आखिरकार छात्र संघ चुनाव पुनः शुरु करवाने में छात्रों ने सफलता पायी है। कोरोना काल में लगी पाबंदियों के बाद सब कुछ शुरु होने के बावजूद छात्र संघ चुनाव के लिए काफी जद्दोजहद करनी पड़ी। अंततः 24 दिसम्बर को कुमाऊं विश्वविद्यालय के कॉलेजों में चुनाव सम्पन्न होने हैं।
22 December 2022
20 December 2022
फीस वृद्धि व छात्र संघ चुनाव की मांग का दमन करता इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में 19 दिसंबर को विश्वविद्यालय प्रशासन की शह पर छात्रों के ऊपर लाठी-डंडों, रॉड, गोली इत्यादि से हमला किया गया। जिसमें दर्जनों छात्रों सहित कई पूर्व छात्रों को गंभीर चोटें आई हैं। कई छात्रों के सर फूटे हैं व कई छात्रों को लाठी, रॉड से मारकर चोटिल किया गया है।
11 December 2022
मौलाना आजाद नेशनल फेलोशिप (MANF) को खत्म करने का फैसला वापस लो!






मोदी सरकार ने छात्रों पर नया हमला करते हुए अल्पसंख्यकों को मिलने वाली मौलाना आजाद नेशनल फेलोशिप(MANF) को खत्म कर दिया है। यह अब वर्ष 2023 से नहीं दी जाएगी।
9 December 2022
आर्थिक आधार पर आरक्षण के बहाने गरीब सवर्णों को छलती मोदी सरकार
22 October 2022
CUET के दावों की खुल गई पोल ... बोल रे साथी हल्ला बोल ।।

16 सितंबर को, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 114 CUET टॉपर्स के नामों की घोषणा की जिन्होंने कम से कम चार या अधिक पेपर में 100 पर्सेंटाइल हासिल किए थे। इंडियन एक्सप्रेस ने 114 टॉपर्स में से 103 से बात की। इन बातों में जो निष्कर्ष निकल कर आए वो CUET लागू करते समय किए गए दावों की पोल खोल रहे हैं। आइए उन दावों और हकीकत को जानते हैं।
21 September 2022
भगत सिंह ने दी आवाज, बदलो-बदलो देश-समाज!
28 सितंबर भगत सिंह के जन्म दिवस पर!
भगत सिंह ने 23 मार्च 1931 को अपनी शहादत से पहले कहा था ‘‘समाज का प्रमुख अंग होते हुए भी आज मजदूरों को उनके प्राथमिक अधिकार से वंचित रखा जा रहा है। और उनकी गाढ़ी कमाई का सारा धन शोषक पूंजीपति हड़प जाते हैं। दूसरों के अन्नदाता किसान अपने परिवार सहित दाने-दाने के लिए मुहताज हैं। दुनिया भर के बाजारों को कपड़ा मुहैया कराने वाला बुनकर अपना तथा अपने बच्चों के तन ढकने भर को कपड़ा नहीं पा रहा है। सुन्दर महलों का निर्माण करने वाले राजगीर, लोहार तथा बढ़ई स्वयं गन्दे बाड़ों में रहकर ही अपनी जीवन लीला समाप्त कर जाते हैं। इसके विपरीत समाज के जोंक शोषक पूंजीपति जरा-जरा सी बातों के लिए लाखों का वारा-न्यारा कर देते हैं।’’ (‘बम काण्ड पर सेशन कोर्ट में भगत सिंह और दत्त का बयान’ से)
15 September 2022
युवा बेरोजगारों की आवाज सुनो मोदी सरकार, बताओ! कहां है हमारा रोजगार?
17 सितम्बर को विगत दो वर्षों से छात्र-युवा राष्ट्रीय बेरोजगार दिवस के रूप में मना रहे हैं। 2020 में थाली, ताली, दिये जलाकर सरकार को जगाने के साथ ही युवाओं-बेरोजगारों ने सड़कों पर उतरकर भी रोजगार की मांग की। छात्रों-युवाओं के आक्रोश का उद्देश्य था कि सरकार रोजगार के मामले में जाग जाये। इस सबके बावजूद सरकार रोजगार उपलब्ध करवाने के मामले में युवा विरोधी, बेरोजगार विरोधी कदम उठाने पर ही लगी हुयी है। यह मांग करता है कि हम छात्र-युवा रोजगार के और अधिक मजबूती से एकजुट हो अपने संघर्ष को आगे बढ़ायें।
9 September 2022
आइये! उत्तराखंड में भर्ती घोटाले के विरोध में आवाज उठायें।
UKSSSC (उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग) उत्तराखण्ड में विभिन्न भर्तियों में पेपर लीक, भ्रष्टाचार की जांच STF (स्पेशल टास्क फोर्स) द्वारा की जा रही है। ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (2016), दरोगा भर्ती (2015), वन रक्षक भर्ती (2018), वन दरोगा भर्ती (2021), आदि भर्तियों की जांच चल रही है। इसके अलावा सचिवालय में विधानसभा अध्यक्ष द्वारा परिजनों, रिश्तेदारों की मनमानी नियुक्ति का मामला भी सामने आया है। अभी तक दर्जनों गिरफ्तारी होने के बावजूद भर्ती घोटाले में मुख्य आरोपी खुले घूम रहे हैं। सीबीआई जांच की मांग हो रही है।
19 June 2022
छात्र-युवा विरोधी 'अग्निपथ' योजना को तत्काल वापस लो!
