21 July 2025

क्लस्टर/मर्जर के नाम पर स्कूलों को बंद करना नहीं चलेगा!


जनविरोधी राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 वापस लो!!

    'राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020' के कुप्रभावों में से एक 'स्कूलों को मर्जर/क्लस्टर के नाम पर बंद करने' के खिलाफ खासा विरोध हो रहा है। उत्तर प्रदेश में लगभग 27,000 स्कूलों के बन्द होने की संभावना के खिलाफ प्रदेश भर में छात्रों, शिक्षकों, अभिभावकों की विरोध में आवाज़ उठ रही है। उत्तराखंड में भी कई जिलों से स्कूलों के मर्जर का विरोध हो रहा है। इससे पहले हरियाणा, मध्य प्रदेश में भी सरकारें स्कूल बन्द कर चुकी हैं।

22 June 2025

जनसंहारक इज़रायली-अमरीकी शासकों द्वारा ईरान पर हमले का विरोध करो!



     लगभग पिछ्ले डेढ़ साल से अमेरिकी साम्राज्यवादियों की शह पर फिलिस्तीनी जनता पर इजराइली शासकों द्वारा जनसंहार जारी है। 22 जून की सुबह अमेरिकी साम्राज्यवादियों ने सीधे संप्रभुता सम्पन्न ईरान पर हमला कर इस युद्ध के और बढ़ने का खतरा पैदा कर दिया है। इस हमले से पहले से ही पश्चिम एशिया के सीरिया, यमन, लेबनान, जॉर्डन जैसे देश भी युद्ध की चपेट में हैं। अब इसके और फैलाव का खतरा है।

13 June 2025

छात्रों की स्कॉलरशिप पर हमला बंद करो!


हिसार के छात्रों के संघर्ष के साथ खड़े हों।

   चौधरी चरण सिंह कृषि विश्वविद्यालय (HAU) हिसार (हरियाणा) में स्कॉलरशिप बहाली के लिए वाइस चांसलर (डॉ बी आर कंबोज) को ज्ञापन देने गए छात्रों पर यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा किए गए बर्बर लाठी चार्ज की परिवर्तनकामी छात्र संगठन कड़ी निंदा करता है और हम छात्रों की जायज मांगों के समर्थन में उनके साथ खड़े हैं।

1 May 2025

नैनीताल में सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने की कोशिशों पर रोक लगाओ।


   नैनीताल में एक नाबालिग बच्ची से बलात्कार की घटना हुई थी। घटना सामने आने के बाद पुलिस ने उस आरोपी उस्मान को गिरफ्तार कर लिया और उसे 1 मई को कोर्ट में पेश कर दिया गया। घटना में कानून ने अपना काम किया, लेकिन आरोपी का धर्म देखकर साम्प्रदायिक ताकतों को उत्पात मचाने का अवसर मिल गया।

21 March 2025

अमर शहीदों का अधूरा सपना मिलकर हमें है पूरा करना…


अमर शहीदों के 94वें शहादत दिवस पर छात्रों-नौजवानों को हमारा आह्वान।

साथियो,
          यह साल भारत की आजादी के आंदोलन में महत्वपूर्ण घटनाक्रम काकोरी ट्रेन एक्शन का सौवां साल है। इस घटना ने लुटेरे अंग्रेजी साम्राज्य को सीधी चुनौती दी। देश की आजादी के लिए ही 27 फरवरी 1931 को चंद्रशेखर आज़ाद और 23 मार्च 1931 को भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु शहीद हो गए थे। आज उनकी शहादत को लगभग 100 साल पूरे होने को हैं, उन्हें याद करते हुए आज हमारे मन में कुछ सवाल उभरते हैं; कौन थे वे लोग जिन्होंने एक आदर्श के लिए अपने को कुर्बान कर दिया? कैसा देश बनाना चाहते थे वो और क्या उनके सपनों का भारत हम बना पाए हैं? आइए, इन सवालों पर विचार करें:

19 March 2025

छात्र आंदोलन का गला घोटने चला उस्मानिया विश्वविद्यालय।



     तेलंगाना के उस्मानिया विश्वविद्यालय प्रशासन ने आदेश जारी कर विश्वविद्यालय और उससे जुड़े कैम्पसों में धरना प्रदर्शन, नारेबाजी, आंदोलन के सभी रूपों पर रोक लगा दी। इसका विरोध होने पर वि.वि. प्रशासन ने कहा कि यह 'पूर्ण प्रतिबंध' नहीं है। विवि प्रशासन के कामों के सुचारू संचालन में बाधा के नाम पर इन प्रतिबंधों को लागू किया जा रहा है।

18 March 2025

यूं, बेमौत मरना बहुत बुरा है।




     आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में 37 वर्षीय वी. चंद्रशेखर ने अपने छह और सात साल के बच्चों की हत्या कर दी। खुद भी आत्महत्या कर ली। सुसाइड नोट में हत्या का कारण बच्चों का पढ़ाई में कमजोर होना बताया। हर समय गलाकाटू प्रतियोगिता के लिए तैयार होने की बातें होती हैं। प्रतियोगिता के साये में बच्चों, नौजवानों से लेकर माता-पिता तक सब रहते हैं। बाजार में मालों की होड़ से लेकर, अपने को बाजार के लायक बनाने की इंसानी होड़ ही पूंजीवाद की सच्चाई है। क्या समाज ऐसा ही हो सकता है?

27 February 2025

Democracy | Rights | Barriers


                 लड़ो जामिया। ✊

     जामिया प्रशासन ने जामिया के आम छात्रों के मुद्दों को उठाने वाले स्टूडेंट एक्टिविस्ट्स को पहले कारण बताओ नोटिस दिया। फिर कैंपस में पुलिस बुलाकर उन छात्रों को पिटवाया, उन्हें थानों में बंद कराया और जब इससे भी प्रशासन का मन नहीं भरा तो लगभग 20 छात्रों को सस्पेंड कर उनकी निजी जानकारी सार्वजनिक कर दी गई। VC इन छात्रों को खुले मंच से "दुश्मन" कहते हैं।

5 January 2025

BHU में BSM के गिरफ्तार साथियों को तत्काल रिहा करो!



बीते 25 दिसंबर को BHU में मनुस्मृति दहन दिवस पर एक चर्चा का आयोजन भगत सिंह स्टूडेंट्स मोर्चा (BSM) द्वारा किया जाता है। लेकिन जैसे ही यूनिवर्सिटी प्रशासन को इसकी खबर लगती है, वो छात्रों पर हमलावर हो जाता है। उनके साथ जबरदस्ती मारपीट कर के इस कार्यक्रम को करने से रोकता है।

25 December 2024

भगतसिंह पर हमले का विरोध करें!


     कानपुर लिटरेचर फेस्टिवल में इतिहासकार अपर्णा वैदिक और कारवां नाम से इतिहास संबंधी विषयों पर एक प्लेटफार्म चलाने वाले ईशान शर्मा ने शहीद ए आज़म भगत सिंह को लेकर अपमानजनक शब्दों का चयन किया। दर्शकों ने इस पर कठोर आपत्ति जताई, जिसके बाद इन्होंने "शब्दों के गलत चयन" की गलती मानी और माफी मांगी। आयोजक अतुल तिवारी ने भी इसके लिए माफी मांगी। परिवर्तनकामी छात्र संगठन शहीद भगत सिंह व अन्य क्रांतिकारियों के अपमान की निंदा करता है, साथ ही ऐसी गलती का दोहराव न करने की अपील करता है।