों में चुनाव जारी हैं। लेकिन इन चुनावों में धर्म- जाति व कथित गुंडाराज- कानून का राज के शोर में हम छात्र - नौजवान व हमारे मुद्दे कहाँ हैं? कोई भी पार्टी/प्रत्याशी प्रमुखता से युवाओं के मुद्दों को क्यों नहीं उठा रही है?

25 January 2022

सत्ता परिवर्तन नहीं, व्यवस्था परिवर्तन हेतु संघर्ष के लिये आगे आयें!

भगत सिंह ने यह बात अंग्रेजों की संसद के बारे में कही थी लेकिन यह आज भी 100 फीसदी सच है।भगत सिंह ने कहा था-
**....... बहुत कुछ सोचने के बाद भी एक ऐसी संस्था के अस्तित्व का औचित्य हमारी समझ में नहीं आ सका जो, बावजूद उस तमाम शानो-शौकत के, जिसका आधार भारत के करोड़ों मेहनतकशों की गाढ़ी कमाई है, केवल मात्र दिल को बहलाने वाली, थोथी, दिखावटी और शरारतों से भरी हुई एक संस्था है। हम सार्वजनिक नेताओं की मनोवृत्ति को समझ पाने में भी असमर्थ हैं। हमारी समझ में नहीं आता कि हमारे नेतागण भारत की असहाय परतंत्रता की खिल्ली उड़ाने वाले इतने स्पष्ट एवं पूर्वनियोजित प्रदर्शनों पर सार्वजनिक सम्पत्ति एवं समय बर्बाद करने में सहायक क्यों बनते हैं।**

18 January 2022

परिवर्तनकामी छात्र संगठन का दो दिवसीय केंद्रीय सम्मेलन सफलता पूर्वक संपन्न!



पछास का दो दिवसीय केंद्रीय सम्मेलन 25-26 दिसंबर को बरेली में सम्पन्न हो गया। इस सम्मेलन में संगठन ने दो दिनों तक अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय परिस्थितियों और शिक्षा जगत में आए बदलावों पर गहन चर्चा करते हुए राजनीतिक रिपोर्ट को पास किया। साथ ही इन बदलावों की रोशनी में संगठन के लिए नई कार्य दिशा को भी सूत्रित किया।

10 June 2021

कामरेड नगेंद्र को लाल सलाम! ✊✊✊

       बेहद दुःखद सूचना है कि इंकलाबी मज़दूर केंद्र (इमके) के उपाध्यक्ष कामरेड नगेंद्र का 47 वर्ष की अल्पायु में निधन हो गया है। आज दिनांक 10 जून को रात करीब 8 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। साथी पिछले 2 साल से अधिक समय से कैंसर से जूझ रहे थे।

साथी नगेन्द्र लम्बे समय तक परिवर्तनकामी छात्र संगठन से जुड़े रहे। साथी पछास के उपाध्यक्ष भी रहे। साथी ने लंबे समय तक 'परचम' पत्रिका के संपादन की जिम्मेदारी उठाई। मौजूदा समय में साथी 'नागरिक' समाचार पत्र के संपादन की जिम्मेदारी उठा रहे थे।