मोदी सरकार होश में आओ, नौजवानों से मत टकराओ।
अग्निपथ-अग्निवीर के नाम पर बेरोजगारों को ठगना बंद करो।
सेना में 4 साल के लिए ठेके पर भर्ती की योजना वापस लो।
सेना में रिक्त एक लाख पदों पर तत्काल स्थाई नियुक्तियां करो।
प्रदर्शनकारी नौजवानों पर लाठीचार्ज करना बन्द करो। और दर्ज मुकदमे वापस लो।
देशभर में खाली पड़े 60 लाख पदों पर भर्ती निकालकर पदों पर स्थाई नियुक्ति दो।
सरकारी संस्थानों को बेचना बंद करो। ठेकेदारी प्रथा खत्म कर सबको स्थाई रोजगार दो।
दोस्तो,
केन्द्र की मोदी सरकार ने हम बेरोजगार नौजवानों पर एक बार फिर से हमला बोला है। इस बार ये हमला 'अग्निपथ' योजना के नाम पर बोला गया है। इस योजना के तहत भारतीय सेना में हर साल 40 से 50 हजार पदों पर भर्ती निकाल कर युवाओं को सिर्फ 4 साल के लिए सेना में भरती किया जायेगा। 4 साल बाद इनमें से 25% को रिटेन किया जायेगा बाकी 75% को अपने-अपने 'अग्निपथों' पर भटकने के लिए छोड़ दिया जायेगा।
12 March 2022
शिक्षण संस्थानों में लैटरल इंट्री का आरंभ।
ये कदम लाखों छात्रों का भविष्य खत्म करने वाला है ।
24 February 2022
वंचितों के हकों पर डकैती नहीं चलेगी।
ज्ञान पर पाबंदी नहीं चली है, नहीं चलेगी।
23 February 2022
हिजाब के बहाने साम्प्रदायिक धुर्वीकरण करते, संघ-भाजपा
कर्नाटक से उपजा हिजाब विवाद अब पूरे देश में चर्चा में है। कर्नाटक के स्कूलों में हिजाब पहनने पर प्रतिबंध लगाने के बाद पहले वहां एक स्कूल की मुस्लिम छात्राओं ने इसका विरोध किया। मुस्लिम छात्राओं के विरोध के बाद हिन्दू छात्र-छात्राएं भी भगवा शाल व पगड़ी पहनकर स्कूल आने लगे। जिससे आमने-सामने टकराहटें होने लगीं और मसला पूरे कर्नाटक में सांप्रदायिक ध्रुवीकरण का जरिया बन गया। आज कर्नाटक सहित देश में हिजाब के समर्थन और विरोध में ध्रुवीकरण तेजी पर है और लगातार प्रदर्शन जारी हैं।
8 February 2022
राजनैतिक पार्टियों, विधायक प्रत्याशियों के नाम छात्रों का खुला पत्र
साथियों
आजकल उत्तराखंड में विधानसभा चुनावों का शोर जोरों पर है। चुनाव लड़ने वाले सभी दल सभाओं में, घरों में आकर वोट मांग रहे हैं। बड़ी-बड़ी घोषणाएं कर रहे हैं। यह सारे दल जनता को भरमाने के लिए एक के बाद एक चुनावी घोषणाएं कर रहे हैं। भाजपा पिछले 5 साल से सत्ता में थी। वह इन 5 सालों का हिसाब नहीं दे रही है। वह 'डबल इंजन' के नाम पर बनाई सरकार के कुकर्मों को खुद याद नहीं करना चाहती है। आज भाजपा फिर नई घोषणाएं कर रही है।
आइये अपनी मांगो को प्रस्तुत करें! और संघर्ष के लिए आगे आएं।
उत्तर प्रदेश सहित पांच राज्यों में चुनाव जारी हैं। लेकिन इन चुनावों में धर्म- जाति व कथित गुंडाराज- कानून का राज के शोर में हम छात्र - नौजवान व हमारे मुद्दे कहाँ हैं? कोई भी पार्टी/प्रत्याशी प्रमुखता से युवाओं के मुद्दों को क्यों नहीं उठा रही है?
25 January 2022
सत्ता परिवर्तन नहीं, व्यवस्था परिवर्तन हेतु संघर्ष के लिये आगे आयें!
भगत सिंह ने यह बात अंग्रेजों की संसद के बारे में कही थी लेकिन यह आज भी 100 फीसदी सच है।भगत सिंह ने कहा था-
**....... बहुत कुछ सोचने के बाद भी एक ऐसी संस्था के अस्तित्व का औचित्य हमारी समझ में नहीं आ सका जो, बावजूद उस तमाम शानो-शौकत के, जिसका आधार भारत के करोड़ों मेहनतकशों की गाढ़ी कमाई है, केवल मात्र दिल को बहलाने वाली, थोथी, दिखावटी और शरारतों से भरी हुई एक संस्था है। हम सार्वजनिक नेताओं की मनोवृत्ति को समझ पाने में भी असमर्थ हैं। हमारी समझ में नहीं आता कि हमारे नेतागण भारत की असहाय परतंत्रता की खिल्ली उड़ाने वाले इतने स्पष्ट एवं पूर्वनियोजित प्रदर्शनों पर सार्वजनिक सम्पत्ति एवं समय बर्बाद करने में सहायक क्यों बनते हैं।**
18 January 2022
परिवर्तनकामी छात्र संगठन का दो दिवसीय केंद्रीय सम्मेलन सफलता पूर्वक संपन्न!
पछास का दो दिवसीय केंद्रीय सम्मेलन 25-26 दिसंबर को बरेली में सम्पन्न हो गया। इस सम्मेलन में संगठन ने दो दिनों तक अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय परिस्थितियों और शिक्षा जगत में आए बदलावों पर गहन चर्चा करते हुए राजनीतिक रिपोर्ट को पास किया। साथ ही इन बदलावों की रोशनी में संगठन के लिए नई कार्य दिशा को भी सूत्रित किया।
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