24 February 2022

वंचितों के हकों पर डकैती नहीं चलेगी।

ज्ञान पर पाबंदी नहीं चली है, नहीं चलेगी।


        केन्द्र की भाजपा सरकार ने सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण मंत्रालय द्वारा एक संशोधित गाइडलाइन जारी की है। इस गाइडलान के तहत नेशनल ओवरसीज स्कालरशिप (NOS) के तहत मिलने वाली स्कालरशिप अब ‘भारतीय संस्कृति’, ‘विरासत’, ‘इतिहास’ और ‘सामाजिक अध्ययन’ जैसे विषयों पर विदेशी विश्व विद्यालयों में शोध करने के लिए नहीं दी जायेगी। अभी तक इसमें छात्र अपनी इच्छानुसार किसी भी विषय पर शोध कर सकता था।

23 February 2022

हिजाब के बहाने साम्प्रदायिक धुर्वीकरण करते, संघ-भाजपा


        कर्नाटक से उपजा हिजाब विवाद अब पूरे देश में चर्चा में है। कर्नाटक के स्कूलों में हिजाब पहनने पर प्रतिबंध लगाने के बाद पहले वहां एक स्कूल की मुस्लिम छात्राओं ने इसका विरोध किया। मुस्लिम छात्राओं के विरोध के बाद हिन्दू छात्र-छात्राएं भी भगवा शाल व पगड़ी पहनकर स्कूल आने लगे। जिससे आमने-सामने टकराहटें होने लगीं और मसला पूरे कर्नाटक में सांप्रदायिक ध्रुवीकरण का जरिया बन गया। आज कर्नाटक सहित देश में हिजाब के समर्थन और विरोध में ध्रुवीकरण तेजी पर है और लगातार प्रदर्शन जारी हैं।

8 February 2022

राजनैतिक पार्टियों, विधायक प्रत्याशियों के नाम छात्रों का खुला पत्र



साथियों
          आजकल उत्तराखंड में विधानसभा चुनावों का शोर जोरों पर है। चुनाव लड़ने वाले सभी दल सभाओं में, घरों में आकर वोट मांग रहे हैं। बड़ी-बड़ी घोषणाएं कर रहे हैं। यह सारे दल जनता को भरमाने के लिए एक के बाद एक चुनावी घोषणाएं कर रहे हैं। भाजपा पिछले 5 साल से सत्ता में थी। वह इन 5 सालों का हिसाब नहीं दे रही है। वह 'डबल इंजन' के नाम पर बनाई सरकार के कुकर्मों को खुद याद नहीं करना चाहती है। आज भाजपा फिर नई घोषणाएं कर रही है।

आइये अपनी मांगो को प्रस्तुत करें! और संघर्ष के लिए आगे आएं।


दोस्तो,
          उत्तर प्रदेश सहित पांच राज्यों में चुनाव जारी हैं। लेकिन इन चुनावों में धर्म- जाति व कथित गुंडाराज- कानून का राज के शोर में हम छात्र - नौजवान व हमारे मुद्दे कहाँ हैं? कोई भी पार्टी/प्रत्याशी प्रमुखता से युवाओं के मुद्दों को क्यों नहीं उठा रही है?

25 January 2022

सत्ता परिवर्तन नहीं, व्यवस्था परिवर्तन हेतु संघर्ष के लिये आगे आयें!

भगत सिंह ने यह बात अंग्रेजों की संसद के बारे में कही थी लेकिन यह आज भी 100 फीसदी सच है।भगत सिंह ने कहा था-
**....... बहुत कुछ सोचने के बाद भी एक ऐसी संस्था के अस्तित्व का औचित्य हमारी समझ में नहीं आ सका जो, बावजूद उस तमाम शानो-शौकत के, जिसका आधार भारत के करोड़ों मेहनतकशों की गाढ़ी कमाई है, केवल मात्र दिल को बहलाने वाली, थोथी, दिखावटी और शरारतों से भरी हुई एक संस्था है। हम सार्वजनिक नेताओं की मनोवृत्ति को समझ पाने में भी असमर्थ हैं। हमारी समझ में नहीं आता कि हमारे नेतागण भारत की असहाय परतंत्रता की खिल्ली उड़ाने वाले इतने स्पष्ट एवं पूर्वनियोजित प्रदर्शनों पर सार्वजनिक सम्पत्ति एवं समय बर्बाद करने में सहायक क्यों बनते हैं।**

18 January 2022

परिवर्तनकामी छात्र संगठन का दो दिवसीय केंद्रीय सम्मेलन सफलता पूर्वक संपन्न!



पछास का दो दिवसीय केंद्रीय सम्मेलन 25-26 दिसंबर को बरेली में सम्पन्न हो गया। इस सम्मेलन में संगठन ने दो दिनों तक अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय परिस्थितियों और शिक्षा जगत में आए बदलावों पर गहन चर्चा करते हुए राजनीतिक रिपोर्ट को पास किया। साथ ही इन बदलावों की रोशनी में संगठन के लिए नई कार्य दिशा को भी सूत्रित किया।

10 June 2021

कामरेड नगेंद्र को लाल सलाम! ✊✊✊

       बेहद दुःखद सूचना है कि इंकलाबी मज़दूर केंद्र (इमके) के उपाध्यक्ष कामरेड नगेंद्र का 47 वर्ष की अल्पायु में निधन हो गया है। आज दिनांक 10 जून को रात करीब 8 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। साथी पिछले 2 साल से अधिक समय से कैंसर से जूझ रहे थे।

साथी नगेन्द्र लम्बे समय तक परिवर्तनकामी छात्र संगठन से जुड़े रहे। साथी पछास के उपाध्यक्ष भी रहे। साथी ने लंबे समय तक 'परचम' पत्रिका के संपादन की जिम्मेदारी उठाई। मौजूदा समय में साथी 'नागरिक' समाचार पत्र के संपादन की जिम्मेदारी उठा रहे थे।

19 May 2021

फिलीस्तीन पर इस्राइली हमलों का विरोध करो!

इस्राइली शासकों द्वारा फिलीस्तीनियों के नरसंहार का विरोध करो!!


     पिछली 10 मई से इस्राइली शासकों द्वारा फिलीस्तीनियों पर हमले जारी हैं। अब तक इन हमलों में 200 से भी अधिक लोगों की हत्या की जा चुकी है। इन हमलों में मासूम बच्चों को भी मिसाइली हमले का शिकार बनाया गया है। भारी संख्या में इस्राइली मिसाइलों ने फिलीस्तीन के अस्पतालों, स्कूलों व घरों को निशाना बनाया है। फिलीस्तीन की तरफ से कट्टरपंथी संगठन हमास भी इस्राइली हमले का जवाब दे रहा है। लेकिन हमास के हमले इस्राइली हमलों के आगे कहीं नहीं ठहरते। इस्राइल हमास के ज्यादातर मिसाइलों को हवा में नष्ट कर दे रहा है। अमेरिकी और यूरोपीय साम्राज्यवादियों की मदद से अपना सैन्यकरण करने वाले इस्राइल के पास जनसंहारक हथियार हैं। वह इन हथियारों का इस्तेमाल फिलीस्तीन पर कर रहा है। जिसकी कीमत फिलीस्तीन के मासूम बच्चों, महिलाओं और आम नागरिकों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ रही है।

17 May 2021

प्रो. लाल बहादुर वर्मा को विनम्र श्रद्धांजलि

     प्रसिद्ध इतिहासकार व वामपंथी बुद्धिजीवी प्रो. लाल बहादुर वर्मा जी का 17 मई को देहरादून में निधन हो गया। वह 5 मई को कोरोना से संक्रमित पाये गये थे। लम्बे इलाज के दौरान ह्रदय गति रुकने से उनकी मृत्यु हो गयी।
  

ये मौतें नहीं नरसंहार है!

     इस समय हमारा देश और हम एक ऐसा दर्द सह रहे हैं जिससे बचा जा सकता था। इस समय हमारा देश एक ऐसा देश बना दिया गया है जहां अपने प्रिय परिजनों को अस्पताल में भर्ती कराने के लिए रोते-गिड़गिड़ाते लोगों और ऑक्सीजन न मिल पाने के कारण तड़प-तड़प कर मर जाने वाले लोगों का मंजर, आम मंजर बन गया है। इस वक्त हमारा देश ऐसा देश बना दिया गया है जहां पर लोग अपने प्रियजनों की लाशों को अपने ही कंधों पर ढोने को मजबूर कर दिये गये हैं। हमने ऐसा पहले कभी नहीं देखा कि मृृतकों के लिए शमशान, लकड़ी और कब्रें भी कम पड़ गयी हों और सैकड़ों की संख्या में लाशें नदी में तैर रही हैं। इन तैरती लाशों को कुत्ते नोंच रहे हैं। कई परिवार तो ऐसे हैं जहां एक की मौत का मातम भी पूरा नहीं हुआ था कि दूसरी, तीसरी,.... मौतें हो गयीं। लोग अपने एक प्रिय की मौत पर सही से रो भी नहीं पाए थे कि अन्य प्रियजनों को बीमारी ने आ घेरा। कई परिवार तो ऐसे हो गये हैं जहां सिर्फ दुधमुहें बच्चे ही बचे हैं, जिनके सिर पर अब किसी का भी आसरा नहीं बचा।